{"_id":"6309123e43fc0620614eb87a","slug":"ten-thousand-population-is-waiting-for-pure-drinking-water-for-ten-years-kushinagar-news-gkp448352989","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस हजार आबादी को दस वर्षों से है शुद्ध पेयजल का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस हजार आबादी को दस वर्षों से है शुद्ध पेयजल का इंतजार
विज्ञापन
मथौली बाजार में शो-पीस बनी पानी की टंकी।
- फोटो : KUSHINAGAR
दस हजार आबादी को दस वर्षों से है शुद्ध पेयजल का इंतजार
- मोतीचक ब्लॉक के मथौली बाजार में ओवरहेड टैैंक से पानी की आपूर्ति के लिए बने दोनों पंप हाउस बेकार पड़े हैं
वर्ष 1980 में कराया गया था ओवरहेड टैंक का निर्माण
मथौली बाजार। मोतीचक ब्लॉक के मथौली बाजार में बना ओवरहेड टैंक दस वर्षों से निष्प्रयोज्य बना हुआ है। पानी की आपूर्ति के लिए बने दोनों पंपहाउस बेकार पड़े हैं। इससे पानी की आपूर्ति न होने के कारण लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
वर्ष 1980 में जल निगम की तरफ से मथौली बाजार में 300 किलोलीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया था। इससे पानी की आपूर्ति के लिए दो पंपहाउस भी बनवाए गए थे, ताकि एक पंपहाउस खराब भी हो जाए तो दूसरे से पानी की आपूर्ति हो सके। पाइपलाइन बिछ जाने के बाद शुरुआती दिनों में इससे मथौली बाजार, लोहेपार, लक्ष्मीपुर, बहुआस, फरदहां सहित लगभग नौ गांवों को पानी की आपूर्ति होती थी। उन दिनों लगभग 25 हजार आबादी को पानी की आपूर्ति होती थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही के कारण टोटियां और पाइप क्षतिग्रस्त हो गईं। बाद में केवल मथौली बाजार की दस हजार आबादी को ही पानी की आपूर्ति हो पाती थी, लेकिन लगभग दस साल पहले दोनों पंपहाउस खराब हो जाने के बाद से इस टैंक से पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है। लोग हैंडपंपों के पानी पर ही निर्भर हैं। मथौली बाजार निवासी अनूप मद्धेशिया, जयप्रकाश यादव, बैजनाथ यादव, रविंद्र सैनी, ओमकार शर्मा, विनय मद्धेशिया, हेमंत यादव सहित अन्य लोगों ने पानी की आपूर्ति जल्द शुरू कराने की मांग की है।
यह बताई जा रही वजह
जल निगम से जुड़े लोगों का कहना है कि ओवरहेड टैंक की चहारदीवारी और पंपहाउस की छत क्षतिग्रस्त हो गई थी। पंपहाउस की मशीनें भी खराब बताई जा रही हैं, जिसके चलते पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। चहारदीवारी और छत की मरम्मत का अब काम चल रहा है। यहां से पानी की आपूर्ति कब शुरू होगी, यह जल निगम के अभियंता बता नहीं पा रहे हैं।
विज्ञापन
00000
वर्जन-
पंपहाउस का मोटर खराब है। बनने के लिए गया है। चहारदीवारी और छत का काम भी चल रहा है। यह सब ठीक हो जाए तो पानी की आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी।
अतुल गुप्ता, जेई, जल निगम
विज्ञापन
- मोतीचक ब्लॉक के मथौली बाजार में ओवरहेड टैैंक से पानी की आपूर्ति के लिए बने दोनों पंप हाउस बेकार पड़े हैं
वर्ष 1980 में कराया गया था ओवरहेड टैंक का निर्माण
मथौली बाजार। मोतीचक ब्लॉक के मथौली बाजार में बना ओवरहेड टैंक दस वर्षों से निष्प्रयोज्य बना हुआ है। पानी की आपूर्ति के लिए बने दोनों पंपहाउस बेकार पड़े हैं। इससे पानी की आपूर्ति न होने के कारण लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
वर्ष 1980 में जल निगम की तरफ से मथौली बाजार में 300 किलोलीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया था। इससे पानी की आपूर्ति के लिए दो पंपहाउस भी बनवाए गए थे, ताकि एक पंपहाउस खराब भी हो जाए तो दूसरे से पानी की आपूर्ति हो सके। पाइपलाइन बिछ जाने के बाद शुरुआती दिनों में इससे मथौली बाजार, लोहेपार, लक्ष्मीपुर, बहुआस, फरदहां सहित लगभग नौ गांवों को पानी की आपूर्ति होती थी। उन दिनों लगभग 25 हजार आबादी को पानी की आपूर्ति होती थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही के कारण टोटियां और पाइप क्षतिग्रस्त हो गईं। बाद में केवल मथौली बाजार की दस हजार आबादी को ही पानी की आपूर्ति हो पाती थी, लेकिन लगभग दस साल पहले दोनों पंपहाउस खराब हो जाने के बाद से इस टैंक से पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है। लोग हैंडपंपों के पानी पर ही निर्भर हैं। मथौली बाजार निवासी अनूप मद्धेशिया, जयप्रकाश यादव, बैजनाथ यादव, रविंद्र सैनी, ओमकार शर्मा, विनय मद्धेशिया, हेमंत यादव सहित अन्य लोगों ने पानी की आपूर्ति जल्द शुरू कराने की मांग की है।
विज्ञापन
यह बताई जा रही वजह
जल निगम से जुड़े लोगों का कहना है कि ओवरहेड टैंक की चहारदीवारी और पंपहाउस की छत क्षतिग्रस्त हो गई थी। पंपहाउस की मशीनें भी खराब बताई जा रही हैं, जिसके चलते पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। चहारदीवारी और छत की मरम्मत का अब काम चल रहा है। यहां से पानी की आपूर्ति कब शुरू होगी, यह जल निगम के अभियंता बता नहीं पा रहे हैं।
विज्ञापन
00000
वर्जन-
पंपहाउस का मोटर खराब है। बनने के लिए गया है। चहारदीवारी और छत का काम भी चल रहा है। यह सब ठीक हो जाए तो पानी की आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी।
अतुल गुप्ता, जेई, जल निगम