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एक सप्ताह बाद भी बेहतर सुविधा नहीं
kushinagar
Updated Wed, 16 Nov 2016 11:10 PM IST
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समस्या
- फोटो : santosh verma
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पडरौना। पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट पर पाबंदी के चलते एक सप्ताह बाद भी लोग परेशान हैं। बुधवार को भी दिन भर ग्राहक बैंक और एटीएम के सामने लाइन लगाए रहे। अधिकांश जगह बैंकों में नोट नहीं मिला। कतार में खड़े कुछ ही ग्राहकों को नोट बदलने और नई निकासी का अवसर मिला।
आठ नवंबर की रात पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद करने के फैसले के बाद से ही इसे बदलने को लेकर लोगों में होड़ सी मची है। सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है, जिनके घरों में रुपये खत्म हो गए हैं। बच्चों की पढ़ाई, इलाज, भोजन और रोजमर्रा की अन्य सभी जरूरतों के लिए उन्हें दूसरों का मुंह ताकना पड़ रहा है। क्योंकि ज्यादातर बैंकों में सुबह से शाम तक लाइन में खड़े होने के बाद भी रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। यही दशा एटीएम पर है, जहां दर्जनों की संख्या में एटीएम होने के बावजूद इक्का-दुक्का एटीएम पर ही रुपये मिल पा रहे हैं।
पडरौना नगर में भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, कैनरा बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नैशनल बैंक की मुख्य शाखा व सुभाष चौक शाखा, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई, इलाहाबाद बैंक, इंडिया बैंक सहित सभी बैंकों की शाखाओं में रुपये के लेन-देन को लेकर ग्राहकों की भीड़ बुधवार को भी लगी रही। यही हाल इन सभी बैंकों के एटीएम पर रहा, जिनमें कैश न होने पर भी बैंक रुपये पड़ने की उम्मीद में लाइन लगाकर घंटों खड़े रहे। यानी बड़े नोटों पर प्रतिबंध लगने के एक सप्ताह बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
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कसया कार्यालय के अनुसार कस्बे में स्थित पूर्वांचल बैंक में बुधवार को आए कई ग्राहक रुपये के अभाव में लौट गए। इलाहाबाद बैंक में दोपहर करीब डेढ़ बजे तक सर्वर फेल था। इसके चलते कामकाज ठप रहा। शाखा प्रबंधक ने बताया कि बैंक में ग्राहकों को देने के लिए रुपये नहीं है। सबसे खराब स्थिति सपहां मार्ग स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा की रही। वहां पर ग्राहक अपने रुपये बदलने और जमा करने के लिए कतारों में खड़े देखे गए। गोला बाजार स्थित यूनियन बैंक की हालत कुछ हद तक ठीक रही। वहां पर नोट बदलने वाले लोगों को दो हजार रुपये और खाते से निकालने वालों को पांच हजार रुपये दिए जा रहे थे। पंजाब नेशनल बैंक कसया में भीड़ थी, लेकिन लोगों को नोट बदलने, जमा करने और खाते से निकालने की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा सेंट्रल बैंक कुशीनगर में भी भीड़ देखी गई। इलाहाबाद बैंक की कसया शाखा में एक ग्राहक ने 10 रुपये के कई पुराने नोट भी जमा किए। इस ग्राहक की अपनी गैस एजेंसी है। जमाकर्ता ने बताया कि इतने पुराने नोट किसी ग्राहक ने संचित किया गया था, लेकिन रुपये की जरुरत आने पर इन्हें गैस एजेंसी में लेकर आया था।
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आठ नवंबर की रात पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद करने के फैसले के बाद से ही इसे बदलने को लेकर लोगों में होड़ सी मची है। सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है, जिनके घरों में रुपये खत्म हो गए हैं। बच्चों की पढ़ाई, इलाज, भोजन और रोजमर्रा की अन्य सभी जरूरतों के लिए उन्हें दूसरों का मुंह ताकना पड़ रहा है। क्योंकि ज्यादातर बैंकों में सुबह से शाम तक लाइन में खड़े होने के बाद भी रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। यही दशा एटीएम पर है, जहां दर्जनों की संख्या में एटीएम होने के बावजूद इक्का-दुक्का एटीएम पर ही रुपये मिल पा रहे हैं।
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पडरौना नगर में भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, कैनरा बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नैशनल बैंक की मुख्य शाखा व सुभाष चौक शाखा, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई, इलाहाबाद बैंक, इंडिया बैंक सहित सभी बैंकों की शाखाओं में रुपये के लेन-देन को लेकर ग्राहकों की भीड़ बुधवार को भी लगी रही। यही हाल इन सभी बैंकों के एटीएम पर रहा, जिनमें कैश न होने पर भी बैंक रुपये पड़ने की उम्मीद में लाइन लगाकर घंटों खड़े रहे। यानी बड़े नोटों पर प्रतिबंध लगने के एक सप्ताह बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
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कसया कार्यालय के अनुसार कस्बे में स्थित पूर्वांचल बैंक में बुधवार को आए कई ग्राहक रुपये के अभाव में लौट गए। इलाहाबाद बैंक में दोपहर करीब डेढ़ बजे तक सर्वर फेल था। इसके चलते कामकाज ठप रहा। शाखा प्रबंधक ने बताया कि बैंक में ग्राहकों को देने के लिए रुपये नहीं है। सबसे खराब स्थिति सपहां मार्ग स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा की रही। वहां पर ग्राहक अपने रुपये बदलने और जमा करने के लिए कतारों में खड़े देखे गए। गोला बाजार स्थित यूनियन बैंक की हालत कुछ हद तक ठीक रही। वहां पर नोट बदलने वाले लोगों को दो हजार रुपये और खाते से निकालने वालों को पांच हजार रुपये दिए जा रहे थे। पंजाब नेशनल बैंक कसया में भीड़ थी, लेकिन लोगों को नोट बदलने, जमा करने और खाते से निकालने की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा सेंट्रल बैंक कुशीनगर में भी भीड़ देखी गई। इलाहाबाद बैंक की कसया शाखा में एक ग्राहक ने 10 रुपये के कई पुराने नोट भी जमा किए। इस ग्राहक की अपनी गैस एजेंसी है। जमाकर्ता ने बताया कि इतने पुराने नोट किसी ग्राहक ने संचित किया गया था, लेकिन रुपये की जरुरत आने पर इन्हें गैस एजेंसी में लेकर आया था।