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Kushinagar News: पीपा पुल धंसने पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
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गोलाघाट पर पीपा पुल की मरम्मत की मांग को लेकर प्रदर्शन करते लोग।संवाद
-बांसी नदी में बना था पीपा का पुल,ठप हुई आवाजाही
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। गोलाघाट पर बांसी नदी में लोगों के आवागमन के लिए बने पीपे के पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे कई गांवों की आवाजाही ठप हो गई है। इससे लोग जान जोखिम में डालकर पैदल आने-जाने के लिए विवश हैं। इससे नाराज ग्रामीणों ने सोमवार टूटे पुल पर खड़े होकर प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने कहा कि यह पुल आठ से दस गांवों के लोगों के आवागमन का एक मात्र साधन है। इसे तत्काल दुरुस्त कराया जाना चाहिए। सेवरही विकास खंड के पिपराघाट एहतमाली ग्राम सभा के गोलाघाट में बांसी नदी पर 2012 में 36 लाख रुपये से तत्कालीन विधायक डाॅ. पीके राय के प्रयास से पीपे का पुल बना था। इसके पहले यहां के लोग छोटी नावों से जान जोखिम में डालकर नदी पार करते थे।
इससे राजपुर बगहा, राजपुर खाश, गोलाघाट, तीनटोलिया, इमिलिया टोला, जोगनी, बुटन टोला, प्रभुनाथ चौराहा, मोतीराय टोला, बेनिया पिपरा, नौका टोला, नरवा जोत सहित कई के लोग आवाजाही करते हैं। पुल की विडंबना है कि बरसात में बांसी नदी उफान पर होती है, तो इसे सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए खोल दिया जाता है, लेकिन इस साल बांसी नदी में सामान्य पानी रहने के कारण इसे खोला नहीं गया है, लेकिन दो दिन पहले इसका एक पीपा क्षतिग्रस्त होकर पानी में बैठ गया। इसके चलते पुल के एक हिस्से का स्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हो गया है, और आवाजाही प्रभावित हो गई है।
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लोगों को वाहनों से छह किमी अधिक दूरी तय कर पिपराघाट के रास्ते सेवरही आना पड़ रहा है, जबकि पैदल अथवा साइकिल से आने जाने वाले लोग बड़ी मुश्किल से टूटे पुल को पार कर पा रहे हैं। जो किसी जोखिम से कम नहीं है। इससे नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को निषाद पार्टी के नेता राजकिशोर निरंकारी की अगवाई में टूटे पुल पर खड़े होकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी कर पुल की मरम्मत कराए जाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यहां पक्के पुल के निर्माण की मांग वर्षों की जा रही है, लेकिन अभी भी स्थिति जस की तस बनी है। पुल की मरम्मत जल्द न होने पर आंदोलन की चेतावनी लोगों ने दी। प्रदर्शन करने वालों में ध्रुव निषाद, मोहन यादव, सुभाष गुप्ता, पारस निषाद, संतोष मुसहर, दहारी निषाद, रामचंद्र यादव, जितेंद्र निषाद, रामदेनी निषाद, रविंद्र यादव, विश्वनाथ चौधरी आदि मौजूद रहे।
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सड़क निर्माण को लेकर प्रदर्शन
फोटो
फाजिलनगर। क्षेत्र के बेलवा कारखाना से लक्ष्मीपुर मिश्र, बैजू टोला से होकर दर्जिया को जाने वाली सड़क पर दर्जनों गांव के लोग आते जाते है। लेकिन सड़क टूटने से परेशानी हो रही है। स्कूली बच्चे कीचड़ भरी सड़क पर गिरकर चोटिल हो जाते है। कई बार राहगीर को भी चोट आई है। सड़क पर कीचड़ और पानी की वजह से लोगों के दिक्कत हो रही है। सोमवार के दिन आक्रोशित ग्रामीणो ने नंदलाल विद्रोही के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन कर शीघ्र सड़क की मांग की है। नंदलाल विद्रोही ने कहा कि सड़क का निर्माण जल्द कराया जाए नहीं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस अवसर पर गुड्डू मिश्र, विकास मिश्र, चंद्रभूषण मिश्र, राधेश्याम, कयामत अंसारी, गयासुद्दीन अंसारी, अनिल दुबे, शिवम मिश्रा, जयप्रकाश मौर्य, प्रदीप मिश्रा आदि ग्रामवासी उपस्थित रहे। