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Kushinagar News: समर्पण और निष्कलंक प्रेम का संदेश देती है राधा-कृष्ण की लीला
Fri, 13 Mar 2026 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 13 Mar 2026 12:22 AM IST
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फाजिलनगर। तरुवनवा के तारकेश्वर नाथ शिव मंदिर परिसर में नौ दिवसीय श्री श्री 1008 रुद्र महायज्ञ के तहत प्रवचन के प्रथम दिन कथा वाचिका दीप्ति श्री ने राधा-कृष्ण की दिव्य प्रेम लीला का मार्मिक वर्णन किया। उनके ओजपूर्ण और भावपूर्ण प्रवचन को सुनकर पंडाल में बैठे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथा के दौरान दीप्ती श्री ने कहा कि राधा और कृष्ण का प्रेम केवल सांसारिक प्रेम नहीं बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। जब मनुष्य अपने मन से अहंकार, द्वेष और लोभ को त्याग देता है, तब उसके भीतर भी वही दिव्य प्रेम प्रकट होता है। उन्होंने कहा कि राधा-कृष्ण की लीला हमें त्याग, समर्पण और निष्कलंक प्रेम का संदेश देती है।कथा के दौरान जब उन्होंने वृंदावन की रासलीला और राधा-कृष्ण के मिलन का भावपूर्ण वर्णन किया तो पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कई भक्त“राधे-राधे” और “जय श्री कृष्ण” केजयघोष के साथ भक्ति रस में डूबते नजर आए। पूरा वातावरण भक्ति और आस्था से सराबोर हो गया।महायज्ञ समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि नौ दिनों तक प्रतिदिन दोपहर बाद कथा और रात में रासलीला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दूर-दराज से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।प्रवचन के प्रथम दिन क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग और सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
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कथा के दौरान दीप्ती श्री ने कहा कि राधा और कृष्ण का प्रेम केवल सांसारिक प्रेम नहीं बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। जब मनुष्य अपने मन से अहंकार, द्वेष और लोभ को त्याग देता है, तब उसके भीतर भी वही दिव्य प्रेम प्रकट होता है। उन्होंने कहा कि राधा-कृष्ण की लीला हमें त्याग, समर्पण और निष्कलंक प्रेम का संदेश देती है।कथा के दौरान जब उन्होंने वृंदावन की रासलीला और राधा-कृष्ण के मिलन का भावपूर्ण वर्णन किया तो पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कई भक्त“राधे-राधे” और “जय श्री कृष्ण” केजयघोष के साथ भक्ति रस में डूबते नजर आए। पूरा वातावरण भक्ति और आस्था से सराबोर हो गया।महायज्ञ समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि नौ दिनों तक प्रतिदिन दोपहर बाद कथा और रात में रासलीला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दूर-दराज से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।प्रवचन के प्रथम दिन क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग और सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
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