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Kushinagar News: डेढ़ करोड़ की लागत से रामकोला में बनेंगे दो नए एमआरएफ सेंटर
Tue, 30 Dec 2025 01:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 30 Dec 2025 01:32 AM IST
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रामकोला। स्थानीय नगर पंचायत क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए दो नए एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बनाए जाएंगे। इनके निर्माण पर करीब 1.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह निर्णय नगर पंचायत में बढ़ रही आबादी व कचरा प्रबंधन के लिए लिया गया है।
वर्तमान में रामकोला नगर पंचायत के 21 वार्डों की कुल आबादी करीब 70 हजार है। एमआरएफ सेंटर के निर्माण से यहां से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे का प्रबंधन हो सकेगा। एक सेंटर पहले से ही यहां क्रियाशील है लेकिन कस्बे का विस्तार होने से आबादी में वृद्धि हुई तो कचरे की मात्रा भी बढ़ी है। जिसके उचित निपटान के लिए दो नए एमआरएफ सेंटर बनाने के लिए जगह चिह्नित की जा रही है।
इनके बनने से नगर के और स्वच्छ होने की उम्मीद है। हालांकि अभी एमआरएफ सेंटर के निर्माण स्थल को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है। नगर पंचायत के अनुसार वार्डों से प्रतिदिन करीब चार टन कूड़ा-कचरा निकलता है। इनके निस्तारण के लिए कोई बेहतर प्रबंध नहीं है, अभी महज वार्ड नंबर 13 डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर में एक एमआरएफ सेंटर क्रियाशील है लेकिन इसकी क्षमता बहुत ही कम है, जिसके कारण नगर से निकल रहे कूड़े-कचरे का सही से निपटान नहीं हो पा रहा है।
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बताया यह भी जा रहा है कि कस्बे के निकल रहे कूड़े-कचरे को मौजूदा समय में सड़क के किनारे इधर-उधर खुले में भी फेंक दिया जा रहा है। यही, नहीं कस्बे के रहने वाले लोग अपने जमीन को भरने के लिए भी कचरे के ढेर को रखवाते हैं लेकिन यह सब व्यवस्था नगर की सूरत को बिगाड़ रही है। इसलिए नगर पंचायत प्रशासन ने दो और एमआरएफ सेंटर बनवाने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में चेयरमैन सुनीता चौधरी ने कहा कि नगर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए अगले साल दो नए एमआरएफ सेंटर बनाए जाएंगे। निर्माण के लिए जगह के चिह्नित की जा रही है। इनके निर्माण पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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सेंटर में बनेगी खाद
एमआरएफ सेंटर के क्रियाशील होने पर कूड़े-कचरे से खाद बनाई जाएगी। इसका उपयोग किसान अपने खेतों में कर सकेंगे। उन्हें न्यूनतम कीमत पर खाद मिलेगी। क्रियाशील सेंटर में वाहनों से कुछ ही वार्डों का कचरा पहुंचाया जा रहा है, उन्हीं का निस्तारण हो पा रहा है।
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वर्तमान में रामकोला नगर पंचायत के 21 वार्डों की कुल आबादी करीब 70 हजार है। एमआरएफ सेंटर के निर्माण से यहां से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे का प्रबंधन हो सकेगा। एक सेंटर पहले से ही यहां क्रियाशील है लेकिन कस्बे का विस्तार होने से आबादी में वृद्धि हुई तो कचरे की मात्रा भी बढ़ी है। जिसके उचित निपटान के लिए दो नए एमआरएफ सेंटर बनाने के लिए जगह चिह्नित की जा रही है।
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इनके बनने से नगर के और स्वच्छ होने की उम्मीद है। हालांकि अभी एमआरएफ सेंटर के निर्माण स्थल को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है। नगर पंचायत के अनुसार वार्डों से प्रतिदिन करीब चार टन कूड़ा-कचरा निकलता है। इनके निस्तारण के लिए कोई बेहतर प्रबंध नहीं है, अभी महज वार्ड नंबर 13 डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर में एक एमआरएफ सेंटर क्रियाशील है लेकिन इसकी क्षमता बहुत ही कम है, जिसके कारण नगर से निकल रहे कूड़े-कचरे का सही से निपटान नहीं हो पा रहा है।
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बताया यह भी जा रहा है कि कस्बे के निकल रहे कूड़े-कचरे को मौजूदा समय में सड़क के किनारे इधर-उधर खुले में भी फेंक दिया जा रहा है। यही, नहीं कस्बे के रहने वाले लोग अपने जमीन को भरने के लिए भी कचरे के ढेर को रखवाते हैं लेकिन यह सब व्यवस्था नगर की सूरत को बिगाड़ रही है। इसलिए नगर पंचायत प्रशासन ने दो और एमआरएफ सेंटर बनवाने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में चेयरमैन सुनीता चौधरी ने कहा कि नगर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए अगले साल दो नए एमआरएफ सेंटर बनाए जाएंगे। निर्माण के लिए जगह के चिह्नित की जा रही है। इनके निर्माण पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सेंटर में बनेगी खाद
एमआरएफ सेंटर के क्रियाशील होने पर कूड़े-कचरे से खाद बनाई जाएगी। इसका उपयोग किसान अपने खेतों में कर सकेंगे। उन्हें न्यूनतम कीमत पर खाद मिलेगी। क्रियाशील सेंटर में वाहनों से कुछ ही वार्डों का कचरा पहुंचाया जा रहा है, उन्हीं का निस्तारण हो पा रहा है।