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Kushinagar News: वियतनाम और श्रीलंका के पर्यटकों ने महात्मा बुद्ध को चीवर चढ़ाया
Mon, 14 Oct 2024 03:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 14 Oct 2024 03:25 AM IST
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पकवा इनार। महात्मा बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में शनिवार को विदेशी पर्यटकों की आवक से चहल-पहल बनी रही। स्थानीय लोगों की भी तादाद ठीक-ठाक रही।
सुबह करीब 6:30 बजे वियतनामी पर्यटकों का 12 सदस्यीय दल और सात बजे छह वियतानामी पर्यटकों का दल व्याख्या केंद्र के रास्ते मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर पहुंचा। छठी शताब्दी पुरानी बुद्ध की लेटी प्रतिमा की परिक्रमा की और 6.1 मीटर लंबी व लेटी स्वर्ण आभायुक्त प्रतिमा पर चीवर चढ़ाकर शीश नवाया। बुद्ध की वंदना के साथ विश्व की शांति और कल्याण के लिए विशेष पूजा-अर्चना की।
दोपहर करीब 12:30 बजे श्रीलंकाई पर्यटकों का 36 सदस्यीय दल मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर पहुंचा। बुद्ध प्रतिमा के दर्शन से पहले भव्य चैत्य की बुद्ध वंदना के साथ चीवर लेकर परिक्रमा की। मंदिर में चीवर चढ़ाया और पूजा-अर्चना की। इसके अलावा भू-स्पर्श मुद्रा में बुद्ध प्रतिमा का दर्शन मांथा कुंवर मंदिर और फिर उनके अंतिम संस्कार स्थल रामाभार स्तूप (मुकुट बंधन चैत्य) का भी भ्रमण कर पूजा की।
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सुबह करीब 6:30 बजे वियतनामी पर्यटकों का 12 सदस्यीय दल और सात बजे छह वियतानामी पर्यटकों का दल व्याख्या केंद्र के रास्ते मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर पहुंचा। छठी शताब्दी पुरानी बुद्ध की लेटी प्रतिमा की परिक्रमा की और 6.1 मीटर लंबी व लेटी स्वर्ण आभायुक्त प्रतिमा पर चीवर चढ़ाकर शीश नवाया। बुद्ध की वंदना के साथ विश्व की शांति और कल्याण के लिए विशेष पूजा-अर्चना की।
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दोपहर करीब 12:30 बजे श्रीलंकाई पर्यटकों का 36 सदस्यीय दल मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर पहुंचा। बुद्ध प्रतिमा के दर्शन से पहले भव्य चैत्य की बुद्ध वंदना के साथ चीवर लेकर परिक्रमा की। मंदिर में चीवर चढ़ाया और पूजा-अर्चना की। इसके अलावा भू-स्पर्श मुद्रा में बुद्ध प्रतिमा का दर्शन मांथा कुंवर मंदिर और फिर उनके अंतिम संस्कार स्थल रामाभार स्तूप (मुकुट बंधन चैत्य) का भी भ्रमण कर पूजा की।
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