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गंडक का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में घुसा पानी
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शिवपुर गांव में घुसा बाढ़ की पानी।
- फोटो : KUSHINAGAR
गंडक का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में घुसा पानी
नदी में 2.76 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, नेपाल में बारिश के बाद बढ़ा पानी
सेवरही क्षेत्र में 24 घंटे के बाद नजर आएगा बाढ़ का असर
खड्डा। वाल्मीकि नगर बैराज से गंडक नदी में सोमवार की शाम को 2,76,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे गंडक नदी के आस-पास के निचले इलाकों में बसे कई गांवों में पानी घुस गया। इससे भैसहां गेज स्थल पर गंडक नदी खतरे के निशान के करीब 96.67 मीटर तक पहुंच गई। नदी में जलस्तर बढ़ने की सूचना पर डीएम के आदेश पर एसडीएम ने शिवपुर गांव का दौरा किया। बाढ़ की आशंका को देखते हुए उन्होंने सभी को सजग रहने के लिए कहा है।
सोमवार को वाल्मीकि नगर बैराज से गंडक नदी में पानी छोड़ने का सिलसिला शुरू हुआ। सुबह छह बजे कुल डिस्चार्ज 1,24,000 क्यूसेक था। दोपहर 12 बजे 2,06,000, दो बजे 227000 तक और तीन बजे 2,50,000 तथा चार बजे 2,65,000 क्यूसेक पहुंच गया। इससे भैंसहा गेज स्थल पर खतरे के निशान को पार करने की संभावना बढ़ गई। बाढ़ से प्रभावित होने वाले मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर,नरायनपुर ,सालिकपुर ,महदेवा आदि गांव के लोग पानी बढ़ने से सहम गए हैं। सोमवार को डीएम के निर्देश पर एसडीएम भावना सिंह बिहार के रास्ते नदी पार करके शिवपुर गांव की पुलिस चौकी पर पहुंचीं। वहां मरचहवा प्रधान इजहार, हरिहरपुर प्रधान नरसिंह, नरायनपुर के प्रधान पति हिरामन, शवपुर प्रधान प्रतिनिधि राजू अंसारी सहित अन्य ग्रामीणों से बात करके जानकारी ली। एसडीएम ने बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी करने का निर्देश देते हुए कर्मचारियों को सजग किया। गंडक में पानी बढ़ने से छितौनी तटबंध के बीरभार ठोकर पर नदी की धारा टकरा रही है। इससे कटान का खतरा बढ़ गया है। गंडक नदी में पानी बढ़ने से देर शाम निचले हिस्से के हरिहरपुर, शिवपुर, मरचहवा और बसंतपुर गांव में पानी घुस गया। सड़कों पर भी पानी बहने लगा। शाम पांच बजे पानी का डिस्चार्ज 2,76,800 क्यूसेक होने पर हरिहरपुर में उमेश, पारस, शिवनरायन, राजेंद्र, कुशना सहित 12 से अधिक लोगों के घरों में पानी घुस गया। शिवपुर गांव में भी सड़क पर पानी बहने लगा है। शिवपुर के निचले हिस्से में बसे सीताराम, जोखू, सुरेंद्र मुसहर और शैलेष के घरों में भी शाम छह बजे तक पानी पहुंच चुका था। ग्रामीण अनिल, बिकाऊ, बेचन कुशवाहा आदि ने बताया कि सामानों को सुरक्षित किया जा रहा है।
बाढ़ खंड के एसडीओ मनोरंजन चौधरी ने बताया कि तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित हैं। महदेवा गांव के पास स्थिति नियंत्रण में है।
सेवरही क्षेत्र में 24 घंटे के बाद दिखेगा असर
तमकुहीरोड। वाल्मीकि नगर बैराज से गंडक में पानी छोड़े जाने का असर सेवरही क्षेत्र में 24 घंटे के बाद नजर आता है। सोमवार को पानी बढ़ने की सूचना पर ग्रामीण सतर्क हो गए। बाढ़ खंड के अभियंताओं ने बंधों की चौकसी बढ़ा दी। एपी बांध और नरवाजोत बांध की सुरक्षा को लेकर अभियंता सतर्क रहे। बांध के किनारे बसे गांव में रहने वाले संजय सिंह, पन्नालाल यादव, पुजारी सिंह, दूधनाथ शर्मा, सहदेव चौहान, जालंधर साह, प्रताप सिंह, चंद्रदीप साहनी, श्रीकांत पासवान, प्रभुनाथ यादव का कहना है कि गंडक में पानी बढ़ने से गांवों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इस खतरे की आशंका में बाढ़ खंड के जेई चंद्रप्रकाश, रमेशधर दुबे और जेई सुनील कुमार यादव नियमित ढंग से भ्रमण कर रहे हैं। इस संबंध में बाढ़ खंड तृतीय के एसडीओ श्रवण कुमार प्रियदर्शी का कहना है कि सभी जगहों पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ से बचाव की तैयारी पूरी की गई है।
