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Kushinagar News: विदेश की चकाचौंध से देश की दाल-रोटी ही भली
Mon, 23 Dec 2024 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 23 Dec 2024 12:11 AM IST
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कुशीनगर। विदेश में रहकर रुपये कमाने की होड़ लगी हुई है। सभी डॉलर और रियाल में रुपये कमाकर परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने की कोशिश में लगे हैं। विदेश में प्रताड़ना झेलकर कुछ लोगों ने अपनी स्थिति बेहतर कर ली। मगर कुछ ऐसे हैं, जिन्हें विदेश की चकाचौंध और डॉलर की चमक रास नहीं आई।
ऐसे लोग किसी तरह अपने वतन वापस लौटे और अब स्वरोजगार के जरिए अपने हालात को सुधारने में लग गए हैं। उनका कहना है कि विदेशी पैसों की कीमत यहां कई गुना ज्यादा है, लेकिन घर में रहकर अपनों के साथ जिंदगी बिताने और घर की दाल-रोटी खाने में ही सुकून है। अपनों से दूर रहकर कमा तो लेंगे, लेकिन यह कीमती वक्त लौटकर वापस नहीं आएगा।
रुपयों की लालच में आकर परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधार करने विदेश का रुख करने वाले लोगों से जुड़े कई मामले आए हैं, जिसमें उन्हें प्रताड़ित होना पड़ा है। विदेश की कमाई की चकाचौंध बढ़ने से एजेंट के चक्कर में आकर कुशीनगर के अलावा पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और पूर्वांचल के गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया समेत अन्य जिलों के युवा और अन्य लोग विदेश में नौकरी की तलाश करते अक्सर ठगी के शिकार होने लगे हैं।
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जिले के अविनाश पिंटू के नेतृत्व में संचालित प्रवासी मदद फाउंडेशन के पहल पर महाराजगंज, गोरखपुर, देवरिया और पूर्वांचल में विदेश में फंसने के बाद लौटे अधिकांश लोगों ने स्वदेश में ही कम रुपयों में नौकरी या स्वरोजगार से शुरुआत कर दी है। एक युवक को एजेंट ने बढ़ई के काम पर कतर भेजा था लेकिन वहां से मालिक ने सीमा पार कराकर दूसरे देश में भेज दिया था। इसके बाद बढ़ई का काम करने वाले युवक ने रेगिस्तान में ऊंट चरवाहा के तौर पर नौकरी की।
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ऐसे लोग किसी तरह अपने वतन वापस लौटे और अब स्वरोजगार के जरिए अपने हालात को सुधारने में लग गए हैं। उनका कहना है कि विदेशी पैसों की कीमत यहां कई गुना ज्यादा है, लेकिन घर में रहकर अपनों के साथ जिंदगी बिताने और घर की दाल-रोटी खाने में ही सुकून है। अपनों से दूर रहकर कमा तो लेंगे, लेकिन यह कीमती वक्त लौटकर वापस नहीं आएगा।
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रुपयों की लालच में आकर परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधार करने विदेश का रुख करने वाले लोगों से जुड़े कई मामले आए हैं, जिसमें उन्हें प्रताड़ित होना पड़ा है। विदेश की कमाई की चकाचौंध बढ़ने से एजेंट के चक्कर में आकर कुशीनगर के अलावा पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और पूर्वांचल के गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया समेत अन्य जिलों के युवा और अन्य लोग विदेश में नौकरी की तलाश करते अक्सर ठगी के शिकार होने लगे हैं।
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जिले के अविनाश पिंटू के नेतृत्व में संचालित प्रवासी मदद फाउंडेशन के पहल पर महाराजगंज, गोरखपुर, देवरिया और पूर्वांचल में विदेश में फंसने के बाद लौटे अधिकांश लोगों ने स्वदेश में ही कम रुपयों में नौकरी या स्वरोजगार से शुरुआत कर दी है। एक युवक को एजेंट ने बढ़ई के काम पर कतर भेजा था लेकिन वहां से मालिक ने सीमा पार कराकर दूसरे देश में भेज दिया था। इसके बाद बढ़ई का काम करने वाले युवक ने रेगिस्तान में ऊंट चरवाहा के तौर पर नौकरी की।