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गंडक के पानी से बह गया रास्ता
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Thu, 29 Mar 2018 11:57 PM IST
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बह चुका रास्ता।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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तमकुहीरोड। गंडक नदी के जल स्तर में हुई मामूली वृद्धि के कारण बृहस्पतिवार की सुबह विरवट कोंहवलिया स्थित बालू खनन क्षेत्र में ट्रकों की आवाजाही के लिए बनाया गया रास्ता बह गया। लगभग 50 मीटर तक रास्ता नदी में बह जाने से बालू की निकासी का कार्य स्वत: बंद हो गया है। आंदोलनकारी रास्ता कट जाने से बड़े खुश हैं।
गंडक नदी इस वक्त एपी बांध से दूर है, लेकिन नदी से निकला एक नाला एपी बांध के करीब बह रहा है। नदी और नाला के बीच में बालू खनन का पट्टा है। ठेकेदारों ने बालू लदी गाड़ियों को वहां से निकालने के लिए बांस, बल्ली, मिटटी से भरे बोरे और पाइप के सहारे रास्ता बनाया है। बृहस्पतिवार को सुबह अचानक गंडक नदी का जल स्तर में मामूली वृद्धि हो जाने से लगभग 50 मीटर सड़क कटकर नदी में विलीन हो गई। बालू घाट के पट्टे का विरोध करने वाले संजय सिंह, जेडी यादव, गौतम सिंह, अंशु श्रीवास्तव, रामेश्वर पटेल आदि का कहना है कि प्रकृति भी बालू खनन के इस पट्टे का विरोध कर रही है।
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गंडक नदी इस वक्त एपी बांध से दूर है, लेकिन नदी से निकला एक नाला एपी बांध के करीब बह रहा है। नदी और नाला के बीच में बालू खनन का पट्टा है। ठेकेदारों ने बालू लदी गाड़ियों को वहां से निकालने के लिए बांस, बल्ली, मिटटी से भरे बोरे और पाइप के सहारे रास्ता बनाया है। बृहस्पतिवार को सुबह अचानक गंडक नदी का जल स्तर में मामूली वृद्धि हो जाने से लगभग 50 मीटर सड़क कटकर नदी में विलीन हो गई। बालू घाट के पट्टे का विरोध करने वाले संजय सिंह, जेडी यादव, गौतम सिंह, अंशु श्रीवास्तव, रामेश्वर पटेल आदि का कहना है कि प्रकृति भी बालू खनन के इस पट्टे का विरोध कर रही है।
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