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चटाई पर बैठकर पढ़ाई करते हैं विद्यार्थी
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सौरहा बुजुर्ग प्राथमिक विद्यालय में बैठे बच्चे ।संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
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चटाई पर बैठकर पढ़ाई करते हैं विद्यार्थी
- जिले के मात्र 11.5 फीसदी स्कूलों में ही उपलब्ध है डेस्क और बेंच
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कायाकल्यप योजना के तहत सरकार परिषदीय स्कूलों में निर्माण कार्य करने के अलावा अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उद्देश्य है कि सरकारी विद्यालयों में नामांकित बच्चे प्राइवेट स्कूलों की तरह पर्याप्त संसाधनों के बीच पढ़ाई कर सकें। लेकिन अब तक जिले के 11.5 फीसदी स्कूलों में ही डेस्क और बेंच उपलब्ध हो सका है। शेष विद्यालयों में विद्यार्थी चटाई पर बैठककर पढ़ाई करने को विवश हैं।
कुशीनगर जिले में कुल 2,464 परिषदीय स्कूल संचालित होते हैं। इसमें कक्षा एक से आठवीं तक करीब तीन लाख छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। सरकार प्राईवेट स्कूलों को पीछे छोड़ने के लिए कायाकल्प योजना के तहत विद्यालय में टायल लगवाना, शुद्ध पेयजल, बाउंड्रीवाल, बालक व बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय समेत 18 पैरामीटर पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके अलावा अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए अभिभावक, पुरातन छात्र और गांव के समाजसेवियों के सहयोग से विद्यालय में प्रोजेक्टर व स्मार्ट टीवी लगवाए जा रहे हैं। इतना कुछ होने के बाद भी अभी भी जिले के कुल 11.5 फीसदी यानी कुल 2464 परिषदीय विद्यालयों में से 283 विद्यालय में ही बच्चों को पढ़ाई करने के लिए डेस्क और बेंच उपलब्ध हो सका है। शेष विद्यालयों के बच्चे विद्यालय के अध्ययन कक्ष में बिछाई गई चटाई पर ही बैठक कर पढ़ाई करने को विवश हैं।
जिला समन्वयक (निर्माण) गौरव पांडेय ने बताया कि सभी परिषदीय विद्यालयों में डेस्क और बेंच उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। वहां से प्रस्ताव मंजूर होते ही सभी विद्यालयों में डेस्क बेंच उपलब्ध कराने की कार्रवाई शुरू दी जाएगी।
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- जिले के मात्र 11.5 फीसदी स्कूलों में ही उपलब्ध है डेस्क और बेंच
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कायाकल्यप योजना के तहत सरकार परिषदीय स्कूलों में निर्माण कार्य करने के अलावा अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उद्देश्य है कि सरकारी विद्यालयों में नामांकित बच्चे प्राइवेट स्कूलों की तरह पर्याप्त संसाधनों के बीच पढ़ाई कर सकें। लेकिन अब तक जिले के 11.5 फीसदी स्कूलों में ही डेस्क और बेंच उपलब्ध हो सका है। शेष विद्यालयों में विद्यार्थी चटाई पर बैठककर पढ़ाई करने को विवश हैं।
कुशीनगर जिले में कुल 2,464 परिषदीय स्कूल संचालित होते हैं। इसमें कक्षा एक से आठवीं तक करीब तीन लाख छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। सरकार प्राईवेट स्कूलों को पीछे छोड़ने के लिए कायाकल्प योजना के तहत विद्यालय में टायल लगवाना, शुद्ध पेयजल, बाउंड्रीवाल, बालक व बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय समेत 18 पैरामीटर पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके अलावा अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए अभिभावक, पुरातन छात्र और गांव के समाजसेवियों के सहयोग से विद्यालय में प्रोजेक्टर व स्मार्ट टीवी लगवाए जा रहे हैं। इतना कुछ होने के बाद भी अभी भी जिले के कुल 11.5 फीसदी यानी कुल 2464 परिषदीय विद्यालयों में से 283 विद्यालय में ही बच्चों को पढ़ाई करने के लिए डेस्क और बेंच उपलब्ध हो सका है। शेष विद्यालयों के बच्चे विद्यालय के अध्ययन कक्ष में बिछाई गई चटाई पर ही बैठक कर पढ़ाई करने को विवश हैं।
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जिला समन्वयक (निर्माण) गौरव पांडेय ने बताया कि सभी परिषदीय विद्यालयों में डेस्क और बेंच उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। वहां से प्रस्ताव मंजूर होते ही सभी विद्यालयों में डेस्क बेंच उपलब्ध कराने की कार्रवाई शुरू दी जाएगी।
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