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Kushinagar News: काली पट्टी बांध किया काम, शाम को प्रदर्शन
Sat, 18 Jan 2025 12:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 18 Jan 2025 12:59 AM IST
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कसया/ पडरौना। विद्युत कर्मचारी संघ के संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शुक्रवार को भी बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। ड्यूटी खत्म होने के बाद एसडीओ हाटा पप्पू जायसवाल के नेतृत्व में कुशीनगर अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। इसमें जनपद के अभियंता संघ, संघर्ष समिति व जेई संगठन के पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे।
एसडीओ हाटा पप्पू जायसवाल ने कहा कि निजीकरण के बाद बिजली कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं की बड़े पैमाने पर छंटनी होगी। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में कर्मचारियों के 44,330 पद हैं और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में कर्मचारियों के 33,161 पद हैं।
निजीकरण होने के बाद यह 77,491 पद समाप्त हो जाएंगे। स्वाभाविक तौर पर कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी होगी। इसमें 50 हजार संविदा कर्मी, 23,818 तकनीशियन और अन्य कर्मचारी, 2154 जूनियर इंजीनियरों और 1518 अभियंताओं के पद हैं। संघर्ष समिति ने कहा कि निजीकरण होने के पहले ही संविदा कर्मियों की छंटनी की जा रही है। इससे बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा है। उन्होंने कहा कि निजीकरण के बाद दिल्ली और उड़ीसा में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को वीआरएस देकर हटाया गया था।
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एसडीओ हाटा पप्पू जायसवाल ने कहा कि निजीकरण के बाद बिजली कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं की बड़े पैमाने पर छंटनी होगी। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में कर्मचारियों के 44,330 पद हैं और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में कर्मचारियों के 33,161 पद हैं।
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निजीकरण होने के बाद यह 77,491 पद समाप्त हो जाएंगे। स्वाभाविक तौर पर कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी होगी। इसमें 50 हजार संविदा कर्मी, 23,818 तकनीशियन और अन्य कर्मचारी, 2154 जूनियर इंजीनियरों और 1518 अभियंताओं के पद हैं। संघर्ष समिति ने कहा कि निजीकरण होने के पहले ही संविदा कर्मियों की छंटनी की जा रही है। इससे बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा है। उन्होंने कहा कि निजीकरण के बाद दिल्ली और उड़ीसा में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को वीआरएस देकर हटाया गया था।
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