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Kushinagar News: प्रेम और दिव्यता का अद्भुत संगम है श्रीकृष्ण की बाल लीला
Mon, 11 May 2026 01:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 11 May 2026 01:43 AM IST
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पडरौना। शहर के सिंधुआ बाजार में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन रविवार को कथा वाचक ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओ की कथा सुनाई। कथा वाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं गोकुल और वृन्दावन में प्रेम, शरारत और दिव्यता का अद्भुत संगम हैं।
कथ वाचक चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि माखन चोरी, मिट्टी खाना, पूतना वध, कालिया नाग दमन और गोवर्धन पर्वत उठाने जैसी कथाएं उनके दिव्य स्वरूप को दर्शाती हैं। मैया यशोदा के साथ उनकी अटखेलियां और सखाओं के साथ प्रेम उनके अलौकिक होने का प्रमाण देता है। उन्होंने कहा कि कान्हा पूरे गोकुल में घर-घर जाकर माखन चुराते थे और अपने सखाओं के साथ खाते थे। मैया यशोदा जब उन्हें पकड़तीं, तो वे मासूम चेहरा बनाकर बच निकलते थे। उन्होंने मिट्टी खाने की लीला, पूतना वध, कालिया नाग दमन, गोवर्धन पूजा आदि कथा विस्तार से सुनाई।
इस दौरान संजय कुशवाहा, अध्याय कुशवाहा, उमेश कुशवाहा, सरवन कुशवाहा, सत्येंद्र कुशवाहा, गोपाल कुशवाहा, प्रमोद कुशवाहा, सोनू कुशवाहा, नंदू कुशवाहा, विनय कुशवाहा, लाल बहादुर कुशवाहा, कमलापति देवी, तारा देवी, अमोला देवी, पार्वती देवी, अनीता देवी, रीता देवी, केतली देवी, किताबी देबी आदि मौजूद रहीं।
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कथ वाचक चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि माखन चोरी, मिट्टी खाना, पूतना वध, कालिया नाग दमन और गोवर्धन पर्वत उठाने जैसी कथाएं उनके दिव्य स्वरूप को दर्शाती हैं। मैया यशोदा के साथ उनकी अटखेलियां और सखाओं के साथ प्रेम उनके अलौकिक होने का प्रमाण देता है। उन्होंने कहा कि कान्हा पूरे गोकुल में घर-घर जाकर माखन चुराते थे और अपने सखाओं के साथ खाते थे। मैया यशोदा जब उन्हें पकड़तीं, तो वे मासूम चेहरा बनाकर बच निकलते थे। उन्होंने मिट्टी खाने की लीला, पूतना वध, कालिया नाग दमन, गोवर्धन पूजा आदि कथा विस्तार से सुनाई।
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इस दौरान संजय कुशवाहा, अध्याय कुशवाहा, उमेश कुशवाहा, सरवन कुशवाहा, सत्येंद्र कुशवाहा, गोपाल कुशवाहा, प्रमोद कुशवाहा, सोनू कुशवाहा, नंदू कुशवाहा, विनय कुशवाहा, लाल बहादुर कुशवाहा, कमलापति देवी, तारा देवी, अमोला देवी, पार्वती देवी, अनीता देवी, रीता देवी, केतली देवी, किताबी देबी आदि मौजूद रहीं।
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