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कुशीनगर समाचार: गंडक नदी में पानी घटा, दुश्वारियां बरकरार
Thu, 13 Oct 2022 04:34 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Oct 2022 04:34 PM IST
सार
पिछले दिनों गंडक नदी का डिस्चार्ज 4.45 लाख क्यूसेक तक पहुंच जाने से जलस्तर खतरे के बिंदु से 32 सेंटीमीटर ऊपर 96.32 मीटर पर चला गया था। इसके चलते आस-पास के गांवों में बाढ़ आ गई थी, जिससे लगभग 40 हजार लोग प्रभावित हुए थे। बुधवार को डिस्चार्ज घटकर 1.18 लाख क्यूसेक तक आ गया।
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भैसहां गांव के पास छितौनी तटबंध के पास बह रही गंडक नदी।
- फोटो : KUSHINAGAR
विस्तार
गंडक नदी में बाल्मीकि बैराज से छोड़े जाने वाले पानी के डिस्चार्ज में कमी आने से जलस्तर में लगातार कमी आ रही है। गंडक नदी का डिस्चार्ज 1.18 लाख क्यूसेक पर आ गया है, लेकिन सड़कें क्षतिग्रस्त होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
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पिछले दिनों गंडक नदी का डिस्चार्ज 4.45 लाख क्यूसेक तक पहुंच जाने से जलस्तर खतरे के बिंदु से 32 सेंटीमीटर ऊपर 96.32 मीटर पर चला गया था। इसके चलते आस-पास के गांवों में बाढ़ आ गई थी, जिससे लगभग 40 हजार लोग प्रभावित हुए थे। बुधवार को डिस्चार्ज घटकर 1.18 लाख क्यूसेक तक आ गया।
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कमी के चलते बुधवार शाम जलस्तर में लगभग सवा मीटर की कमी दर्ज की गई। यह 95.06 मीटर पर था। नदी के जलस्तर में कमी के चलते बाढ़ प्रभावित मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर सहित कई गांवों में बाढ़ का पानी अब निचले हिस्से में चला गया है, लेकिन अपने पीछे काफी नुकसान दे गया है।
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गांवों को आपस में जोड़ने वाले संपर्क मार्ग ध्वस्त हो गए हैं। जगह-जगह कुंड बन जाने से लोग परेशान हैं। घरों में कीचड़ व कीड़े मकोड़े तथा दुर्गंध से लोग परेशान हैं। घरों में रखे अनाज, कपड़े सहित गृहस्थी का सामान भीगने से खराब हो गया है। बर्बाद फसल देख लोग चिंतित हैं।
मरचहवा के प्रधान इजहार अंसारी, शिवपुर के प्रधान प्रतिनिधि राजू अंसारी सहित अनिल, राजेश, नंदू, जवाहिर, मुंशी, नरेश आदि का कहना है कि पानी गांव के निचले हिस्से में चला गया है, लेकिन दुश्वारी अभी भी बरकरार है। इसी तरह सालिकपुर व महदेवा गांव से पानी बाहर निकल गया है। वहां स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है।