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Kushinagar News: मालदीव में युवक की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
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मालदीव में युवक की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
बेटे की आंखों का ऑपरेशन कराने की तैयारी कर रहे थे मेंहदी हसन
उजारनाथ। पटहरेवा थाना क्षेत्र के ग्राम जवार निवासी मेंहदी हसन की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बुधवार को भी उनके घर पर मातम रहा। आसपास के लोग उनकी पत्नी और बच्चों को सांत्वना देते रहे। घर लौटने पर मेंहदी हसन अपने बेटे की आंख का ऑपरेशन कराने की तैयारी कर रहे थे। उनकी मौत से गांव के लोगों के बीच बस इसी बात की चर्चा है कि उनके बच्चों का पालन पोषण अब कैसे होगा? उनके बेटे की आंखों का ऑपरेशन कौन कराएगा। परिवार के लोगों ने सरकारी सहायता की मांग की है।
ग्राम जवार निवासी मेंहदी हसन (40) तीन माह पूर्व मालदीव में कमाने गए थे। 15 दिसंबर की रात उनकी फैक्ट्री में अचानक आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद परिवार में मातम है। मेंहदी हसन के दो बेटे और एक बेटी है। बेटी मुस्कान खातून कक्षा नौ में पढ़ती है, जबकि छोटा गोलू छठवीं का छात्र है। सबसे छोटा भोलू पांच साल का है।
बेटे की आंखों में बचपन से परेशानी है। घर आने पर मेंहदी हसन जब बेटे को डॉक्टर के पास ले गए थे। तब डॉक्टर ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी थी। इसलिए मेंहदी हसन ने दोबारा मालदीव से लौटने पर बेटे का ऑपरेशन कराने की बात कही थी। बेटे के ऑपरेशन और परिवार के पालन पोषण की बात सोचकर मेंहदी की पत्नी खतीजा खातून दहाड़ मारकर रो रही हैं। गांव के पूर्व प्रधान कन्हैया शर्मा ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।
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बेटे की आंखों का ऑपरेशन कराने की तैयारी कर रहे थे मेंहदी हसन
उजारनाथ। पटहरेवा थाना क्षेत्र के ग्राम जवार निवासी मेंहदी हसन की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बुधवार को भी उनके घर पर मातम रहा। आसपास के लोग उनकी पत्नी और बच्चों को सांत्वना देते रहे। घर लौटने पर मेंहदी हसन अपने बेटे की आंख का ऑपरेशन कराने की तैयारी कर रहे थे। उनकी मौत से गांव के लोगों के बीच बस इसी बात की चर्चा है कि उनके बच्चों का पालन पोषण अब कैसे होगा? उनके बेटे की आंखों का ऑपरेशन कौन कराएगा। परिवार के लोगों ने सरकारी सहायता की मांग की है।
ग्राम जवार निवासी मेंहदी हसन (40) तीन माह पूर्व मालदीव में कमाने गए थे। 15 दिसंबर की रात उनकी फैक्ट्री में अचानक आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद परिवार में मातम है। मेंहदी हसन के दो बेटे और एक बेटी है। बेटी मुस्कान खातून कक्षा नौ में पढ़ती है, जबकि छोटा गोलू छठवीं का छात्र है। सबसे छोटा भोलू पांच साल का है।
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बेटे की आंखों में बचपन से परेशानी है। घर आने पर मेंहदी हसन जब बेटे को डॉक्टर के पास ले गए थे। तब डॉक्टर ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी थी। इसलिए मेंहदी हसन ने दोबारा मालदीव से लौटने पर बेटे का ऑपरेशन कराने की बात कही थी। बेटे के ऑपरेशन और परिवार के पालन पोषण की बात सोचकर मेंहदी की पत्नी खतीजा खातून दहाड़ मारकर रो रही हैं। गांव के पूर्व प्रधान कन्हैया शर्मा ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।
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