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नदी में 2.76 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, नेपाल में बारिश के बाद बढ़ा पानी
सेवरही क्षेत्र में 24 घंटे के बाद नजर आएगा बाढ़ का असर
खड्डा। वाल्मीकि नगर बैराज से गंडक नदी में सोमवार की शाम को 2,76,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे गंडक नदी के आस-पास के निचले इलाकों में बसे कई गांवों में पानी घुस गया। इससे भैसहां गेज स्थल पर गंडक नदी खतरे के निशान के करीब 96.67 मीटर तक पहुंच गई। नदी में जलस्तर बढ़ने की सूचना पर डीएम के आदेश पर एसडीएम ने शिवपुर गांव का दौरा किया। बाढ़ की आशंका को देखते हुए उन्होंने सभी को सजग रहने के लिए कहा है।
सोमवार को वाल्मीकि नगर बैराज से गंडक नदी में पानी छोड़ने का सिलसिला शुरू हुआ। सुबह छह बजे कुल डिस्चार्ज 1,24,000 क्यूसेक था। दोपहर 12 बजे 2,06,000, दो बजे 227000 तक और तीन बजे 2,50,000 तथा चार बजे 2,65,000 क्यूसेक पहुंच गया। इससे भैंसहा गेज स्थल पर खतरे के निशान को पार करने की संभावना बढ़ गई। बाढ़ से प्रभावित होने वाले मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर,नरायनपुर ,सालिकपुर ,महदेवा आदि गांव के लोग पानी बढ़ने से सहम गए हैं। सोमवार को डीएम के निर्देश पर एसडीएम भावना सिंह बिहार के रास्ते नदी पार करके शिवपुर गांव की पुलिस चौकी पर पहुंचीं। वहां मरचहवा प्रधान इजहार, हरिहरपुर प्रधान नरसिंह, नरायनपुर के प्रधान पति हिरामन, शवपुर प्रधान प्रतिनिधि राजू अंसारी सहित अन्य ग्रामीणों से बात करके जानकारी ली। एसडीएम ने बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी करने का निर्देश देते हुए कर्मचारियों को सजग किया। गंडक में पानी बढ़ने से छितौनी तटबंध के बीरभार ठोकर पर नदी की धारा टकरा रही है। इससे कटान का खतरा बढ़ गया है। गंडक नदी में पानी बढ़ने से देर शाम निचले हिस्से के हरिहरपुर, शिवपुर, मरचहवा और बसंतपुर गांव में पानी घुस गया। सड़कों पर भी पानी बहने लगा। शाम पांच बजे पानी का डिस्चार्ज 2,76,800 क्यूसेक होने पर हरिहरपुर में उमेश, पारस, शिवनरायन, राजेंद्र, कुशना सहित 12 से अधिक लोगों के घरों में पानी घुस गया। शिवपुर गांव में भी सड़क पर पानी बहने लगा है। शिवपुर के निचले हिस्से में बसे सीताराम, जोखू, सुरेंद्र मुसहर और शैलेष के घरों में भी शाम छह बजे तक पानी पहुंच चुका था। ग्रामीण अनिल, बिकाऊ, बेचन कुशवाहा आदि ने बताया कि सामानों को सुरक्षित किया जा रहा है।
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बाढ़ खंड के एसडीओ मनोरंजन चौधरी ने बताया कि तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित हैं। महदेवा गांव के पास स्थिति नियंत्रण में है।
सेवरही क्षेत्र में 24 घंटे के बाद दिखेगा असर
तमकुहीरोड। वाल्मीकि नगर बैराज से गंडक में पानी छोड़े जाने का असर सेवरही क्षेत्र में 24 घंटे के बाद नजर आता है। सोमवार को पानी बढ़ने की सूचना पर ग्रामीण सतर्क हो गए। बाढ़ खंड के अभियंताओं ने बंधों की चौकसी बढ़ा दी। एपी बांध और नरवाजोत बांध की सुरक्षा को लेकर अभियंता सतर्क रहे। बांध के किनारे बसे गांव में रहने वाले संजय सिंह, पन्नालाल यादव, पुजारी सिंह, दूधनाथ शर्मा, सहदेव चौहान, जालंधर साह, प्रताप सिंह, चंद्रदीप साहनी, श्रीकांत पासवान, प्रभुनाथ यादव का कहना है कि गंडक में पानी बढ़ने से गांवों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इस खतरे की आशंका में बाढ़ खंड के जेई चंद्रप्रकाश, रमेशधर दुबे और जेई सुनील कुमार यादव नियमित ढंग से भ्रमण कर रहे हैं। इस संबंध में बाढ़ खंड तृतीय के एसडीओ श्रवण कुमार प्रियदर्शी का कहना है कि सभी जगहों पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ से बचाव की तैयारी पूरी की गई है।
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