{"_id":"6ada5d2aa19a6900390f46e7","slug":"xen-transferred-to-lucknow-23-days-after-the-ap-embankment-breach-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-170728-2026-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: एपी तटबंध टूटने के 23 दिन बाद एक्सईएन का लखनऊ किया गया तबादला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: एपी तटबंध टूटने के 23 दिन बाद एक्सईएन का लखनऊ किया गया तबादला
विज्ञापन
शासन ने कुशीनगर से लखनऊ स्थानांतरित किया, एसडीओ, जेई पहले हो चुके हैं निलंबित
-पांच साल से अधिक समय से जिले में तैनात थे एक्सईएन, बांध टूटने के बाद लोगों में थी नाराजगी
-विधायक की नाराजगी, सांसद की तल्ख टिप्पणी और मुख्यमंत्री के दौरे के बाद शासन का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। एपी तटबंध टूटने के 23 दिन बाद एक्सईएन महेश कुमार सिंह को कुशीनगर से हटा दिया गया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से लखनऊ स्थित प्रमुख अभियंता कार्यालय में तैनात किया गया है। इसके पहले बाढ़ खंड के एसडीओ और जेई पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है।
28 सितंबर को एपी तटबंध टूटने के बाद से कार्रवाई की मांग उठ रही थी। तमकुहीराज के विधायक डॉ. असीम कुमार राय की नाराजगी, सांसद की टिप्पणी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दौरे के बाद भी जिम्मेदारी तय करने को लेकर सवाल बने हुए थे। अब शासन के आदेश के बाद यह मामला फिर चर्चा में है।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अनुभाग-1 की ओर से जारी कार्यालय आदेश के मुताबिक, बाढ़ खंड कुशीनगर में अधिशासी अभियंता के पद पर तैनात महेश कुमार सिंह को प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित करते हुए कार्यालय प्रमुख अभियंता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ में तैनात किया गया है। बाढ़ खंड के कामकाज और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह कार्रवाई की गई है। हालांकि आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि तटबंध टूटने की घटना में महेश कुमार सिंह की कोई लापरवाही जांच में साबित हुई है या उनके विरुद्ध अलग से कोई दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
एपी तटबंध टूटने के मामले में इसके पहले एसडीओ दीपरत्न सिंह और जेई रामचंद्र प्रसाद को निलंबित किया गया था। शासन ने महेश कुमार सिंह को निर्देश दिया है कि वह तत्काल नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें और कार्यभार प्रमाणक शासन/प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष को उपलब्ध कराएं। आदेश में स्थानांतरण का आधार प्रशासनिक बताया गया है।
चर्चा में रही सांसद की तल्ख टिप्पणी
मामले को लेकर देवरिया सांसद ने भी बाढ़ खंड के अधिकारी के प्रति नाराजगी जताई थी। बातचीत के दौरान उनकी कथित टिप्पणी, ''''यू कैन नॉट मेक मी फूल'''' चर्चा में रही। जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के बीच मामला तटबंध टूटने से आगे बढ़कर विभागीय कार्यप्रणाली और जवाबदेही तक पहुंच गया था। एपी बांध टूटने के अगले दिन 29 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया था। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और तटबंध टूटने की वजहों की जांच की मांग उठती रही। अब 21 अक्तूबर को जारी आदेश में एक्सईएन महेश कुमार सिंह का मुख्यालय बदलकर लखनऊ किए जाने से विभागीय स्तर पर बदलाव हुआ है। हालांकि, प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण को दोष सिद्ध होने के समान नहीं माना जा सकता।
विज्ञापन
-पांच साल से अधिक समय से जिले में तैनात थे एक्सईएन, बांध टूटने के बाद लोगों में थी नाराजगी
-विधायक की नाराजगी, सांसद की तल्ख टिप्पणी और मुख्यमंत्री के दौरे के बाद शासन का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। एपी तटबंध टूटने के 23 दिन बाद एक्सईएन महेश कुमार सिंह को कुशीनगर से हटा दिया गया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से लखनऊ स्थित प्रमुख अभियंता कार्यालय में तैनात किया गया है। इसके पहले बाढ़ खंड के एसडीओ और जेई पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है।
28 सितंबर को एपी तटबंध टूटने के बाद से कार्रवाई की मांग उठ रही थी। तमकुहीराज के विधायक डॉ. असीम कुमार राय की नाराजगी, सांसद की टिप्पणी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दौरे के बाद भी जिम्मेदारी तय करने को लेकर सवाल बने हुए थे। अब शासन के आदेश के बाद यह मामला फिर चर्चा में है।
विज्ञापन
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अनुभाग-1 की ओर से जारी कार्यालय आदेश के मुताबिक, बाढ़ खंड कुशीनगर में अधिशासी अभियंता के पद पर तैनात महेश कुमार सिंह को प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित करते हुए कार्यालय प्रमुख अभियंता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ में तैनात किया गया है। बाढ़ खंड के कामकाज और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह कार्रवाई की गई है। हालांकि आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि तटबंध टूटने की घटना में महेश कुमार सिंह की कोई लापरवाही जांच में साबित हुई है या उनके विरुद्ध अलग से कोई दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
एपी तटबंध टूटने के मामले में इसके पहले एसडीओ दीपरत्न सिंह और जेई रामचंद्र प्रसाद को निलंबित किया गया था। शासन ने महेश कुमार सिंह को निर्देश दिया है कि वह तत्काल नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें और कार्यभार प्रमाणक शासन/प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष को उपलब्ध कराएं। आदेश में स्थानांतरण का आधार प्रशासनिक बताया गया है।
चर्चा में रही सांसद की तल्ख टिप्पणी
मामले को लेकर देवरिया सांसद ने भी बाढ़ खंड के अधिकारी के प्रति नाराजगी जताई थी। बातचीत के दौरान उनकी कथित टिप्पणी, ''''यू कैन नॉट मेक मी फूल'''' चर्चा में रही। जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के बीच मामला तटबंध टूटने से आगे बढ़कर विभागीय कार्यप्रणाली और जवाबदेही तक पहुंच गया था। एपी बांध टूटने के अगले दिन 29 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया था। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और तटबंध टूटने की वजहों की जांच की मांग उठती रही। अब 21 अक्तूबर को जारी आदेश में एक्सईएन महेश कुमार सिंह का मुख्यालय बदलकर लखनऊ किए जाने से विभागीय स्तर पर बदलाव हुआ है। हालांकि, प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण को दोष सिद्ध होने के समान नहीं माना जा सकता।