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दो लाख की आस में अब भी उमड़ रही भीड़
कुशीनगर (ब्यूरो)
Updated Sat, 03 Feb 2018 01:21 AM IST
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दो लाख की आस में अब भी उमड़ रही भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पडरौना। केंद्र सरकार की ओर से बेटियों की पढ़ाई के लिए दो लाख रुपये दिए जाने की चर्चा को अफसर भले ही झूठ मान रहे हों लेकिन लोगों का इस पर से विश्वास कम नहीं हो रहा है। हर दिन लोग पडरौना के प्रधान डाकघर से इस योजना का लाभ के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को रजिस्टर्ड पत्र भेज रहे हैं। उधर, विभाग के अधिकारी इस योजना की जानकारी से ही इंकार कर रहे हैं।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से बेटियों की पढ़ाई के लिए दो लाख रुपये दिए जाने की चर्चा शहर में पिछले 15 दिन से है। लोग बाजार से फार्म खरीदकर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को भेजने के लिए दिन भर डाकघर का चक्कर लगा रहे हैं। बीते 25 जनवरी को इसी मामले में डाकघर पर शोरगुल होने के बाद एक सामाजिक संगठन से जुड़े युवकों ने एसडीएम पडरौना को ज्ञापन देकर योजना के बारे में सही जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की थी। यह मामला चर्चा में आने के बाद अपर जिलाधिकारी कृष्णलाल तिवारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि कुमार सिंह ने भी इस तरह की किसी योजना के संचालन की जानकारी से इंकार किया था।इसके बाद भी लोग रजिस्ट्री करने के लिए डाकघर पर लाइन लगा रहे हैं। शुक्रवार को भी प्रधान डाकघर पर आवेदन भेजने वालों की भीड़ लगी थी। जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि कुमार सिंह ने बताया कि इस तरह के किसी योजना का संचालन विभाग की ओर से नहीं किया जा रहा है।
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केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से बेटियों की पढ़ाई के लिए दो लाख रुपये दिए जाने की चर्चा शहर में पिछले 15 दिन से है। लोग बाजार से फार्म खरीदकर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को भेजने के लिए दिन भर डाकघर का चक्कर लगा रहे हैं। बीते 25 जनवरी को इसी मामले में डाकघर पर शोरगुल होने के बाद एक सामाजिक संगठन से जुड़े युवकों ने एसडीएम पडरौना को ज्ञापन देकर योजना के बारे में सही जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की थी। यह मामला चर्चा में आने के बाद अपर जिलाधिकारी कृष्णलाल तिवारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि कुमार सिंह ने भी इस तरह की किसी योजना के संचालन की जानकारी से इंकार किया था।इसके बाद भी लोग रजिस्ट्री करने के लिए डाकघर पर लाइन लगा रहे हैं। शुक्रवार को भी प्रधान डाकघर पर आवेदन भेजने वालों की भीड़ लगी थी। जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि कुमार सिंह ने बताया कि इस तरह के किसी योजना का संचालन विभाग की ओर से नहीं किया जा रहा है।
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