{"_id":"653bfc94cb58dec5bb074034","slug":"supply-inspector-seen-in-the-role-of-a-teacher-kushinagar-news-c-205-1-sgkp1016-6772-2023-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: शिक्षक की भूमिका में नजर आए पूर्ति निरीक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: शिक्षक की भूमिका में नजर आए पूर्ति निरीक्षक
विज्ञापन
सवालों का जवाब देने में सफल रहे बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कप्तानगंज ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल बरडीहा का निरीक्षण शुक्रवार को क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी बैजनाथ सिंह ने किया। बैजनाथ सिंह ने दो घंटे तक बच्चों को पढ़ाया। इनके सवालों का जवाब छात्र-छात्राओं ने आसानी से दिया।
डीएम के निर्देश पर सभी विभाग के अफसर परिषदीय स्कूलों की जांच करेंगे और वहां की शिक्षा गुणवत्ता परखेंगे। इसी क्रम में क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी अचानक स्कूल पहुंचे। छात्रों से भाषा और गणित की दक्षता के बारे में बात की। कक्षा 4 की छात्रा अंशू तथा कक्षा 5 के छात्र रमन विश्वकर्मा से पुस्तक पढ़वाएं। सवालों के जवाब देने में सफल रहे छात्रों को शाबाशी दी। बच्चों से गिनती, पहाड़ा की जानकारी लेने के बाद खुद एक शिक्षक की भूमिका में नजर आएं। वहीं कक्षा चौथी और 5वीं में पहुंचकर बच्चों से गतिविधि आधारित शिक्षा का एक नमूना स्वयं पेश किया। जिस पर बच्चे खुश हुए।अंग्रेजी विषय के अंतर्गत सब्जियों तथा फलों के नाम भी बच्चों से पूछे। स्कूल में 80 प्रतिशत बच्चे उपस्थित मिले। स्कूल के निरीक्षण के दौरान पेयजल, दिव्यांग शौचालय, पानी, शौचालय, मूत्रालय, फर्श टायलीकरण, फर्नीचर, दिव्यांग रैंप आदि की भी जानकारी ली।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कप्तानगंज ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल बरडीहा का निरीक्षण शुक्रवार को क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी बैजनाथ सिंह ने किया। बैजनाथ सिंह ने दो घंटे तक बच्चों को पढ़ाया। इनके सवालों का जवाब छात्र-छात्राओं ने आसानी से दिया।
डीएम के निर्देश पर सभी विभाग के अफसर परिषदीय स्कूलों की जांच करेंगे और वहां की शिक्षा गुणवत्ता परखेंगे। इसी क्रम में क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी अचानक स्कूल पहुंचे। छात्रों से भाषा और गणित की दक्षता के बारे में बात की। कक्षा 4 की छात्रा अंशू तथा कक्षा 5 के छात्र रमन विश्वकर्मा से पुस्तक पढ़वाएं। सवालों के जवाब देने में सफल रहे छात्रों को शाबाशी दी। बच्चों से गिनती, पहाड़ा की जानकारी लेने के बाद खुद एक शिक्षक की भूमिका में नजर आएं। वहीं कक्षा चौथी और 5वीं में पहुंचकर बच्चों से गतिविधि आधारित शिक्षा का एक नमूना स्वयं पेश किया। जिस पर बच्चे खुश हुए।अंग्रेजी विषय के अंतर्गत सब्जियों तथा फलों के नाम भी बच्चों से पूछे। स्कूल में 80 प्रतिशत बच्चे उपस्थित मिले। स्कूल के निरीक्षण के दौरान पेयजल, दिव्यांग शौचालय, पानी, शौचालय, मूत्रालय, फर्श टायलीकरण, फर्नीचर, दिव्यांग रैंप आदि की भी जानकारी ली।
विज्ञापन