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Kushinagar News: ट्रेन की चपेट में आने से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत
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गुरवलिया बाजार। बिहार के गोपालगंज में बीते 20 अक्तूबर को ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल जंगल घोरठ निवासी 40 वर्षीय युवक की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई। बुधवार की देर रात उनका शव घर लाया गया तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजन ने बृहस्पतिवार की सुबह अंतिम संस्कार कर दिया।
जंगल घोरठ निवासी कमलेश साहनी (40) गोपालगंज में सब्जी की पल्लेदारी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। बीते 20 अक्तूबर की शाम करीब 7:30 बजे गोपालगंज रेलवे स्टेशन से करीब 100 मीटर आगे वे ट्रेन की चपेट में आ गए। उनका दोनों पैर कट गया था। सूचना पर आई पुलिस उन्हें गोपालगंज सदर अस्पताल ले गई, जहां उनकी हालत गंभीर देख डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार कर पटना मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम समेत अन्य प्रक्रिया पूरी होने के बाद बुधवार की रात करीब 12:30 बजे उनका शव उनके दरवाजे पर पहुंचा तो परिवार में चीख पुकार मच गई। कमलेश तीन भाइयों में मंझले थे। दरवाजे पर पति का शव देख पत्नी आशा देवी और मां मुन्नी देवी रोते-रोते अचेत हो जा रहीं थी। कमलेश की मौत के बाद पत्नी और बेटी राधिका, अंजना और चांदनी के सामने भरण पोषण का संकट हो गया है।
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जंगल घोरठ निवासी कमलेश साहनी (40) गोपालगंज में सब्जी की पल्लेदारी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। बीते 20 अक्तूबर की शाम करीब 7:30 बजे गोपालगंज रेलवे स्टेशन से करीब 100 मीटर आगे वे ट्रेन की चपेट में आ गए। उनका दोनों पैर कट गया था। सूचना पर आई पुलिस उन्हें गोपालगंज सदर अस्पताल ले गई, जहां उनकी हालत गंभीर देख डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार कर पटना मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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पोस्टमार्टम समेत अन्य प्रक्रिया पूरी होने के बाद बुधवार की रात करीब 12:30 बजे उनका शव उनके दरवाजे पर पहुंचा तो परिवार में चीख पुकार मच गई। कमलेश तीन भाइयों में मंझले थे। दरवाजे पर पति का शव देख पत्नी आशा देवी और मां मुन्नी देवी रोते-रोते अचेत हो जा रहीं थी। कमलेश की मौत के बाद पत्नी और बेटी राधिका, अंजना और चांदनी के सामने भरण पोषण का संकट हो गया है।
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