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शारदा का कटान जारी, ग्रामीणों का पलायन शुरू.....
Updated Fri, 31 Aug 2018 11:28 PM IST
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शारदा का कटान जारी, ग्रामीणों का पलायन शुरू
प्रशासन की तरफ से बांटने के लिए पहुंची राहत सामग्री
अमर उजाला ब्यूरो
पलियाकलां। इलाके में बारिश थमने के बाद नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है और कटान तेज हो रही है। शुक्रवार को भी नदी का जलस्तर सुबह से बढ़ना शुरू हुआ था लेकिन शाम पांच बजे तक नदी का जलस्तर जल आयोग के अनुसार खतरे के निशान से एक मीटर दस सेमी ही ऊपर था। नदी का जलस्तर तो ग्रामीणों को राहत पहुंचा रहा है लेकिन हो रहे कटान से ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। जंगल नंबर सात, छंगाटांडा और देशराज टांडा में ग्रामीण अपना घर तोड़कर यहां से पलायन कर रहे हैं। नदी यहां काफी तेजी से कटान कर रही है और गांव के बहुत नजदीक पहुंच चुकी है।
बीते कई दिनों से तबाही मचाने वाली शारदा नदी का जलस्तर सुबह से बढ़ना शुरू हुआ। धीरे-धीरे नदी अपने आवेग में आ गई लेकिन शाम होते-होते नदी का जलस्तर कम होने लगा और पांच बजे तक नदी खतरे के निशान से एक मीटर 10 सेमी पर स्थिर हो गई। नदी ने भीरा इलाके में कटान काफी तेज कर रखा है। नदी ने जंगल नंबर सात, छंगाटांडा, देशराज टांडा और प्रतापटांडा आदि गांव में कटान तेज कर दिया है। यहां के ग्रामीण बीते दो दिनों से ही अपने घरों को तोड़ रहे हैं और शुक्रवार को भी घरों को तोड़ने का सिलसिला चलता रहा और ग्रामीण यहां से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर अपना छप्पर और अन्य घरेलू सामान लादकर पलायन करने लगे।
दौलतापुर में रेलवे लाइन के पास कटान कर रही शारदा नदी से बचाव का कार्य रेलवे की तरफ से तेज कर दिया गया और यहां पर कर्मियों को भी बढ़ाया गया है जिससे जल्द से जल्द कटान को रोकने के उपाय हो सकें। तहसील प्रशासन की तरफ से बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री उपलब्ध कराने का सिलसिला भी शुक्रवार से शुरू हो गया है। तहसील प्रशासन की तरफ से प्रत्येक परिवार को दस-दस किलो आटा, चावल के साथ ही दाल, नमक, रिफाइंड, तिरपाल, जरीकेन, लईया, माचिस, हल्दी, धनिया, मिर्चा के साथ ही अन्य खाद्य सामग्री भेजी गई हैं। जिनका वितरण वहां के लेखपाल व कानूनगो कराएंगे।
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तहसीलदार अनिल कुमार यादव ने बताया कि प्रशासन बाढ़ को लेकर पूरी तरह से सतर्क है और बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री भी आ गई है जिनका वितरण शुरू करा दिया गया है।
नयापुरवा में शारदा का कहर, तेजी से हो रहा कटान
मझगईं। मजरा नयापुरवा में शारदा नदी का कहर जारी है। नदी तेजी से कटान कर घरों की तरफ बढ़ रही है। वहीं बाढ़ का पानी नौगवां जाने वाले मुख्य मार्ग पर दो से ढाई फिट तक चल रहा है। जिससे लोगों को पानी में से होकर गुजरना पड़ रहा है। नयापुरवा का हाल तो यह है कि गांव टापू बन गया है और लोग जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। प्रशासन की तरफ से यहां पर अभी कोई सहायता राशि का वितरण नहीं किया गया है। जबकि प्रधानपति अवधेश गुप्ता ने देर शाम गांव जाकर राहत सामग्री का वितरण कराया है।
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सिंचाई विभाग ने ही खोद डाला साहबदीनपुरवा तटबंध
कई गांवों में घुसा शारदा नदी की बाढ़ का पानी
कटान रोकने को बांध की मिट्टी से बोरियां भर रहा था विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
धौरहरा। ईसानगर के साहबदीनपुरवा में शारदा तटबंध शुक्रवार सुबह आखिर कट गया। बाढ़ कटान रोकने का सिंचाई विभाग का प्रयास दिखावा साबित हुआ। बांध कटने से साहबदीनपुरवा सहित क्षेत्र के दर्जनों गांव जलमग्न हो गए। सिंचाई विभाग खुद ही कटान रोकने के लिए बांध खोद कर बोरियों में मिट्टी भर रहा था। सिंचाई विभाग पर मुख्यमंत्री की चेतावनी का भी असर नहीं दिखा और वह मनमानी करता रहा।
