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बफरजोन जंगल में रात भर हुई सघन कॉबिंग
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बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व कतर्नियाघाट के वन क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गोल्फर ज्योति रंधावा व महेश विराजदार को शिकार करते पकड़े जाने के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही डीटीआर बफरजोन उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने टीमें बनाकर मैलानी,भीरा रेंज के साथ नेपाल सीमा से सटे जंगल की सघन कॉबिंग कराई गई। डीडी स्वयं भी पूरी रात गश्त पर रहे।
दुधवा टाइगर रिजर्व कतर्नियाघाट (वन्यजीव विहार) में दो दिन इंटरनेशनल गोल्फर ज्योति सिंह रंधावा व उनके साथी महेश विराजदार को वन कर्मियों ने सांभर का शिकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया, उसके पास से लग्जरी गाड़ी के अलावा सांभर की दो खाल, जर्मनी की बनी .22 रायफल समेत तमाम उपकरण बरामद हुए थे। पकड़े गए शिकारी की वन्यजीव तस्करों से साठगांठ होने की आशंका के चलते दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन अलर्ट हो गया है। बुधवार को डीटीआर बफरजोन उपनिदेशक डॉ. अनिल कुुमार पटेल ने वन कर्मियों की कई टीमें गठित कीं। इन टीमों ने एसटीपीएफ के जवानों के साथ पूरे दिन और रात मैलानी, भीरा व नेपाल से सटे संपूर्णानगर और पलिया रेंज जंगल की कॉबिंग की। इस कॉबिंग के दौरान डीडी बफरजोन भी साथ रहे।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने अपने फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि जंगल के किसी भी क्षेत्र में अवैध रूप से घुसपैठ करने वालों की धरपकड़ तेज करें। कहा कि यदि कहीं भी कोई आवांछित गतिविधियां पाई जाती हैं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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मालूम हो कि सर्दियों का मौसम शिकार और वन अपराध के लिहाज से काफी संवेदनशील होता है। सर्दियों के दिनों में आमतौर से गश्त सुस्त हो जाती है। जिसका फायदा उठाकर शिकारी और अपराधी सक्रिय हो जाते हैं। सर्दियों के दिनों में शिकारी हिरनों का शिकार कर उनका मांस खा लेते हैं, खाल और सींग आदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेच देते हैं। सर्दियों के मौसम में बाघ और तेंदुए भी जंगल से निकलकर आबादी से सटे गन्ने के खेतों में आ जाते हैं। इन पर भी शिकारियों की नजर रहती है। गन्ने के खेतों में बाघों, तेंदुओं और हिरनों का शिकार करना उनकी खाल और दूसरे अंग निकालकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचना वन्यजीव तस्करों के लिए आसान रहता है।
दुधवा टाइगर रिजर्व कतर्नियाघाट की मोतीपुर रेंज में शिकारी पकड़े जाने के बाद पूरे डीटीआर में अलर्ट जारी किया गया है। जंगल की सघन कॉबिंग करने के साथ नेपाल से सटे जंगल और रास्तों पर खास नजर रखी जा रही है। लगातार जंगल कॉबिंग कराई जा रही है।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन
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दुधवा टाइगर रिजर्व कतर्नियाघाट (वन्यजीव विहार) में दो दिन इंटरनेशनल गोल्फर ज्योति सिंह रंधावा व उनके साथी महेश विराजदार को वन कर्मियों ने सांभर का शिकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया, उसके पास से लग्जरी गाड़ी के अलावा सांभर की दो खाल, जर्मनी की बनी .22 रायफल समेत तमाम उपकरण बरामद हुए थे। पकड़े गए शिकारी की वन्यजीव तस्करों से साठगांठ होने की आशंका के चलते दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन अलर्ट हो गया है। बुधवार को डीटीआर बफरजोन उपनिदेशक डॉ. अनिल कुुमार पटेल ने वन कर्मियों की कई टीमें गठित कीं। इन टीमों ने एसटीपीएफ के जवानों के साथ पूरे दिन और रात मैलानी, भीरा व नेपाल से सटे संपूर्णानगर और पलिया रेंज जंगल की कॉबिंग की। इस कॉबिंग के दौरान डीडी बफरजोन भी साथ रहे।
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने अपने फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि जंगल के किसी भी क्षेत्र में अवैध रूप से घुसपैठ करने वालों की धरपकड़ तेज करें। कहा कि यदि कहीं भी कोई आवांछित गतिविधियां पाई जाती हैं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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मालूम हो कि सर्दियों का मौसम शिकार और वन अपराध के लिहाज से काफी संवेदनशील होता है। सर्दियों के दिनों में आमतौर से गश्त सुस्त हो जाती है। जिसका फायदा उठाकर शिकारी और अपराधी सक्रिय हो जाते हैं। सर्दियों के दिनों में शिकारी हिरनों का शिकार कर उनका मांस खा लेते हैं, खाल और सींग आदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेच देते हैं। सर्दियों के मौसम में बाघ और तेंदुए भी जंगल से निकलकर आबादी से सटे गन्ने के खेतों में आ जाते हैं। इन पर भी शिकारियों की नजर रहती है। गन्ने के खेतों में बाघों, तेंदुओं और हिरनों का शिकार करना उनकी खाल और दूसरे अंग निकालकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचना वन्यजीव तस्करों के लिए आसान रहता है।
दुधवा टाइगर रिजर्व कतर्नियाघाट की मोतीपुर रेंज में शिकारी पकड़े जाने के बाद पूरे डीटीआर में अलर्ट जारी किया गया है। जंगल की सघन कॉबिंग करने के साथ नेपाल से सटे जंगल और रास्तों पर खास नजर रखी जा रही है। लगातार जंगल कॉबिंग कराई जा रही है।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन