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Kushinagar News: कप्तानगंज सीएचसी में प्रसव के दौरान महिला की मौत, परिजनों का हंगामा
Thu, 20 Aug 2026 02:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 20 Aug 2026 02:51 AM IST
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कप्तानगंज सीएचसी आरोपी स्टाफ नर्स को कमरे से बाहर निकालने को लेकर पुलिस से नोक झोक करते परिजन।स
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कप्तानगंज। सीएचसी में बुधवार को प्रसव के दौरान महिला की मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने डयूटी पर तैनात स्टाफ नर्स पर लापरवाही और धनउगाही का आरोप लगाकर अस्पताल परिसर में हंगामा किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जा रही एंबुलेंस को भी घेर लिया। चालक ने सूझबूझ से एंबुलेंस को सुरक्षित निकाल ले गया। सूचना के बाद आई एसडीएम व पुलिस ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया। शव को कब्जे में लेने के लिए पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की और हाथापाई हुई।
रामकोला क्षेत्र के दिउलिया मनिया छपरा के भरपटिया टोला के गामा राजभर की 27 वर्षीय गर्भवती पत्नी अंजू देवी को बुधवार सुबह करीब 8:0 बजे सीएचसी लाया गया था। पति का आरोप है कि प्रसव वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स ने भर्ती करने के नाम पर रुपये की मांग की। रुपये देने के बाद नर्स ने महिला को एक इंजेक्शन लगाया और वहां से चली गई। इसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी और दोपहर 12 बजे उसकी मौत हो गई।
मौत की जानकारी होते ही परिजन व स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। परिजनों का गुस्सा देखकर आरोपी स्टाफ नर्स ने प्रभारी चिकित्साधिकारी के कक्ष में छिपकर अंदर से दरवाजे को बंद कर लिया। गुस्साए लोगों ने दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और पूरा अस्पताल छावनी में तब्दील हो गया। दोपहर बाद करीब 2 बजे पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एंबुलेंस से भेजने की कोशिश की, तो भीड़ ने एंबुलेंस को चारों तरफ से घेर लिया और पुलिस से धक्का-मुक्की की।
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गुस्साए परिजनों और भीड़ ने कप्तानगंज-पडरौना हाईवे (एनएच-730) को जाम कर दिया। पुलिस ने सख्ती के साथ 10 मिनट के अंदर जाम हटवा दिया। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल की खिड़कियों के कांच भी तोड़ दिए। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम आकांक्षा मिश्रा और एसओ धीरेंद्र कुमार राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर और कार्रवाई का आश्वासन देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
डिप्टी सीएमओ डॉ. आरडी कुशवाहा ने बताया कि प्रसव के लिए आई महिला को स्टाफ नर्स ने बिना किसी डॉक्टर के सुझाव के भर्ती कर लिया था। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला की स्थिति बिगड़ गई। इसकी सूचना नर्स ने बाद में डॉक्टर को दी। जब तक डॉक्टर पहुंचे, महिला की सांसें बहुत धीमी चल रही थीं और उन्हें बचाया नहीं जा सका। पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीओ कसया डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि मृतका के पति की तहरीर के आधार पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई तय की जाएगी।
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पति का छलका दर्द
अस्पताल में प्रसव के दौरान पत्नी अंजू देवी की मौत के बाद पति गामा राजभर का दर्द छलक पड़ा। रोते-बिलखते गामा ने बताया कि वह मजदूरी करके किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पत्नी की मौत के बाद अब उनके सामने दो बच्चों छह वर्षीय बेटे हर्ष और ढाई साल की बेटी प्रीति की परवरिश की चिंता सताने लगी है। उन्होंने बताया कि उनका यह तीसरा बच्चा था।
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चार घंटे तक पुलिस के सामने होता रहा हंगामा