पिछले सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिसैया चौराहे पर आए थे और भूकटान रोकने के लिए अधिकारियों को सख्त हिदायत के साथ चेतावनी भी दी थी। लेकिन सिंचाई विभाग अपने अड़ियल रवैये पर डटा रहा। दिखावे को बंबू कटर लगाकर कटान रोकने का प्रयास शुरू हुआ। इसी के साथ सिंचाई विभाग के अधिकारियों का खेल भी शुरू हो गया। बंबू कटर बने उनमे मिट्टी की बोरियां लगनी थीं। मिट्टी दूसरी जगह से न लाकर बंधे की मिट्टी ही खोद कर बोरियां भर-भर के डालने लगे। आखिर बंबू कटर धरे के धरे रह गये और करोड़ों रुपया फर्जी काम के नाम पर पानी में बह गया।
शुक्रवार को तटबंध कटने के बाद नदी ने छोटकनपुरवा में कटान से देखते देखते दो घर नदी में समा गए जबकि दर्जन भर घर नदी की जद में आ चुके हैं। बांध कटने की वजह से छोटनपुरवा, साहबदीनपुरवा, कैरातीपुरवा सहित दर्जन गांव में पानी भरने से हाहाकार मच गया है। बांध कटने की सूचना पर एसडीएम आशीष मिश्रा मौके पर पहुंच गए और एनडीआरएफ टीम को भी चौकस रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बांघ कटने की जांच कराने की बात कही है।
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खैरटिया, बाबापुरवा में और तेज हुआ मोहाना का कटान
तिकुनिया। भारत नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी का कटान और तेज गया है। नदी में किसानों की गाढ़ी कमाई और जमीन पानी में समाती जा जा रही है कटान इतनी तेजी से हो रहा है कि नदी खैरटिया मजरा बांध रोड के करीब पहुंचती जा रही है जिसके चलते खैरटिया गांव के लोगों की धड़कनें और तेज हो गई हैं।
बाबापुरवा गांव से लेकर खैरटिया मंझरा पूरब तक बने बांध रोड पर मैलानी बहराइच रेलवे ट्रैक है। नदी के उत्तर में खीरी बहराइच जिले का जंगल है। जंगल के किनारे यह नदी कटान करती हुई किनारे के गांव बंदरिया अनूप नगर को निगल लिया। अब नदी किसानों के खेतों की फसल का कटान करती हुई बांध रोड की ओर पहुंच रही है।
मोहाना नदी कटान रोकने के बाबत बाढ़ खंड शारदा नगर प्रभारी सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीसी वर्मा ने बताया कि मोहाना नदी पर ठोकरें बनाने के लिए टीम भेजकर सर्वे कराया जा चुका है। धन मिलते ही यहां ठोकरों को बनाने का काम तेज कर दिया जाएगा।
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शारदा का कटान जारी, ग्रामीणों का पलायन शुरू
प्रशासन की तरफ से बांटने के लिए पहुंची राहत सामग्री
अमर उजाला ब्यूरो
पलियाकलां। इलाके में बारिश थमने के बाद नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है और कटान तेज हो रही है। शुक्रवार को भी नदी का जलस्तर सुबह से बढ़ना शुरू हुआ था लेकिन शाम पांच बजे तक नदी का जलस्तर जल आयोग के अनुसार खतरे के निशान से एक मीटर दस सेमी ही ऊपर था। नदी का जलस्तर तो ग्रामीणों को राहत पहुंचा रहा है लेकिन हो रहे कटान से ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। जंगल नंबर सात, छंगाटांडा और देशराज टांडा में ग्रामीण अपना घर तोड़कर यहां से पलायन कर रहे हैं। नदी यहां काफी तेजी से कटान कर रही है और गांव के बहुत नजदीक पहुंच चुकी है।
बीते कई दिनों से तबाही मचाने वाली शारदा नदी का जलस्तर सुबह से बढ़ना शुरू हुआ। धीरे-धीरे नदी अपने आवेग में आ गई लेकिन शाम होते-होते नदी का जलस्तर कम होने लगा और पांच बजे तक नदी खतरे के निशान से एक मीटर 10 सेमी पर स्थिर हो गई। नदी ने भीरा इलाके में कटान काफी तेज कर रखा है। नदी ने जंगल नंबर सात, छंगाटांडा, देशराज टांडा और प्रतापटांडा आदि गांव में कटान तेज कर दिया है। यहां के ग्रामीण बीते दो दिनों से ही अपने घरों को तोड़ रहे हैं और शुक्रवार को भी घरों को तोड़ने का सिलसिला चलता रहा और ग्रामीण यहां से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर अपना छप्पर और अन्य घरेलू सामान लादकर पलायन करने लगे।
