{"_id":"6a6908572c485515ea0b249b","slug":"surgery-performed-by-person-posing-as-ortho-surgeon-fir-registered-kushinagar-news-c-205-1-ksh1006-164695-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: ऑर्थो सर्जन बता कर दिया ऑपरेशन, प्राथमिकी दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: ऑर्थो सर्जन बता कर दिया ऑपरेशन, प्राथमिकी दर्ज
Wed, 29 Jul 2026 01:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 29 Jul 2026 01:21 AM IST
विज्ञापन
कसया। खुद को ऑर्थोपेडिक सर्जन बताकर ऑपरेशन करने और गलत उपचार से मरीज की दोनों किडनी प्रभावित होने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर अस्पताल के संचालक डॉ. एमएच खान पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
नगर के वार्ड-12 निवासी वजीद अहमद ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 14 दिसंबर 2024 को हाथ की हड्डी टूटने पर वह पडरौना रोड स्थित निजी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचा। आरोप है कि संचालक ने खुद को ऑर्थोपेडिक सर्जन बताकर ऑपरेशन की सलाह दी और करीब 51 हजार रुपये ले लिए।
आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया की अधिक मात्रा देने से उनकी दोनों किडनी संक्रमित हो गईं। दोबारा अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने उपचार से जुड़े कागजात रख लिए और धमकी देकर भगा दिया। गोरखपुर और एसजीपीजीआई लखनऊ में इलाज कराया। वहां जांच में किडनी प्रभावित होने की जानकारी मिली। पीड़ित का कहना है कि स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद न्यायालय की शरण ली। अदालत के आदेश से पुलिस ने आरोपी डॉ. एमएच खान पर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसओ इत्यानंद पांडेय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर के वार्ड-12 निवासी वजीद अहमद ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 14 दिसंबर 2024 को हाथ की हड्डी टूटने पर वह पडरौना रोड स्थित निजी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचा। आरोप है कि संचालक ने खुद को ऑर्थोपेडिक सर्जन बताकर ऑपरेशन की सलाह दी और करीब 51 हजार रुपये ले लिए।
विज्ञापन
आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया की अधिक मात्रा देने से उनकी दोनों किडनी संक्रमित हो गईं। दोबारा अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने उपचार से जुड़े कागजात रख लिए और धमकी देकर भगा दिया। गोरखपुर और एसजीपीजीआई लखनऊ में इलाज कराया। वहां जांच में किडनी प्रभावित होने की जानकारी मिली। पीड़ित का कहना है कि स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद न्यायालय की शरण ली। अदालत के आदेश से पुलिस ने आरोपी डॉ. एमएच खान पर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसओ इत्यानंद पांडेय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
विज्ञापन