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Kushinagar News: परिवहन निगम के इंतजाम नाकाफी...बहनों को सफर में हुई मुश्किल

Sun, 10 Aug 2025 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 10 Aug 2025 01:08 AM IST
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Transport Corporation's arrangements are inadequate...sisters faced difficulty in travelling
पडरौना में रोडवेज गेट पर बस में सवार होते लोग। संवाद 
पडरौना। रक्षाबंधन के अवसर पर शासन ने रोडवेज की बसों में बहनों के लिए तीन दिन मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है। यह शुक्रवार से जारी है और रविवार की रात 12 बजे तक मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। इस वर्ष बहनों के साथ एक पुरुष को भी बस में निशुल्क यात्रा का लाभ दिया गया है। सुविधा के लिए निगम की तरफ से बसों के फेरे भी बढ़ाए गए। इसके बाद भी उनकी मुश्किलें कम नहीं हुईं। उन्हें यात्रा के लिए धक्का-मुक्की सहनी पड़ी। यात्रा में भीड़ से बचने के लिए बहनों को प्राइवेट वाहनों से अधिक किराया देकर यात्रा करनी पड़ी, जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ी।
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पडरौना डिपो से परिवहन निगम की 34 और अनुबंधित 21 बसें संचालित होती हैं। रक्षाबंधन पर्व पर महिला यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए सभी बसों के उनके निर्धारित गंतव्य तक दो से तीन फेरे बढ़ा दिए गए थे। निगम की संचालित कुल 34 बसों में से तीन बसें दिल्ली के लिए चलती हैं। इसमें से दो बसों का संचालन रोककर उन्हें लखनऊ तक चलाकर उनके भी फेरे बढ़ा दिए थे। इतना इंतजाम होने के बाद भी भाइयों को राखी बांधने जाने वाली बहनों की मुश्किलें कम नहीं हुईं। यात्रियों की भीड़ के सामने निगम के प्रयास निरर्थक साबित हो रहे थे। यात्रियों की परेशानी की एक वजह यह भी कि शासन और परिहवन डिपो के अधिकारियों के निर्देश के बावजूद अनुबंधित बसों का संचालन बहुत कम हुआ, जिसकी वजह से यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने का भार अकेले निगम की बसों पर आ गया। गनीमत रहा कि गोरखपुर और देवरिया डिपो की बसें चलीं, जिससे यात्रियों को कुछ राहत मिली। पडरौना डिपो के एआरएम जयप्रकाश प्रधान ने बताया कि शासन के निर्देश पर पहली बार 60 घंटे तक महिलाओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई थी। शुक्रवार को करीब आठ हजार और शनिवार को करीब दस यात्रियों ने पडरौना डिपो की बसों से यात्रा की है। इसके अलावा पडरौना आने वाले देवरिया, गोरखपुर, बस्ती और लखनऊ समेत अन्य डिपो की बसों से भी लोगों ने यात्रा की है। परिवहन निगम की बसें होने के बाद बावजूद कई महिला यात्रियों को यात्रा करने में परेशानी हुई। पडरौना-जटहां, पडरौना-दुदही, पडरौना-खड्डा, पडरौना-कप्तानगंज समेत जिन मार्गों पर निगम की बसें संचालित नहीं होती हैं, उन मार्गों पर महिला यात्रियों को काफी परेशानी हुई। इन मार्गों पर महिलाओं को प्राइवेट सवारी गाड़ियों में यात्रा करनी पड़ी। इन मार्गों पर प्राइवेट बस चालक या ऑटो चालक क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर लोगों को ले जा रहे थे। सुबह करीब 11 बजे नगर के कठकुइयां मोड़ स्थित दुदही टेंपो स्टैंड पर सवारी भर रहे ऑटो चालक अविनाश कुमार ने बताया कि वह पडरौना से दुदही तक सवारी ले जाते हैं। हर दिन तीन से चार चक्कर लगाते थे, लेकिन शुक्रवार को आठ चक्कर लगाए थे। शनिवार को अब तक चार चक्कर सवारी ढो चुके थे। पांचवें चक्कर के लिए सवारी बैठा रहा हूं। वहां मौजूद ऑटो चालक अकरम अंसारी, दिनेश प्रसाद, सत्यम कुशवाहा आदि ने बताया कि त्योहार का मौका है। इसलिए ऑटो खड़ा होते ही सवारी भर जा रही है। सभी चालक इस मौके का फायदा उठा रहे हैं। सुबह 11:22 बजे मुख्य पश्चिमी गंडक नहर स्थित शिवपुर टैक्सी स्टैंड पर सवारी भर रहे योगेंद्र जायसवाल, मुन्ना जायसवाल, महफूज अंसारी, भुअर और मोहन मद्धेशिया ने बताया कि शनिवार की सुबह से ही सवारियों का तांता नहीं टूट रहा है। हम लोग भी इस मौके का लाभ ले रहे हैं। इसी तरह लगातार सवारी मिलने पर कसया, कप्तानगंज, रामकोला और जटहां बाजार जाने वाले टैक्सी और टेंपो चालकों के चेहरे पर पर्याप्त सवारी मिलने से प्रसन्नता दिखी। दुदही जा रहीं सुनीता मद्धेशिया ने बताया कि उन्हें भाई को राखी बांधने के लिए जाना है। पहले आती थी तो सवारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन इस बार दस मिनट में ही ऑटो भर गया है। ऑटो जल्दी चल दिया है। समस्या यह कि चालक ने 12 से 13 लोगों को बैठा लिया है। ऑटो में बैठे सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि दूसरे ऑटो को सवारी भरने में समय लगेगा। राखी बंधवाकर बहन के घर से वापस आना है। इसलिए लटक कर जाना मजबूरी है। प्राइवेट बस में सवार होकर खड्डा जा रहीं संगीता कुशवाहा, सुनीता देवी, क्षमा पाठक आदि महिलाओं ने बताया कि बस में सवारी इतनी अधिक है कि पैर रखने की जगह नहीं है। लेकिन त्योहार पर मायके जाना जरूरी है। इसलिए मजबूरी में जा रही हूं। दोपहर 12:15 बजे पडरौना बस स्टेशन पर निगम की बस में खड़ी प्रीती सिंह ने बताया कि बस में सीट नहीं है। भाई को राखी बांधनी है। उनकी तबीयत खराब है। इसलिए मायके जाना जरूरी है। मजबूरन खड़े होकर यात्रा करना पड़ रही है। इस बस में बैठीं अर्पिता वर्मा ने बताया कि त्योहारों पर यात्रा करने वालों की भीड़ तो होती है। महिलाओं के लिए यात्रा फ्री है। इसके चलते आज भीड़ अधिक है। वहीं दोपहर 12:34 बजे बस स्टेशन पर खड़ी पुनम देवी, बीना सिंह, प्रवीका राव आदि ने बताया कि उन्हें देवरिया जाना है, लेकिन अभी कोई बस नहीं है। एक चालक ने बताया है कि थोड़ा इंतजार कर लीजिए। अभी बस आएगी, इसलिए उसका इंतजार कर रहे हैं। दोपहर 12:40 बजे एक अनुबंधित बस गोरखपुर जाने के लिए खड़ी हुई। वह बस करीब पांच मिनट में ही भर गई। उसमें चढ़ने के लिए महिलाओं के अलावा अन्य यात्रियों को धक्का-मुक्की करनी पड़ी।
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