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दौलतापुर में रेलवे लाइन के पास कटान कर रही शारदा नदी से बचाव का कार्य रेलवे की तरफ से तेज कर दिया गया और यहां पर कर्मियों को भी बढ़ाया गया है जिससे जल्द से जल्द कटान को रोकने के उपाय हो सकें। तहसील प्रशासन की तरफ से बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री उपलब्ध कराने का सिलसिला भी शुक्रवार से शुरू हो गया है। तहसील प्रशासन की तरफ से प्रत्येक परिवार को दस-दस किलो आटा, चावल के साथ ही दाल, नमक, रिफाइंड, तिरपाल, जरीकेन, लईया, माचिस, हल्दी, धनिया, मिर्चा के साथ ही अन्य खाद्य सामग्री भेजी गई हैं। जिनका वितरण वहां के लेखपाल व कानूनगो कराएंगे।
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नयापुरवा में शारदा का कहर, तेजी से हो रहा कटान
मझगईं। मजरा नयापुरवा में शारदा नदी का कहर जारी है। नदी तेजी से कटान कर घरों की तरफ बढ़ रही है। वहीं बाढ़ का पानी नौगवां जाने वाले मुख्य मार्ग पर दो से ढाई फिट तक चल रहा है। जिससे लोगों को पानी में से होकर गुजरना पड़ रहा है। नयापुरवा का हाल तो यह है कि गांव टापू बन गया है और लोग जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। प्रशासन की तरफ से यहां पर अभी कोई सहायता राशि का वितरण नहीं किया गया है। जबकि प्रधानपति अवधेश गुप्ता ने देर शाम गांव जाकर राहत सामग्री का वितरण कराया है।
31एलकेएच351
सिंचाई विभाग ने ही खोद डाला साहबदीनपुरवा तटबंध
कई गांवों में घुसा शारदा नदी की बाढ़ का पानी
कटान रोकने को बांध की मिट्टी से बोरियां भर रहा था विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
धौरहरा। ईसानगर के साहबदीनपुरवा में शारदा तटबंध शुक्रवार सुबह आखिर कट गया। बाढ़ कटान रोकने का सिंचाई विभाग का प्रयास दिखावा साबित हुआ। बांध कटने से साहबदीनपुरवा सहित क्षेत्र के दर्जनों गांव जलमग्न हो गए। सिंचाई विभाग खुद ही कटान रोकने के लिए बांध खोद कर बोरियों में मिट्टी भर रहा था। सिंचाई विभाग पर मुख्यमंत्री की चेतावनी का भी असर नहीं दिखा और वह मनमानी करता रहा।
पिछले सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिसैया चौराहे पर आए थे और भूकटान रोकने के लिए अधिकारियों को सख्त हिदायत के साथ चेतावनी भी दी थी। लेकिन सिंचाई विभाग अपने अड़ियल रवैये पर डटा रहा। दिखावे को बंबू कटर लगाकर कटान रोकने का प्रयास शुरू हुआ। इसी के साथ सिंचाई विभाग के अधिकारियों का खेल भी शुरू हो गया। बंबू कटर बने उनमे मिट्टी की बोरियां लगनी थीं। मिट्टी दूसरी जगह से न लाकर बंधे की मिट्टी ही खोद कर बोरियां भर-भर के डालने लगे। आखिर बंबू कटर धरे के धरे रह गये और करोड़ों रुपया फर्जी काम के नाम पर पानी में बह गया।
शुक्रवार को तटबंध कटने के बाद नदी ने छोटकनपुरवा में कटान से देखते देखते दो घर नदी में समा गए जबकि दर्जन भर घर नदी की जद में आ चुके हैं। बांध कटने की वजह से छोटनपुरवा, साहबदीनपुरवा, कैरातीपुरवा सहित दर्जन गांव में पानी भरने से हाहाकार मच गया है। बांध कटने की सूचना पर एसडीएम आशीष मिश्रा मौके पर पहुंच गए और एनडीआरएफ टीम को भी चौकस रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बांघ कटने की जांच कराने की बात कही है।
31एलकेएच 702
खैरटिया, बाबापुरवा में और तेज हुआ मोहाना का कटान
तिकुनिया। भारत नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी का कटान और तेज गया है। नदी में किसानों की गाढ़ी कमाई और जमीन पानी में समाती जा जा रही है कटान इतनी तेजी से हो रहा है कि नदी खैरटिया मजरा बांध रोड के करीब पहुंचती जा रही है जिसके चलते खैरटिया गांव के लोगों की धड़कनें और तेज हो गई हैं।
बाबापुरवा गांव से लेकर खैरटिया मंझरा पूरब तक बने बांध रोड पर मैलानी बहराइच रेलवे ट्रैक है। नदी के उत्तर में खीरी बहराइच जिले का जंगल है। जंगल के किनारे यह नदी कटान करती हुई किनारे के गांव बंदरिया अनूप नगर को निगल लिया। अब नदी किसानों के खेतों की फसल का कटान करती हुई बांध रोड की ओर पहुंच रही है।
मोहाना नदी कटान रोकने के बाबत बाढ़ खंड शारदा नगर प्रभारी सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीसी वर्मा ने बताया कि मोहाना नदी पर ठोकरें बनाने के लिए टीम भेजकर सर्वे कराया जा चुका है। धन मिलते ही यहां ठोकरों को बनाने का काम तेज कर दिया जाएगा।