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Kushinagar News: दिन में धूप और शाम को बढ़ी गलन, 315 पहुंचा एक्यूआई
Tue, 19 Dec 2023 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 19 Dec 2023 12:10 AM IST
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पडरौना। पछुआ हवा से ठंड परवान चढ़ने लगी है। आसमान साफ रहने की वजह से दिन में धूप निकली, लेकिन शाम होते ही गलन भरी ठंड बढ़ गई। इस दिन शाम को शहर का एक्यूआई 315, जबकि अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हालांकि शाम के समय लोगों को ठंड से बचाव के लिए नगर के सुभाष चौक पर अलाव जला मिला। शेष स्थानों पर अलाव जलाने का इंतजाम नहीं रहा। इससे शाम को बाजार करने आए लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
सोमवार को सुबह से ही आसमान साफ रहा। कोहरा भी अधिक नही था। समय से धूप भी निकली। लोग दिनचर्या के मुताबिक अपने-अपने काम में जुट गए। दिन में पछुआ हवा चल रही थी, लेकिन चटक धूप होने की वजह से लोगों को ठंड कम महसूस हो रही थी। लेकिन शाम को जैसे ही भगवान सूर्य अस्त हुए गलन भरी ठंड बढ़ गई। जैसे-जैसे रात हो रही थी वैसे-वैसे ठिठुरन भरी ठंड बढ़ने लगी। शाम करीब आठ बजे मौसम का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रही। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी श्रुति वी सिंह ने बताया कि मंगलवार को मौसम का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि मौसम के इस उतार चढ़ाव से फसलों पर कोई नुक्शान नहीं है, लेकिन रात के समय पशुओं को ठंड से बचाने के लिए पशुपालकों को पर्याप्त इंतजाम करना चाहिए। पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एस प्रसाद ने बताया कि दिन में धूम और शाम को गलन भरी ठंड से सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ता है। ऐसे मौसम में बच्चों में खांसी, बुखार और निमोनिया की शिकायत अधिक बढ़ जाती है। इसलिए धूप होने पर बच्चों को पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाएं। उन्हें पसीना होने पर एक-एक कर उसके शरीर से कपड़ा कम करें। डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि एक्यूआई 315 होना सांस और अस्थमा रोगियों के लिए बेहद ही खतरनाक है। हृदय रोगियों के लिए भी तरह के मौसम ठीक नहीं होते हैं। ऐसे मौसम में लोगों को सुबह टहलने से परहेज करना चाहिए। घर पर ही रहकर व्यायाम करें। घर से निकलते समय मास्क पहनें। कोई परेशानी होने पर तत्काल डॉक्टर से मिलकर उनकी सलाह लें। नगर पालिका चेयरमैन विनय जायसवाल ने बताया कि नगर में आने वाले राहगीरों के जलकल भवन परिसर में दो सौ बेड का स्थाई रेन बसेरा बनाया गया है। वहां महिला और पुरूष दोनों के रहने के लिए अलग-अलग व्यवस्था है। शाम के समय रैन बसेरा में रहने वाले लोगों के लिए भोजन आदि की भी व्यवस्था है। जरूरत के मुताबिक नगर के सभी प्रमुख चौराहाें पर अलाव जलाने के लिए संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं।
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सोमवार को सुबह से ही आसमान साफ रहा। कोहरा भी अधिक नही था। समय से धूप भी निकली। लोग दिनचर्या के मुताबिक अपने-अपने काम में जुट गए। दिन में पछुआ हवा चल रही थी, लेकिन चटक धूप होने की वजह से लोगों को ठंड कम महसूस हो रही थी। लेकिन शाम को जैसे ही भगवान सूर्य अस्त हुए गलन भरी ठंड बढ़ गई। जैसे-जैसे रात हो रही थी वैसे-वैसे ठिठुरन भरी ठंड बढ़ने लगी। शाम करीब आठ बजे मौसम का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रही। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी श्रुति वी सिंह ने बताया कि मंगलवार को मौसम का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि मौसम के इस उतार चढ़ाव से फसलों पर कोई नुक्शान नहीं है, लेकिन रात के समय पशुओं को ठंड से बचाने के लिए पशुपालकों को पर्याप्त इंतजाम करना चाहिए। पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एस प्रसाद ने बताया कि दिन में धूम और शाम को गलन भरी ठंड से सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ता है। ऐसे मौसम में बच्चों में खांसी, बुखार और निमोनिया की शिकायत अधिक बढ़ जाती है। इसलिए धूप होने पर बच्चों को पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाएं। उन्हें पसीना होने पर एक-एक कर उसके शरीर से कपड़ा कम करें। डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि एक्यूआई 315 होना सांस और अस्थमा रोगियों के लिए बेहद ही खतरनाक है। हृदय रोगियों के लिए भी तरह के मौसम ठीक नहीं होते हैं। ऐसे मौसम में लोगों को सुबह टहलने से परहेज करना चाहिए। घर पर ही रहकर व्यायाम करें। घर से निकलते समय मास्क पहनें। कोई परेशानी होने पर तत्काल डॉक्टर से मिलकर उनकी सलाह लें। नगर पालिका चेयरमैन विनय जायसवाल ने बताया कि नगर में आने वाले राहगीरों के जलकल भवन परिसर में दो सौ बेड का स्थाई रेन बसेरा बनाया गया है। वहां महिला और पुरूष दोनों के रहने के लिए अलग-अलग व्यवस्था है। शाम के समय रैन बसेरा में रहने वाले लोगों के लिए भोजन आदि की भी व्यवस्था है। जरूरत के मुताबिक नगर के सभी प्रमुख चौराहाें पर अलाव जलाने के लिए संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं।
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