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Kushinagar News: पुत्र की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत

Sun, 04 Oct 2026 01:58 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2026 01:58 AM IST
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Women observed a waterless fast for the long life of their sons.
जीवित्पुत्रिका पर्व पर अपनी संतान की लंबी उम्र,अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला उप
पडरौना। बेटों की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने शनिवार को निर्जला जीवित पुत्रिका व्रत रखा। पूरे दिन व्रत रहने के बाद शाम को स्नान करने के बाद नए वस्त्र धारण कर मंदिर और अपने घरों में पुरोहित से कथा श्रवण किया। कथा श्रवण करने के बाद अपने से बड़ों का पैर छूकर बेटों की दीर्घायु के लिए आशीर्वाद लिया।
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प्रत्येक वर्ष अश्विन कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को जीवित पुत्रिका व्रत किया जाता है। महिलाओं ने संतान की दीर्घायु के लिए शनिवार को निर्जला व्रत रखा। पूरे दिन बिना अन्न-जल के व्रत रहने के बाद महिलाओं ने शाम स्नान किया। इस दौरान महिलाओं ने अपने सामर्थ्य के अनुसार, फलफूल, मिष्ठान आदि चढ़ाकर पुत्र की दीर्घायु होने की कामना की। इसके बाद नगर के भारतीय शिवाला मंदिर, बुढ़िया माई मंदिर, साकेत बिहारी मंदिर समेत अन्य नजदीकी मंदिर और अपने-अपने घरों में पुरोहित से कथा श्रवण किया। इसके बाद, अपने से बड़ों का पैर छूकर संतान की दीर्घायु होने और स्वयं स्वस्थ रहने का आशीर्वाद लिया। यह जीवित पुत्रिका व्रत सौभाग्यवती महिलाएं संतान की मंगलकामना के लिए रखती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से संतान की लंबी आयु के साथ ही अच्छा स्वास्थ्य और संपन्नता प्राप्त होती है। जीवित पुत्रिका व्रत महाभारत काल से ही किया जा रहा है।
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लक्ष्मीगंज संवाद के अनुसार क्षेत्र में माताओं ने अपने पुत्र की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए शनिवार को जीवित्पुत्रिका का निर्जला व्रत रखा। व्रती महिलाओं ने बताया कि बदलते परिवेश में बच्चों की सुरक्षा और समृद्धि के कामना के लिए व्रत रखा गया है। व्रती महिलाएं शनिवार भोर में अन्न-जल ग्रहण कर दिनभर निर्जला व्रत रखा, शाम को माताओं ने बरियार के पौधे की पूजा-अर्चना की और जिउतिया माता की कथा सुनी। इस दौरान मंदिरों, पूजा स्थलों और बरियार के पौधों के पास महिलाओं की भीड़ लगी रही।
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