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Kushinagar News: आंधी-बारिश में मेन लाइन पर गिरे पेड़, 17 घंटे बिजली आपूर्ति ठप

Wed, 18 Oct 2023 12:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Wed, 18 Oct 2023 12:14 AM IST
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Trees fell on main line during storm and rain, power supply disrupted for 17 hours
कप्तानगंज पिपराइच मार्ग पर घोघरा और महुअवा खुर्द चौराहे के बीच मे सड़क एवं बिजली के तार पर गिरा
- शहर के करीब 30 हजार लोगों को नहीं मिली बिजली
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- गन्ने की फसल को भी पहुंचा नुकसान


पडरौना। सोमवार की रात करीब 11 बजे आई तेज आंधी-बारिश ने काफी क्षति पहुंचाई। कई पेड़ उखड़कर बिजली की मेन लाइन पर गिर गए। पडरौना-कसया की 33केवी की मेन लाइन पर चार जगह पेड़ गिर जाने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जनपद मुख्यालय सहित पडरौना विद्युत वितरण खंड के विभिन्न हिस्सों में 17 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
इससे करीब 30 हजार परिवार बिजली के संकट से जूझते रहे। इसके अलावा तेज आंधी और बारिश की वजह से गन्ना और धान की फसल ढह गई है। खेतों में तैयार इन फसलों को क्षति पहुंचने की आशंका से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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रात में आंधी-बारिश के कारण जिला मुख्यालय स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय के पास 33 हजार केवी की मेन लाइन पर एक अर्जुन का पेड़ गिर गया था। इसके अलावा बाड़ी पुल और बैरिया काटा के पास भी मेन लाइन पर पेड़ की डालियां गिर गई थीं। इससे बिजली के तार टूट गए ।
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इसके अलावा बहोरा छपरा, बेलवा जंगल, साखोपार समेत अन्य स्थानों पर मेन लाइन पर पेड़ गिर गया था। इसके चलते रविंद्रनगर, पडरौना और विशुनुपरा उपकेंद्र से जुड़े जनपद मुख्यालय और पडरौना नगर सहित भिस्वा सरकारी, डीएम आवास, बेलवा मिश्र आदि गांव के करीब 30 हजार उपभोक्ताओं के घरों की बिजली करीब 17 घंटे गुल रही।

एसडीओ भोलानाथ ने बताया कि रात करीब 11 बजे आई तेज आंधी की वजह से कई स्थानों पर बिजली के तार पर पेड़ और उसकी डालियां गिर गई थीं। उसे सही करने के लिए रात में ही पेट्रोलिंगि शुरू करा दी गई थी, लेकिन फाल्ट को खोजने में सफलता नहीं मिली। सुबह पांच बजे ही बिजली कर्मचारियों ने पुन: पेट्रोलिंग कर फाल्ट की तलाश कर उसे सही करा दिया गया है। इसके चलते सोमवार की रात करीब 11 बजे से मंगलवार को दिन के तीन बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इस समय सभी फिडरों को चालू कर दिया गया है।


बताया कि सुबह दस बजे तक पडरौना हाइडिल से जुड़े कई गांवों में बिजली आपूर्ति शुरू करा दी गई। उसके बाद दिन के तीन बजे तक रवींद्रनगर बिजली घर से जुड़े शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति भी बहाल की गई। बिजली न रहने की वजह से टंकियों में पानी नहीं भर पाया, जिससे लोगों को नहाने, कपड़े धोने सहित अन्य दैनिक कार्य प्रभावित हुए।
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तार पर पेड़ गिरने से पटहेरवा फीडर से 14 घंटे गुल रही बिजली
समउर बाजार। सोमवार की रात आई तेज आंधी से बिजली के तार पर पेड़ गिर गए। इसकी वजह से पटहेरवा फीडर से जुड़े पटहेरवा, सहदौली, मोगलपुरा, महुअवां नरायनपुर, बलुआ, बसंतपुर, भेडिहारी टोला, महरु टोला, चैन पट्टी, गगलवा, पिपरा कनक आदि गांव में करीब 14 घंटे बिजली गुल रही। क्षेत्र के बसरुदीन सिद्दीकी, शिव प्रसाद, मुश्ताक अंसारी, सद्दाम आदि ने बताया कि जब भी आंधी या बारिश होती है, तो इस तरह की समस्या से लोगों को जुझना पड़ता है।
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गिदहा बैरिया उपकेंद्र से जुड़े गांवों की बिजली गुल
इन्दरपुर। सोमवार की रात आई आंधी-बारिश से बिजली के तार पर पेड़ गिर गए। इसकी वजह से विद्युत उपकेंद्र गिदहा बैरिया से जुड़े सभी गांव में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। अवर अभियंता अजीत प्रसाद ने बताया कि बिजली के तार और पोल पर पेड़ गिरने से छह पोल और तार टूटकर जगह-जगह गिर गए हैं। बिजली कर्मचारी उसे सही करने में लगे हैं। उसे ठीक करने में अभी समय लगेगा।
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फाजिलनगर उपकेंद्र से जुड़े 26 हजार परेशान, बहाल नहीं हो सकी बिजली
गुरवलिया बाजार। पेड़ की टहनियां हाईटेंशन तार पर गिरने से मंगलवार की शाम तक जोकवा फीडर की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। फाजिलनगर विधुत उपकेंद्र से 26 हजार से अधिक उपभोक्ता जोकवा फीडर, टाउन फीडर, रहसु फीडर, न्यू साउथ, ओल्ड साउथ फीडर से जुड़े हैं। सोमवार की रात आई तेज आंधी से इंटर काॅलेज सोहंग, हाटा आदि कई जगह बिजली के तार पर पेड़ की टहनिया टूट कर गिर गईं।
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अहिरौली बाजार प्रतिनिधि कं अनुसार क्षेत्र के घोघरा, जगदीशपुर, बरडीहा चौराहे पर पेड़ टूट कर बिजली के तार पर गिर गया। जिससे कप्तानगंज-पिपराइच मार्ग पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया। इसके वजह से लोगों को करीब चार किलोमीटर अधिक दूरी तय कर आवागमन पूरा करना पड़ा। मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे गांव के लोगों ने सड़क पर पर गिरे पेड़ को हटवा कर आवागमन चालू कराया।
मंसाछापर प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार की रात आंधी पानी से 33 केवीए लाइन में फाल्ट हो गया। इससे करीब 90 गांव की बिजली आपूर्ति ठप रही। मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे क्षतिग्रस्त बिजली के तार को ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल की गई।

