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हत्यारों ने तोड़ दिया सुनीता के परिजनों का सपना
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Sun, 04 Feb 2018 12:02 AM IST
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बिलखते परिजन।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
हाटा। कुश्ाीनगर जिले के नगर पालिका हाटा के कालिका राव नगर (पगरा) की रहने वाली सुनीता दो महीना पहले ही गोरखपुर के प्राइवेट नर्सिंग होम में काम करने गई थी। इंटर तक पढ़ी सुनीता एएनएम बनना चाहती थी। परंतु पिता की खराब आर्थिक हालत के चलते उसे दिक्कत हो रही थी। मुहल्ले के लोगों के अनुसार वह खुद की कमाई से घर का खर्च चलाने के साथ ही पढ़ाई भी पूरा करना चाहती थी। हत्या की घटना से पड़ोसी आवाक हैं। अगल-बगल के लोगों के अनुसार सुनीता अपने कार्य के अलावा किसी अन्य से बहुत मतलब नहीं रखती थी।
विजयमल्ल चौहान की चार संतानों में से सुनीता दूसरे नंबर की बेटी थी। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि दो भाई अभी उससे छोटे हैं। परिवार के पास खेती व रोजगार के नाम पर कुछ भी नहीं है। बेटी की शादी करने में ही विजयमल्ल की रही सही स्थिति भी खराब हो चुकी है। इंटर तक पढ़ी सुनीता हाटा कस्बे के एक चिकित्सक के यहां काम करने लगी थी। इस दौरान उसके मन में एएनएम की पढ़ाई का ख्याल आया तो करीब दो महीना पहले ही सुनीता ने गोरखपुर के एक प्राइवेट नर्सिंग होम में काम करना शुरू किया। वह नर्सिंग होम में ड्यूटी से मिले रुपयों से घर खर्च चलाने के अलावा नर्सिंग की पढ़ाई भी पूरा करना चाहती थी। माता-पिता भी होनहार बेटी की इस मेहनत से खुश थे। परंतु शुक्रवार की शाम को मिली सूचना से वे सन्न रह गए। विजयमल्ल समेत कई पड़ोसी शुक्रवार से ही गोरखपुर में हैं। सुनीता की मां तथा अगल-बगल के लोग इस घटना के पीछे की वजह नहीं समझ पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि सुनीता अपने कार्य के अलावा किसी से बहुत मतलब नहीं रखती थी।
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विजयमल्ल चौहान की चार संतानों में से सुनीता दूसरे नंबर की बेटी थी। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि दो भाई अभी उससे छोटे हैं। परिवार के पास खेती व रोजगार के नाम पर कुछ भी नहीं है। बेटी की शादी करने में ही विजयमल्ल की रही सही स्थिति भी खराब हो चुकी है। इंटर तक पढ़ी सुनीता हाटा कस्बे के एक चिकित्सक के यहां काम करने लगी थी। इस दौरान उसके मन में एएनएम की पढ़ाई का ख्याल आया तो करीब दो महीना पहले ही सुनीता ने गोरखपुर के एक प्राइवेट नर्सिंग होम में काम करना शुरू किया। वह नर्सिंग होम में ड्यूटी से मिले रुपयों से घर खर्च चलाने के अलावा नर्सिंग की पढ़ाई भी पूरा करना चाहती थी। माता-पिता भी होनहार बेटी की इस मेहनत से खुश थे। परंतु शुक्रवार की शाम को मिली सूचना से वे सन्न रह गए। विजयमल्ल समेत कई पड़ोसी शुक्रवार से ही गोरखपुर में हैं। सुनीता की मां तथा अगल-बगल के लोग इस घटना के पीछे की वजह नहीं समझ पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि सुनीता अपने कार्य के अलावा किसी से बहुत मतलब नहीं रखती थी।
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