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Kushinagar News: घायल युवक की अस्पताल में माैत पर हंगामा
Sun, 23 Feb 2025 12:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 23 Feb 2025 12:27 AM IST
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कसया। सड़क हादसे में घायल युवक की इलाज के दौरान कस्बे के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। तीमारदारों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। युवक की मौत के बाद संचालक फरार हो गया। नाराज घर वाले डॉक्टर और संचालक को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। मामला बढ़ता देख अतिरिक्त फोर्स लगानी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के पड़री गांव निवासी अभय मल्ल (24) दोस्त चंदन सिंह और अंकुर के साथ शुक्रवार की रात एक परिचित की शादी में पडरौना गया था। शादी के बाद तीनों बाइक से लौट रहे थे। अभी दोनों खाव खड्डा के पास पहुंचे थे कि अचानक सामने आई नीलगाय से बाइक जा टकराई। इस हादसे में तीनों घायल हो गए। वहां मौजूद लोगों ने तीनों को मेडिकल कॉलेज कुशीनगर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तीनों घायलों को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। अभय मल्ल के सिर में गंभीर चोट होने के कारण उसकी हालत नाजुक बनी थी।
युवक के घर वालों का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज कुशीनगर के बाहर एक व्यक्ति मिला और कसया के आरएस हॉस्पिटल में बेहतर इलाज की बात कहकर उन्हें वहां से लेकर चला गया। वहां इलाज से पहले 1.60 लाख रुपये जमा कराने के लिए काउंटर पर कहा गया, किसी तरह एक लाख रुपये जमा करने पर इलाज शुरू हुआ। इलाज सिर्फ दो स्टाफ नर्स कर रही थीं, कोई डॉक्टर नहीं था। करीब छह घंटे बाद अभय मल्ल की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल संचालक और स्टाफ मौके से फरार हो गए। इस दौरान घर वाले हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए एंबुलेंस में रखवा लिया, लेकिन फिर उग्र हुए घर वालों एंबुलेंस को चारों तरफ से घेर लिया और पुलिस भी बिफर पड़े। लोगों का आक्रोश देख पुलिसकर्मी पीछे हट गए और इंस्पेक्टर कसया को इसकी जानकारी दी।
करीब तीन घंटे बाद दस से अधिक सिपाही और दरोगा के साथ इंस्पेक्टर पहुंचे और शव को कब्जे में लेने का प्रयास करने लगे। घर वाले बार-बार इलाज करने वाले डॉक्टर और संचालक को सामने बुलाने की बात कह रहे थे। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। मौके पर जुटे लोगों का कहना है कि इसके पहले भी इस अस्पताल में इलाज के दौरान मरीजों की मौत हो चुकी है और हंगामा भी हुआ है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती है। कसया इंस्पेक्टर ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि शव को काफी मशक्कत के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। आरोप है कि अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं था, स्टाफ नर्स इलाज कर रही थी। इसके चलते युवक की जान चली गई।
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युवक के घर वालों का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज कुशीनगर के बाहर एक व्यक्ति मिला और कसया के आरएस हॉस्पिटल में बेहतर इलाज की बात कहकर उन्हें वहां से लेकर चला गया। वहां इलाज से पहले 1.60 लाख रुपये जमा कराने के लिए काउंटर पर कहा गया, किसी तरह एक लाख रुपये जमा करने पर इलाज शुरू हुआ। इलाज सिर्फ दो स्टाफ नर्स कर रही थीं, कोई डॉक्टर नहीं था। करीब छह घंटे बाद अभय मल्ल की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल संचालक और स्टाफ मौके से फरार हो गए। इस दौरान घर वाले हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए एंबुलेंस में रखवा लिया, लेकिन फिर उग्र हुए घर वालों एंबुलेंस को चारों तरफ से घेर लिया और पुलिस भी बिफर पड़े। लोगों का आक्रोश देख पुलिसकर्मी पीछे हट गए और इंस्पेक्टर कसया को इसकी जानकारी दी।
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करीब तीन घंटे बाद दस से अधिक सिपाही और दरोगा के साथ इंस्पेक्टर पहुंचे और शव को कब्जे में लेने का प्रयास करने लगे। घर वाले बार-बार इलाज करने वाले डॉक्टर और संचालक को सामने बुलाने की बात कह रहे थे। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। मौके पर जुटे लोगों का कहना है कि इसके पहले भी इस अस्पताल में इलाज के दौरान मरीजों की मौत हो चुकी है और हंगामा भी हुआ है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती है। कसया इंस्पेक्टर ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि शव को काफी मशक्कत के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। आरोप है कि अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं था, स्टाफ नर्स इलाज कर रही थी। इसके चलते युवक की जान चली गई।
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