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Lakhimpur Kheri News: कुंभी में बायोप्लास्टिक प्लांट के साथ आसपास बसेंगी 100 फैक्ट्रियां
Sun, 25 Oct 2026 01:29 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 25 Oct 2026 01:29 AM IST
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अनुज कुमार
लखीमपुर खीरी। कुंभी में बायोप्लास्टिक प्लांट के साथ उत्पाद निर्माण की औद्योगिक शृंखला विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए प्लांट के आसपास 200 एकड़ में औद्योगिक हब बनाया जाएगा। शासन की मंजूरी के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को सौंपी गई है। कुंभी चीनी मिल के इकाई प्रमुख डॉ. सुनील यादव के मुताबिक, यहां 100 से अधिक छोटी फैक्ट्रियां लगने की संभावना है। इनमें बायोप्लास्टिक से बोतल, गिलास, कप-प्लेट, ट्रे, पेन, खिलौने, थैले और बोरियां समेत दैनिक उपयोग की वस्तुएं बनेंगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और किसानों को कृषि अवशेषों से अतिरिक्त आमदनी मिलने की उम्मीद है।
बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड 3080 करोड़ रुपये की लागत से करीब 135 एकड़ में प्लांट स्थापित कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरवरी 2025 में इसकी आधारशिला रखी थी। निर्माण अंतिम चरण में है और नवंबर के मध्य में संचालन शुरू होने की उम्मीद है। शुरुआती उत्पादन क्षमता 80 हजार टन प्रतिवर्ष निर्धारित है।
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स्थानीय युवाओं को मिल रहा रोजगार
डॉ. सुनील यादव ने बताया कि प्लांट पूरी तरह ऑटोमेटिक है। पहले चरण में लखीमपुर, सीतापुर और शाहजहांपुर के डीसीएस या केमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री वाले युवाओं को नौकरी दी गई है। गुजरात समेत दूसरे राज्यों में काम कर रहे कई युवाओं को भी यहां रोजगार मिला है।
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कृषि अवशेष बनेंगे ईंधन
प्लांट में गन्ने की खोई के साथ धान की पराली, गन्ने की पत्तियों और अन्य कृषि अवशेषों का इस्तेमाल ईंधन के रूप में होगा। डॉ. सुनील यादव के मुताबिक, खोई केवल छह महीने उपलब्ध रहती है। बाकी समय के लिए अन्य कृषि अवशेषों की खरीद शुरू कर दी गई है। इससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिलेगा।
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बायोप्लास्टिक प्लांट शुरू होने से स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में रोजगार मिलने की उम्मीद है। इससे उन्हें नौकरी के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।
-अभिषेक मिश्रा, परसपुर निवासी
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प्लांट से क्षेत्र की तरक्की को नई दिशा मिल सकती है। औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने से स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।
-अनुज कुमार, कुंभी निवासी
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प्लांट और आसपास की फैक्ट्रियों में युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार प्राथमिकता मिलनी चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ मिले।
-नदीम खां, देवरिया निवासी
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प्लांट से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं।
-सुधीर यादव, सिसोकन निवासी
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निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को सौंपी गई है। कुंभी चीनी मिल के इकाई प्रमुख डॉ. सुनील यादव के मुताबिक, यहां 100 से अधिक छोटी फैक्ट्रियां लगने की संभावना है। इनमें बायोप्लास्टिक से बोतल, गिलास, कप-प्लेट, ट्रे, पेन, खिलौने, थैले और बोरियां समेत दैनिक उपयोग की वस्तुएं बनेंगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और किसानों को कृषि अवशेषों से अतिरिक्त आमदनी मिलने की उम्मीद है।
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बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड 3080 करोड़ रुपये की लागत से करीब 135 एकड़ में प्लांट स्थापित कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरवरी 2025 में इसकी आधारशिला रखी थी। निर्माण अंतिम चरण में है और नवंबर के मध्य में संचालन शुरू होने की उम्मीद है। शुरुआती उत्पादन क्षमता 80 हजार टन प्रतिवर्ष निर्धारित है।
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स्थानीय युवाओं को मिल रहा रोजगार
डॉ. सुनील यादव ने बताया कि प्लांट पूरी तरह ऑटोमेटिक है। पहले चरण में लखीमपुर, सीतापुर और शाहजहांपुर के डीसीएस या केमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री वाले युवाओं को नौकरी दी गई है। गुजरात समेत दूसरे राज्यों में काम कर रहे कई युवाओं को भी यहां रोजगार मिला है।
कृषि अवशेष बनेंगे ईंधन
प्लांट में गन्ने की खोई के साथ धान की पराली, गन्ने की पत्तियों और अन्य कृषि अवशेषों का इस्तेमाल ईंधन के रूप में होगा। डॉ. सुनील यादव के मुताबिक, खोई केवल छह महीने उपलब्ध रहती है। बाकी समय के लिए अन्य कृषि अवशेषों की खरीद शुरू कर दी गई है। इससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिलेगा।
बायोप्लास्टिक प्लांट शुरू होने से स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में रोजगार मिलने की उम्मीद है। इससे उन्हें नौकरी के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।
-अभिषेक मिश्रा, परसपुर निवासी
प्लांट से क्षेत्र की तरक्की को नई दिशा मिल सकती है। औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने से स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।
-अनुज कुमार, कुंभी निवासी
प्लांट और आसपास की फैक्ट्रियों में युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार प्राथमिकता मिलनी चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ मिले।
-नदीम खां, देवरिया निवासी
प्लांट से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं।
-सुधीर यादव, सिसोकन निवासी

अनुज कुमार

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