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Kushinagar News: नकली खाद की बिहार तक सप्लाई का शक, जांच तेज

Wed, 17 Dec 2025 12:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Wed, 17 Dec 2025 12:17 AM IST
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There are suspicions that counterfeit fertilizers are being supplied to Bihar; the investigation has been intensified.
कुशीनगर। रामधाम विशुनपुरा गांव में नकली उर्वरक की फैक्टरी चलाने वाले धंधेबाज की पहचान कर ली गई है। वह छह महीने से इस धंधे को चला रहा था। उसने मई में मकान को किराए पर लिया था। तब से वह नकली उर्वरक बना रहा था। इस बीच उसने कितनी मात्रा में नकली उर्वरक किसको सप्लाई की। इसके बारे में जांच शुरू की गई है।
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जिला कृषि अधिकारी मेनका सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया उर्वरक नियंत्रण आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी चल रही है। इसके लिए डीएम से अनुमति मांगी गई है। संकेत मिले हैं कि यह मामला किसी एक दुकानदार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी सप्लाई चेन जिले से बाहर महराजगंज, देवरिया और बिहार सीमा तक फैली हो सकती है। इसी को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।
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जांच टीम अब नकली उर्वरक तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले नमक, चूना, रंग और अन्य रसायनों की खरीद की ट्रेसिंग कर रही है। सूत्रों के मुताबिक यह कच्चा माल स्थानीय केमिकल दुकानों और सीमावर्ती इलाकों के छोटे सप्लायर्स से खरीदा गया। बिल, ट्रांसपोर्ट रसीद और बैंक लेनदेन के रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ी की भी पहचान की जा रही है।
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सोमवार को शहर के निकट स्थित रामधाम विशुनपुरा गांव में नकली उर्वरक बनाने के कारखाने पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने पुलिस के साथ छापा मारा था। वहां भारी मात्रा में नकली उर्वरक बनाने के सामान मिले थे। यहां से 12 बोरी नकली पोटाश, नमक का चूर्ण, नारंगी रंग, खाली बोरे पैक करने की मशीन बरामद हुई थी। मौके पर कोई व्यक्ति नहीं मिला तो टीम ने मकान मालिक को बुलाकर पूछताछ की।
इसके बाद जानकारी हुई कि मई में पडरौना के रहसू सिंधुआ निवासी अजीत कुमार मिश्रा ने किराए पर मकान लिया था। उसने मकान में कुछ कारोबार करने की बात की थी। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि बरामद सभी नमूने सील कर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।

बिचौलियों को भी खोज रहा विभाग : एक महीने के भीतर दूसरी बार जिले में सामने आए नकली उर्वरक के मामले ने प्रशासन और कृषि विभाग को अलर्ट मोड में ला दिया है। शुरुआती जांच में साफ संकेत मिले हैं कि यह मामला किसी एक दुकानदार या किसी एक खेप तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी सप्लाई चेन जिले से बाहर महराजगंज, देवरिया व बिहार सीमा तक फैली हो सकती है। इसी को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। वहीं, पुलिस सूत्रों के अनुसार 29 नवंबर को हुई बरामदगी के बाद जांच में नकली उर्वरक की डिस्ट्रिब्यूशन लाइन जांच शुरू की गई थी। यह पता लगाया जा रहा है कि नकली खाद किन दुकानदारों और बिचौलियों के जरिए किसानों तक पहुंची।
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