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मानदेय की खातिर भूख हड़ताल पर बैठे 102 एंबुलेंस कर्मचारी
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मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठा 102 एंबुलेंस स्टाफ। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। समय से मानदेय न मिलने एवं सात अन्य मांगों को लेकर 102 एंबुलेंस स्टाफ ने महिला अस्पताल परिसर में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। स्टाफ का कहना है कि सोमवार रात तक यदि मांगें न मानी गई तो मंगलवार से 108 और लाइफ सपोर्टिंग एंबुलेंस सेवा का संचालन बंद करा दिया जाएगा।
जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग के बैनर तले महिला अस्पताल में भूख हड़ताल पर बैठे जिलाध्यक्ष पवन शुक्ला ने बताया कि कंपनी के लोग मानदेय से मनमानी कटौती कर रहे हैं। जबकि कोरोना महामारी में एंबुलेंस स्टाफ जान जोखिम में डालकर संभावित से लेकर संक्रमित कोरोना मरीजों को अस्पताल लेकर जाता रहा है। बगैर किसी कारण के सूबे से 2274 कर्मचारियों को नौकरी से हटाने का नोटिस जारी कर दिया। उन्होंने बताया कि पिछली बार हड़ताल के दौरान श्रम मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष समझौता हुआ था, जिसे दरकिनार कर स्टाफ से आठ घंटे की जगह 12 से 14 घंटे ड्यूटी कराई जा रही है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सोमवार रात तक यदि मांगे न मानी गई तो मंगलवार से एंबुलेंस सेवा का संचालन भी ठप करा दिया जाएगा। अतुल कुमार, पंकज गुप्ता, जहीर खान, अशरफ आदि मौजूद रहे।
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गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ी परेशानी
102 एंबुलेंस स्टाफ की हड़ताल गर्भवती महिलाओं के लिए मुसीबत बन गई। शासन की ओर से महिलाओं के प्रसव के लिए नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा है। मगर, सोमवार को हड़ताल के कारण इनके न मिलने से घरवाले निजी वाहनों से गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लेकर पहुंचे। ऐसे में गर्भवती महिलाओं और उनके परिवार वालों को तमाम दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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एंबुलेंस स्टाफ अपने प्रबंधन के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठा है। इससे शासन को अवगत करा दिया है। मरीजों को असुविधा को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
-डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
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जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग के बैनर तले महिला अस्पताल में भूख हड़ताल पर बैठे जिलाध्यक्ष पवन शुक्ला ने बताया कि कंपनी के लोग मानदेय से मनमानी कटौती कर रहे हैं। जबकि कोरोना महामारी में एंबुलेंस स्टाफ जान जोखिम में डालकर संभावित से लेकर संक्रमित कोरोना मरीजों को अस्पताल लेकर जाता रहा है। बगैर किसी कारण के सूबे से 2274 कर्मचारियों को नौकरी से हटाने का नोटिस जारी कर दिया। उन्होंने बताया कि पिछली बार हड़ताल के दौरान श्रम मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष समझौता हुआ था, जिसे दरकिनार कर स्टाफ से आठ घंटे की जगह 12 से 14 घंटे ड्यूटी कराई जा रही है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सोमवार रात तक यदि मांगे न मानी गई तो मंगलवार से एंबुलेंस सेवा का संचालन भी ठप करा दिया जाएगा। अतुल कुमार, पंकज गुप्ता, जहीर खान, अशरफ आदि मौजूद रहे।
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गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ी परेशानी
102 एंबुलेंस स्टाफ की हड़ताल गर्भवती महिलाओं के लिए मुसीबत बन गई। शासन की ओर से महिलाओं के प्रसव के लिए नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा है। मगर, सोमवार को हड़ताल के कारण इनके न मिलने से घरवाले निजी वाहनों से गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लेकर पहुंचे। ऐसे में गर्भवती महिलाओं और उनके परिवार वालों को तमाम दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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एंबुलेंस स्टाफ अपने प्रबंधन के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठा है। इससे शासन को अवगत करा दिया है। मरीजों को असुविधा को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
-डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