अंजू देवी की मौत करीब 12 बजे हो गई। इसकी जानकारी मिलने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और कुछ देर बाद परिचित व रिश्तेदार भी सीएचसी पर पहुंच गए और हंगामा करने लगे। इसको लेकर पुलिस के सामने कई बार स्वास्थ्यकर्मियों से नोकझोंक हुई। 12 बजे से चार बजे तक पुलिस की मौजूदगी में हंगामा होता रहा। पुलिस को भी भारी विरोध का सामना करना पड़ा। 14 अगस्त को करन साहनी की हत्या के बाद पुलिस को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। इसके चलते पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही थी।
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रामकोला क्षेत्र के दिउलिया मनिया छपरा के भरपटिया टोला के गामा राजभर की 27 वर्षीय गर्भवती पत्नी अंजू देवी को बुधवार सुबह करीब 8:0 बजे सीएचसी लाया गया था। पति का आरोप है कि प्रसव वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स ने भर्ती करने के नाम पर रुपये की मांग की। रुपये देने के बाद नर्स ने महिला को एक इंजेक्शन लगाया और वहां से चली गई। इसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी और दोपहर 12 बजे उसकी मौत हो गई।
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मौत की जानकारी होते ही परिजन व स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। परिजनों का गुस्सा देखकर आरोपी स्टाफ नर्स ने प्रभारी चिकित्साधिकारी के कक्ष में छिपकर अंदर से दरवाजे को बंद कर लिया। गुस्साए लोगों ने दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और पूरा अस्पताल छावनी में तब्दील हो गया। दोपहर बाद करीब 2 बजे पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एंबुलेंस से भेजने की कोशिश की, तो भीड़ ने एंबुलेंस को चारों तरफ से घेर लिया और पुलिस से धक्का-मुक्की की।
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गुस्साए परिजनों और भीड़ ने कप्तानगंज-पडरौना हाईवे (एनएच-730) को जाम कर दिया। पुलिस ने सख्ती के साथ 10 मिनट के अंदर जाम हटवा दिया। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल की खिड़कियों के कांच भी तोड़ दिए। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम आकांक्षा मिश्रा और एसओ धीरेंद्र कुमार राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर और कार्रवाई का आश्वासन देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
डिप्टी सीएमओ डॉ. आरडी कुशवाहा ने बताया कि प्रसव के लिए आई महिला को स्टाफ नर्स ने बिना किसी डॉक्टर के सुझाव के भर्ती कर लिया था। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला की स्थिति बिगड़ गई। इसकी सूचना नर्स ने बाद में डॉक्टर को दी। जब तक डॉक्टर पहुंचे, महिला की सांसें बहुत धीमी चल रही थीं और उन्हें बचाया नहीं जा सका। पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीओ कसया डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि मृतका के पति की तहरीर के आधार पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई तय की जाएगी।
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पति का छलका दर्द
अस्पताल में प्रसव के दौरान पत्नी अंजू देवी की मौत के बाद पति गामा राजभर का दर्द छलक पड़ा। रोते-बिलखते गामा ने बताया कि वह मजदूरी करके किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पत्नी की मौत के बाद अब उनके सामने दो बच्चों छह वर्षीय बेटे हर्ष और ढाई साल की बेटी प्रीति की परवरिश की चिंता सताने लगी है। उन्होंने बताया कि उनका यह तीसरा बच्चा था।
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चार घंटे तक पुलिस के सामने होता रहा हंगामा
अंजू देवी की मौत करीब 12 बजे हो गई। इसकी जानकारी मिलने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और कुछ देर बाद परिचित व रिश्तेदार भी सीएचसी पर पहुंच गए और हंगामा करने लगे। इसको लेकर पुलिस के सामने कई बार स्वास्थ्यकर्मियों से नोकझोंक हुई। 12 बजे से चार बजे तक पुलिस की मौजूदगी में हंगामा होता रहा। पुलिस को भी भारी विरोध का सामना करना पड़ा। 14 अगस्त को करन साहनी की हत्या के बाद पुलिस को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। इसके चलते पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही थी।