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हमले पर हमला करने वाले बाघ की क्षेत्र में चहलकदमी
Updated Sun, 24 Jun 2018 06:12 PM IST
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बाघ की क्षेत्र में चहलकदमी, ग्रामीण भयभीत
लाउडस्पीकर से प्रसारण कर किया जा रहा सचेत
अमर उजाला ब्यूरो
ममरी। सुंदरपुर के 35 वर्षीय किसान बालकराम पर हमला कर मौत के घाट उतारने वाला बाघ दो शावकों संग अभी तक अपना ठिकाना सुंदरपुर गांव और कठिना नदी के इर्द-गिर्द बनाए हुए हैं। शनिवार की शाम बाघ दो शावकों के साथ चहलकदमी और सरदार जोगा सिंह के नलकूप पर पानी पीते देखे जाने से गांव वाले काफी भयभीत हैं। निगरानी में लगे वनकर्मियों ने भी बाघ के गन्ने और नदी की झाड़ी में छुपे होने की पुष्टि करते हुए गांव वालों से सतर्क रहने को कहा है।
सुंदरपुर के प्रधान चौधरी रामविलास, बीडीसी रामकुमार वर्मा, दयाशंकर, अतुल आदि ग्रामीणों का कहना है कि शनिवार की शाम बाघ दो शावकों के साथ रमेश गुप्ता,जगतपाल के मकान के पिछवाड़े से निकलकर जोगा सिंह के नलकूप पर पानी पीते देखा गया। इसी बाघ ने पहली जून को दूलीपुर के युवक गजराज को घायल कर दिया था, 17 जून को विचरण कर रहे बछड़ों और 18 जून को सुंदरपुर के किसान बालकराम पर हमला कर मार डाला था। सुंदरपुर वासियों का कहना है कि एक तरफ बाघ का खौफ और दूसरी तरफ रात में गांव की बिजली गुल रहने से वहां के लोग काफी भयभीत हैं। विभागीय अधिकारी और शासन-प्रशासन भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। हालत यह है कि बूढ़े, युवा, बच्चे खेतों की ओर जाने से घबरा रहे हैं। बाघ की निगरानी में लगे वनकर्मी खाना पूरी कर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं, फॉरेस्ट रामप्रसाद आदि वनकर्मियों ने भी जोगा सिंह के फार्म पर बाघ को दिखने को सही ठहराया है। उनका कहना है कि बाघ अभी तक कठिना नदी की झाड़ी और गांव के गन्ने के खेतों में छुपा है। गांव वालों के सहयोग से बाघ के पगचिह्न ट्रेस करने का प्रयास हो रहा है। सतर्कता के लिए लाउडस्पीकर से गांव में प्रसारण कराया जा रहा है।
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बॉक्स-
बाघ से भयभीत लोगों ने की बिजली की सुचारू आपूर्ति की मांग
प्रधान रामबिलास चौधरी, बीडीसी रामकुमार वर्मा, पूर्व प्रधान छोटू वर्मा, लालसिंह,दयाशंकर आदि का कहना है कि रात के दौरान सुंदरपुर गांव की बिजली सप्लाई सुचारु रखी जाए तो वहां के लोग उजाले में बाघ को देखकर शोर मचाकर हमले से अपना बचाव कर सकते हैं इस बाबत विभागीय अधिकारियों से फरियाद भी की गई फिर भी किसी ने उस पर ध्यान देना उचित नहीं समझा है।
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लाउडस्पीकर से प्रसारण कर किया जा रहा सचेत
अमर उजाला ब्यूरो
ममरी। सुंदरपुर के 35 वर्षीय किसान बालकराम पर हमला कर मौत के घाट उतारने वाला बाघ दो शावकों संग अभी तक अपना ठिकाना सुंदरपुर गांव और कठिना नदी के इर्द-गिर्द बनाए हुए हैं। शनिवार की शाम बाघ दो शावकों के साथ चहलकदमी और सरदार जोगा सिंह के नलकूप पर पानी पीते देखे जाने से गांव वाले काफी भयभीत हैं। निगरानी में लगे वनकर्मियों ने भी बाघ के गन्ने और नदी की झाड़ी में छुपे होने की पुष्टि करते हुए गांव वालों से सतर्क रहने को कहा है।
सुंदरपुर के प्रधान चौधरी रामविलास, बीडीसी रामकुमार वर्मा, दयाशंकर, अतुल आदि ग्रामीणों का कहना है कि शनिवार की शाम बाघ दो शावकों के साथ रमेश गुप्ता,जगतपाल के मकान के पिछवाड़े से निकलकर जोगा सिंह के नलकूप पर पानी पीते देखा गया। इसी बाघ ने पहली जून को दूलीपुर के युवक गजराज को घायल कर दिया था, 17 जून को विचरण कर रहे बछड़ों और 18 जून को सुंदरपुर के किसान बालकराम पर हमला कर मार डाला था। सुंदरपुर वासियों का कहना है कि एक तरफ बाघ का खौफ और दूसरी तरफ रात में गांव की बिजली गुल रहने से वहां के लोग काफी भयभीत हैं। विभागीय अधिकारी और शासन-प्रशासन भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। हालत यह है कि बूढ़े, युवा, बच्चे खेतों की ओर जाने से घबरा रहे हैं। बाघ की निगरानी में लगे वनकर्मी खाना पूरी कर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं, फॉरेस्ट रामप्रसाद आदि वनकर्मियों ने भी जोगा सिंह के फार्म पर बाघ को दिखने को सही ठहराया है। उनका कहना है कि बाघ अभी तक कठिना नदी की झाड़ी और गांव के गन्ने के खेतों में छुपा है। गांव वालों के सहयोग से बाघ के पगचिह्न ट्रेस करने का प्रयास हो रहा है। सतर्कता के लिए लाउडस्पीकर से गांव में प्रसारण कराया जा रहा है।
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बाघ से भयभीत लोगों ने की बिजली की सुचारू आपूर्ति की मांग
प्रधान रामबिलास चौधरी, बीडीसी रामकुमार वर्मा, पूर्व प्रधान छोटू वर्मा, लालसिंह,दयाशंकर आदि का कहना है कि रात के दौरान सुंदरपुर गांव की बिजली सप्लाई सुचारु रखी जाए तो वहां के लोग उजाले में बाघ को देखकर शोर मचाकर हमले से अपना बचाव कर सकते हैं इस बाबत विभागीय अधिकारियों से फरियाद भी की गई फिर भी किसी ने उस पर ध्यान देना उचित नहीं समझा है।
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