{"_id":"5a395a8f4f1c1bc8678c27cc","slug":"the-speed-at-work-to-stop-the-cut-off","type":"story","status":"publish","title_hn":"कटान रोकने के लिए कार्य में आई तेजी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कटान रोकने के लिए कार्य में आई तेजी
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Tue, 19 Dec 2017 11:59 PM IST
विज्ञापन
बचाव कार्य करते कर्मचारी।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तमकुहीरोड। कुश्ाीनगर के अहिरौलीदान में गंडक नदी का कटान को रोकने के लिए शुरू किया गया बचाव कार्य मंगलवार को भी तेजी पर रहा। कटान रुकने से लोगों ने राहत की सांस ली है। अभियंताओं का दावा है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
गंडक नदी अहिरौलीदान के खैरफुटा, मदुरही, नोनिया पट्टी और कचहरी टोला के लिए खतरा बनी हुई है। नदी कटान करती हुई इन गांवों तक पहुंच चुकी है। कटान से सर्वाधिक प्रभावित खैरफुटा गांव के लोग हैं। नदी इस गांव के कई रिहायशी घरों को काट चुकी है। पिछले दिनों आपदा प्रबंधन टीम ने मौके की जांच कर रिपोर्ट दी तब जाकर बाढ़ खंड विभाग हरकत में आया। सोमवार को कटान रोकने के लिए बचाव कार्य शुरू हो गया। बचाव कार्य शुरू होने से जहां कटान मे कमी आयी है। मंगलवार को दूसरे दिन बचाव कार्य में और तेजी आई है।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पीसी त्रिपाठी का कहना है कि कटान की स्थिति नियंत्रण में है। जल्दी ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
विज्ञापन
गंडक नदी अहिरौलीदान के खैरफुटा, मदुरही, नोनिया पट्टी और कचहरी टोला के लिए खतरा बनी हुई है। नदी कटान करती हुई इन गांवों तक पहुंच चुकी है। कटान से सर्वाधिक प्रभावित खैरफुटा गांव के लोग हैं। नदी इस गांव के कई रिहायशी घरों को काट चुकी है। पिछले दिनों आपदा प्रबंधन टीम ने मौके की जांच कर रिपोर्ट दी तब जाकर बाढ़ खंड विभाग हरकत में आया। सोमवार को कटान रोकने के लिए बचाव कार्य शुरू हो गया। बचाव कार्य शुरू होने से जहां कटान मे कमी आयी है। मंगलवार को दूसरे दिन बचाव कार्य में और तेजी आई है।
विज्ञापन
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पीसी त्रिपाठी का कहना है कि कटान की स्थिति नियंत्रण में है। जल्दी ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।