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Kushinagar News: नवजात की मौत मामले की जांच के लिए टीम गठित
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पडरौना। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के क्रांति चौराहा स्थित बाबा अस्पताल पर नवजात की मौत के बाद परिजन के हंगामा मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो गई है। मामले की जांच के लिए सीएमओ ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। उन्होंने गठित जांच टीम को पूरे मामले की जांच कर पांच दिन में रिपोर्ट मांगी है। मामले में आरोप है कि कौवासार स्थित एएनएम सेंटर से नवजात के परिजन को निजी अस्पताल भेजा गया था।
नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र कौवासार गांव निवासी गोविंद की 22 वर्षीय बेटी रेखा अपने मायके आई है। बीते शनिवार देर रात करीब दो बजे प्रसव पीड़ा हुई। परिजन गांव के आशा कार्यकर्ता के साथ रेखा को लेकर रविवार को कौवासार एएनएम सेंटर पहुंचे थे। परिजन का आरोप है कि एएनएम सेंटर पर हालत गंभीर बताकर उसे क्रांति चौराहा स्थिति बाबा अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई थी। जहां रविवार की रात में प्रसव हुआ।
प्रसव के बाद नवजात की हालत बिगड़ गई। जहां अस्पताल के संचालक ने महराजगंज के घुघली सीएचसी पर भेजा, वहां से डाॅक्टर ने जिला अस्पताल महराजगंज रेफर कर दिया। फिर वहां से बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिजन मेडिकल कॉलेज न ले जाकर गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां डॉक्टर ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन सोमवार को नवजात का शव लेकर एएनएम सेंटर व निजी अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया।
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मामले में सीएमओ के निर्देश पर नेबुआ नौरंगिया के सीएचसी प्रभारी डॉ. रजनीश श्रीवास्तव टीम के साथ निजी अस्पताल पहुंचकर प्रसूता को सीएचसी पर एंबुलेंस से भिजवाया और अस्पताल की ओटी को सील करने की कार्रवाई की। सीएमओ ने मामले में जांच टीम गठित कर पांच दिनों में रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र कौवासार गांव निवासी गोविंद की 22 वर्षीय बेटी रेखा अपने मायके आई है। बीते शनिवार देर रात करीब दो बजे प्रसव पीड़ा हुई। परिजन गांव के आशा कार्यकर्ता के साथ रेखा को लेकर रविवार को कौवासार एएनएम सेंटर पहुंचे थे। परिजन का आरोप है कि एएनएम सेंटर पर हालत गंभीर बताकर उसे क्रांति चौराहा स्थिति बाबा अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई थी। जहां रविवार की रात में प्रसव हुआ।
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प्रसव के बाद नवजात की हालत बिगड़ गई। जहां अस्पताल के संचालक ने महराजगंज के घुघली सीएचसी पर भेजा, वहां से डाॅक्टर ने जिला अस्पताल महराजगंज रेफर कर दिया। फिर वहां से बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिजन मेडिकल कॉलेज न ले जाकर गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां डॉक्टर ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन सोमवार को नवजात का शव लेकर एएनएम सेंटर व निजी अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया।
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मामले में सीएमओ के निर्देश पर नेबुआ नौरंगिया के सीएचसी प्रभारी डॉ. रजनीश श्रीवास्तव टीम के साथ निजी अस्पताल पहुंचकर प्रसूता को सीएचसी पर एंबुलेंस से भिजवाया और अस्पताल की ओटी को सील करने की कार्रवाई की। सीएमओ ने मामले में जांच टीम गठित कर पांच दिनों में रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।