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Kushinagar News: गांव में सड़क की गुंजाइश तलाशने पहुंची टीम, तैयार की रिपोर्ट

Mon, 09 Jun 2025 12:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Mon, 09 Jun 2025 12:30 AM IST
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The team arrived to explore the possibility of a road in the village and prepared a report
सेवरही। पिपराघाट के देवनारायण टोला में रास्ता नहीं होने के मामले की जांच करने राजस्व विभाग की टीम पहुंची। टीम ने लोगों से इस बारे में जानकारी ली। यह टोला वर्ष 1978 में बसा था। नारायणी नदी की कटान के चलते विस्थापित हुए लोग इस गांव में अपना आशियाना बना कर रहते हैं। गांव में आने जाने के लिए कच्चा रास्ता है। वाहनों के पहुंचने में दिक्कत होती है। बीमारी के कारण रामप्रसाद निषाद की पत्नी प्रभावती को अस्पताल ले जाने में देरी के कारण मौत गई थी। इससे चार दिन पहले ही ग्राम पंचायत की ओर से सड़क पर मिट्टी डलवाया गया था। गर्मी के चलते रेतीली मिट्टी आने जाने में दिक्कत पैदा कर रही थी। दूसरी तरफ प्रभावती के परिजन इस कदर घबड़ा गए कि बगैर एंबुलेंस के आने का इंतजार किए पैदल ही उसे चारपाई पर लेकर चल दिए थे। इस बीच शनिवार की देर शाम को कानूनगो और लेखपाल पहुंचे और मृतका के दरवाजे तक बोलेरो लेकर गए और वापस लौटे। इसका वीडियो भी अधिकारियों को भेजा।
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तहसील प्रशासन का कहना है कि उसके दरवाजे पर जाने के लिए कच्ची सड़क है, इसलिए एंबुलेंस दरवाजे तक नहीं जा पाती है, बाकी गाड़ियां आती जाती हैं। गांव के उपेंद्र, शंभू, मदन आदि का कहना है कि इस गांव के बसे हुए लगभग 50 वर्ष होने को हो रहे हैं, लेकिन आज तक यहां के निवासी एक सड़क के लिए तरस कर रह गए है। जो सड़क है, उस पर विवाद चल रहा है। हालांकि आवागमन कभी अवरुद्ध नहीं हुआ है।
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कुछ लोग इसे पक्का भी नहीं बनाने देते। हर साल सड़क पर मिट्टी डाल कर दुरुस्त किया जाता है, जो बरसात में बह जाता है। आलम यह है कि इन दिनों में लोगों को कमर तक पानी से होकर आना जाना पड़ता हैं। प्रभुनाथ यादव, स्वामीनाथ आदि का कहना है कि सड़क की समस्या तो है। अगर प्रशासन चाहे तो इस समस्या का समाधान करना कोई बड़ी बात नहीं है। ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि सेवरही धनंजय तिवारी ने बताया कि गांव की सड़क पर जमीनी विवाद है। बावजूद इसके समय समय पर इसकी मरम्मत कराई जाती है। सड़क का विवाद हल कराना तहसील प्रशासन का कार्य है। अगर आज विवाद समाप्त हो जाय तो कल से उस पर क्षेत्र पंचायत की ओर से खड़ंजा करा दिया जाएगा। वहीं लोक निर्माण विभाग से पिच कराने के लिए भी पहल किया जाएगा। पिपराघाट के राजस्व निरीक्षक जयंत गुप्ता का कहना है कि मैं मौके पर गया था। गांव में आने जाने के लिए रास्ता है। यह कहना कि रास्ता नहीं होने से महिला की मौत हो गई, यह गलत होगा। जहां तक पिच का सवाल है तो सभी जानते हैं पीडब्ल्यूडी पिच बनवाता है। अगर उसमें कोई बाधा आती है तो शिकायत मिलने पर उसका समाधान करा दिया जाएगा। जो कच्चा रास्ता है वह दो किसानों के बीच खेत से निकला है। उस किसान का कहना है कि बीच खेत से रास्ता नहीं देेंगे। एक किनारे से रास्ता खेत में बन जाए, जमीन दे दूंगा। इस पर गांव के प्रधान राजी नहीं हैं।
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