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पड़ोसी जनपदों का धान नहीं खरीद सकेंगे केंद्र प्रभारी
Updated Wed, 26 Sep 2018 06:20 PM IST
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पड़ोसी जिलों का धान नहीं खरीद सकेंगे केंद्र प्रभारी
क्रासर.......
15 अक्तूबर तक किसान करा सकेंगे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
एक अक्तूबर से धान खरीद, कार्यशाला में दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
26एलकेएच 06
लखीमपुर खीरी। सरकारी धान खरीद के लिए बुधवार को संबंधित एजेंसियों के जिला प्रबंधकों और उनके केंद्र प्रभारियों की कार्यशाला हुई, जिसमें डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने पारदर्शी ढंग से धान खरीद सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पड़ोसी जनपदों से आने वाला धान क्रय केंद्रों पर नहीं खरीदा जाएगा, बल्कि अपने जनपद के किसानों को प्राथमिकता देनी है। डीएम ने पिछले कुछ वर्षों से सरकारी धान/ गेहूं खरीद में हो रहे घोटालों पर चेताते हुए कहा कि इस बार इमेज को हर हाल में बदलना है। उन्होंने ठेकेदार के तौर पर सफेदपोशों को क्रय केंद्रों से दूर रखने की हिदायत एजेंसियों के प्रबंधकों को दी है।
खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 के लिए कलक्ट्रेट सभागार में जिला खरीद अधिकारी/ एडीएम अरुण कुमार सिंह ने क्रय नीति पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रत्येक केंद्र प्रभारी के पास एक केंद्र का चार्ज रहेगा। किसी दूसरे केंद्र का अतिरिक्त प्रभार नहीं दिया जाएगा। एक अक्तूबर 2018 से क्रय केंद्रों को खोलने से पहले की गई तैयारियों पर समीक्षा की गई। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि 73 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। अब तक 2457 किसानों ने धान बेचने के लिए आनलाइन आवेदन किया है, जो संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले काफी कम है। अभी 15 अक्तूबर 2018 तक किसान आनलाइन आवेदन कर सकेंगे, जिसके बाद बगैर पंजीकृत किसान क्रय केंद्रों पर धान नहीं बेच सकेंगे। डीएम ने धान के मानक को लेकर उठने वाले विवाद पर कहा कि केंद्र प्रभारी उदारता के साथ किसानों से पेश आए। किसी को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। कार्यशाला में मंडी सचिव संतोष यादव, पीसीएफ के जिला प्रबंधक शैलेंद्र शुक्ला, एसएफसी के प्रबंधक संतोष मिश्रा सहित एआरओ, एमआई मौजूद रहे।
बाक्स=
ग्रामीण क्षेत्र के क्रय केंद्रों पर जा सकते हैं सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल की गेहूं खरीद और पिछले वर्ष धान खरीद के दौरान जनपद का दौरा कर क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया था। लिहाजा इस बार भी मुख्यमंत्री के आने के 100 फीसदी चांस हैं। डीएम शैलेंद्र सिंह ने कहा कि सभी केंद्रों पर अभिलेख रखना आवश्यक है। इस बार ग्रामीण क्षेत्र के क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जा सकता है।
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बाक्स=
...और केंद्र प्रभारियों को दावत का घोषणा
धान खरीद के लिए कार्यशाला में डीएम शैलेंद्र सिंह ने पारदर्शिता पर खासा जोर दिया। गेहूं खरीद में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों से सबक लेते हुए डीएम ने जिला प्रबंधकों के साथ ही सभी केंद्र प्रभारियों को पुरानी इमेज को तोड़ने के लिए प्रेरित किया। डीएम ने कहा कि सुचितापूर्ण ढंग से धान खरीद संपन्न होने पर सभी प्रभारियों को आवास पर दावत दी जाएगी, जिसमें बेहतर काम करने वालों को सम्मानित करेंगे।
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क्रासर.......
15 अक्तूबर तक किसान करा सकेंगे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
एक अक्तूबर से धान खरीद, कार्यशाला में दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
26एलकेएच 06
लखीमपुर खीरी। सरकारी धान खरीद के लिए बुधवार को संबंधित एजेंसियों के जिला प्रबंधकों और उनके केंद्र प्रभारियों की कार्यशाला हुई, जिसमें डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने पारदर्शी ढंग से धान खरीद सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पड़ोसी जनपदों से आने वाला धान क्रय केंद्रों पर नहीं खरीदा जाएगा, बल्कि अपने जनपद के किसानों को प्राथमिकता देनी है। डीएम ने पिछले कुछ वर्षों से सरकारी धान/ गेहूं खरीद में हो रहे घोटालों पर चेताते हुए कहा कि इस बार इमेज को हर हाल में बदलना है। उन्होंने ठेकेदार के तौर पर सफेदपोशों को क्रय केंद्रों से दूर रखने की हिदायत एजेंसियों के प्रबंधकों को दी है।
खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 के लिए कलक्ट्रेट सभागार में जिला खरीद अधिकारी/ एडीएम अरुण कुमार सिंह ने क्रय नीति पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रत्येक केंद्र प्रभारी के पास एक केंद्र का चार्ज रहेगा। किसी दूसरे केंद्र का अतिरिक्त प्रभार नहीं दिया जाएगा। एक अक्तूबर 2018 से क्रय केंद्रों को खोलने से पहले की गई तैयारियों पर समीक्षा की गई। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि 73 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। अब तक 2457 किसानों ने धान बेचने के लिए आनलाइन आवेदन किया है, जो संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले काफी कम है। अभी 15 अक्तूबर 2018 तक किसान आनलाइन आवेदन कर सकेंगे, जिसके बाद बगैर पंजीकृत किसान क्रय केंद्रों पर धान नहीं बेच सकेंगे। डीएम ने धान के मानक को लेकर उठने वाले विवाद पर कहा कि केंद्र प्रभारी उदारता के साथ किसानों से पेश आए। किसी को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। कार्यशाला में मंडी सचिव संतोष यादव, पीसीएफ के जिला प्रबंधक शैलेंद्र शुक्ला, एसएफसी के प्रबंधक संतोष मिश्रा सहित एआरओ, एमआई मौजूद रहे।
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ग्रामीण क्षेत्र के क्रय केंद्रों पर जा सकते हैं सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल की गेहूं खरीद और पिछले वर्ष धान खरीद के दौरान जनपद का दौरा कर क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया था। लिहाजा इस बार भी मुख्यमंत्री के आने के 100 फीसदी चांस हैं। डीएम शैलेंद्र सिंह ने कहा कि सभी केंद्रों पर अभिलेख रखना आवश्यक है। इस बार ग्रामीण क्षेत्र के क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जा सकता है।
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...और केंद्र प्रभारियों को दावत का घोषणा
धान खरीद के लिए कार्यशाला में डीएम शैलेंद्र सिंह ने पारदर्शिता पर खासा जोर दिया। गेहूं खरीद में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों से सबक लेते हुए डीएम ने जिला प्रबंधकों के साथ ही सभी केंद्र प्रभारियों को पुरानी इमेज को तोड़ने के लिए प्रेरित किया। डीएम ने कहा कि सुचितापूर्ण ढंग से धान खरीद संपन्न होने पर सभी प्रभारियों को आवास पर दावत दी जाएगी, जिसमें बेहतर काम करने वालों को सम्मानित करेंगे।