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। गोलाघाट पर बांसी नदी में लोगों के आवागमन के लिए बने पीपे के पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे कई गांवों की आवाजाही ठप हो गई है। इससे लोग जान जोखिम में डालकर पैदल आने-जाने के लिए विवश हैं। इससे नाराज ग्रामीणों ने सोमवार टूटे पुल पर खड़े होकर प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने कहा कि यह पुल आठ से दस गांवों के लोगों के आवागमन का एक मात्र साधन है। इसे तत्काल दुरुस्त कराया जाना चाहिए। सेवरही विकास खंड के पिपराघाट एहतमाली ग्राम सभा के गोलाघाट में बांसी नदी पर 2012 में 36 लाख रुपये से तत्कालीन विधायक डाॅ. पीके राय के प्रयास से पीपे का पुल बना था। इसके पहले यहां के लोग छोटी नावों से जान जोखिम में डालकर नदी पार करते थे।
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इससे राजपुर बगहा, राजपुर खाश, गोलाघाट, तीनटोलिया, इमिलिया टोला, जोगनी, बुटन टोला, प्रभुनाथ चौराहा, मोतीराय टोला, बेनिया पिपरा, नौका टोला, नरवा जोत सहित कई के लोग आवाजाही करते हैं। पुल की विडंबना है कि बरसात में बांसी नदी उफान पर होती है, तो इसे सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए खोल दिया जाता है, लेकिन इस साल बांसी नदी में सामान्य पानी रहने के कारण इसे खोला नहीं गया है, लेकिन दो दिन पहले इसका एक पीपा क्षतिग्रस्त होकर पानी में बैठ गया। इसके चलते पुल के एक हिस्से का स्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हो गया है, और आवाजाही प्रभावित हो गई है।
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लोगों को वाहनों से छह किमी अधिक दूरी तय कर पिपराघाट के रास्ते सेवरही आना पड़ रहा है, जबकि पैदल अथवा साइकिल से आने जाने वाले लोग बड़ी मुश्किल से टूटे पुल को पार कर पा रहे हैं। जो किसी जोखिम से कम नहीं है। इससे नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को निषाद पार्टी के नेता राजकिशोर निरंकारी की अगवाई में टूटे पुल पर खड़े होकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी कर पुल की मरम्मत कराए जाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यहां पक्के पुल के निर्माण की मांग वर्षों की जा रही है, लेकिन अभी भी स्थिति जस की तस बनी है। पुल की मरम्मत जल्द न होने पर आंदोलन की चेतावनी लोगों ने दी। प्रदर्शन करने वालों में ध्रुव निषाद, मोहन यादव, सुभाष गुप्ता, पारस निषाद, संतोष मुसहर, दहारी निषाद, रामचंद्र यादव, जितेंद्र निषाद, रामदेनी निषाद, रविंद्र यादव, विश्वनाथ चौधरी आदि मौजूद रहे।
सड़क निर्माण को लेकर प्रदर्शन
फोटो
फाजिलनगर। क्षेत्र के बेलवा कारखाना से लक्ष्मीपुर मिश्र, बैजू टोला से होकर दर्जिया को जाने वाली सड़क पर दर्जनों गांव के लोग आते जाते है। लेकिन सड़क टूटने से परेशानी हो रही है। स्कूली बच्चे कीचड़ भरी सड़क पर गिरकर चोटिल हो जाते है। कई बार राहगीर को भी चोट आई है। सड़क पर कीचड़ और पानी की वजह से लोगों के दिक्कत हो रही है। सोमवार के दिन आक्रोशित ग्रामीणो ने नंदलाल विद्रोही के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन कर शीघ्र सड़क की मांग की है। नंदलाल विद्रोही ने कहा कि सड़क का निर्माण जल्द कराया जाए नहीं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस अवसर पर गुड्डू मिश्र, विकास मिश्र, चंद्रभूषण मिश्र, राधेश्याम, कयामत अंसारी, गयासुद्दीन अंसारी, अनिल दुबे, शिवम मिश्रा, जयप्रकाश मौर्य, प्रदीप मिश्रा आदि ग्रामवासी उपस्थित रहे। संवाद