मनिकौरा और जरार उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति 75 किलोमीटर दूर राजापाकड़ बिजली घर से होती है। सोमवार की देर रात करीब साढ़े दस बजे तेज आंधी और पानी के कारण 33 केवीए में फाल्ट हो गई। इसके कारण 90 गांव की बिजली आपूर्ति रात से ही ठप हो गई। जो मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे बहाल हुई।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार की रात आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। इससे खडडा-पकड़ी मार्ग पर तुर्कहा सीएचसी के पास दो सेमल का पेड़ टूट कर सड़क पर गिर गया। इसके अलावा कई जगहों बिजली के तार पर पेड़ गिर गया, जिससे बिजली के तार टूट गए। इससे खड्डा और छितौनी उपकेंद्र से जुड़े गांव में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद मंगलवार की दोपहर तक खड्डा और छितौनी कस्बा में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में शाम पांच बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
कसया प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार की रात आई आधी व बारिश की वजह से नरकटिया बाजार के पास मेन लाइन पर पेड़ की डाली टूटकर गिर गया। इसके अलावा एयरपोर्ट के पास भी मेन लाइन पर एक सागौन का पेड़ गिर गया। निगम के कर्मचारियों ने उसे सही कराकर बिजली व्यवस्था बहाल करा दी है। लेकिन नरायनपुर गांव के आस-पास के गांव में अभी तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।


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वर्जन



आधी की वजह से बिजली व्यवस्था थोड़ी सी प्रभावित हुई थी। उसको सही कराकर विद्युत आपूर्ति बहाल करा दी गई हैं। बिजली आपूर्ति बाधित न हो इसके लिए कर्मचारी लगे हैं। फाल्ट आने पर तत्काल भेज कर सही कराकर सप्लाई दी जा रही हैं।


- राकेश मोहन, अधीक्षण अभियंता विद्युत, कुशीनगर

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100 हेक्टेयर गन्ने की फसल को पहुंचा नुकसान

सोमवार की रात आई तेज आंधी और बारिश ने किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है। विभागीय सूत्रों की माने तो करीब सौ हेक्टेयर गन्ने की फसल गिर गई है। इसके अलावा कुछ पककर तैयार धान की फसल भी खेत में गिर गई है।
कृषि विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि खड्डा, पकड़ियार, कसया, फाजिलनगर, बनकटा, समउर बाजार, तमकुहीराज क्षेत्रों में गन्ने की फसलों को अधिक नुकसान पहुंचा है। यहां किसानों की करीब 100 हेक्टेयर फसल आंधी की वजह से गिरी है।
बनकटा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार भठहीं शुक्ल, मकतुली, चौरा बुजुर्ग, राजा विशुनपुर के किसानों की गन्रा और धान की फसल गिरी है। भठही शुक्ल निवासी चंद्रभूषण शुक्ल ने बताया कि उनकी करीब दो एकड़ धान की तैयार पक कर तैयार थी, लेकिन सोमवार की रात आई आधी-बारिश से गिर गई है। बलियवा के किसान मकतुली वकील सिंह, भानपुर के त्रिलोकी मिश्र, साहब हुसैन अंसारी ने बताया कि गन्ने के तैयार फसल को नुकसान पहुंचा है। गन्ने की फसल गिरने से खेत में चूहे लगेंगे, जो फसल को नुकसान कर देंगे।




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वर्जन

पक चुके धान की फसल को मौसम सही होते ही कटाई कर खेत से निकाल लें। जो धान अभी पके नही हैं, उसे नुकसान नहीं पहुंचेगा। खेत में गिरे गन्ने की फसल को उठाकर 20-25 गन्नों को उसकी पत्तियों से लपेट कर बांध दें। इससे खेत में चूहे नुकसान नहीं कर सकेंगे।

- डॉ. मेनका सिंह, जिला कृषि अधिकारी, कुशीनगर
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