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Kushinagar News: भुगतान के बाद भी 66 गांव में नहीं हुआ मच्छर रोधी दवा का छिड़काव
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भुगतान के बाद भी 66 गांव में नहीं हुआ मच्छर रोधी दवा का छिड़काव
- सुकरौली सीएचसी प्रभारी की जांच में सामने आई लापरवाही, कर्मचारियों से मांगा गया जवाब
सुकरौली। ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत मच्छर रोधी दवा का बिना छिड़काव कराए ही पैसा खर्च कर दिया गया है। यह हकीकत सीएचसी प्रभारी की जांच में सामने आई है। 66 गांव में भुगतान के बाद भी छिड़काव का कार्य अधूरा है। इसे गंभीरता से लेते हुए सीएचसी प्रभारी ने सीएमओ समेत जिले के अफसरों को अवगत कराकर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों से जवाब मांगा है।
सुकरौली विकास खंड में प्रधान व एएनएम का संयुक्त खाता ग्रामीण स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के नाम से संचालित है। सरकार की तरफ से समय - समय पर जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के खाते में रकम भेजी जाती है। केंद्र सरकार की ओर से भी गांवों में मस्तिष्क ज्वर, डेगू, इंसेफेलाइटिस, मलेरिया जैसे गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत दवा का छिड़काव कराने का निर्देश दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग व ग्राम पंचायतों की तरफ से दवा का छिड़काव नहीं कराया, जबकि इस मद का भुगतान करा लिया गया है। इस मामले की सच्चाई तब सामने आई, जब सुकरौली के तत्कालीन सीएचसी प्रभारी डॉ. स्वप्निल श्रीवास्तव ने जांच पड़ताल शुरू की। उन्होंने बीडीओ समेत सीएमओ और अन्य अफसरों को अवगत कराकर जिम्मेदारों को नोटिस भेजा था, लेकिन स्थानांतरण होने के बाद जांच प्रक्रिया फाइलों में रह गई। इस संबंध में स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. हेमंत वर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया से इस मामले की जानकारी मिली थी। मैं विशुनपुरा में था। इस प्रकरण में भुगतान हुआ है, लेकिन कितना हुआ है, इसकी सही जानकारी रिकॉर्ड देखकर ही बता पाएंगे।
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- सुकरौली सीएचसी प्रभारी की जांच में सामने आई लापरवाही, कर्मचारियों से मांगा गया जवाब
सुकरौली। ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत मच्छर रोधी दवा का बिना छिड़काव कराए ही पैसा खर्च कर दिया गया है। यह हकीकत सीएचसी प्रभारी की जांच में सामने आई है। 66 गांव में भुगतान के बाद भी छिड़काव का कार्य अधूरा है। इसे गंभीरता से लेते हुए सीएचसी प्रभारी ने सीएमओ समेत जिले के अफसरों को अवगत कराकर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों से जवाब मांगा है।
सुकरौली विकास खंड में प्रधान व एएनएम का संयुक्त खाता ग्रामीण स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के नाम से संचालित है। सरकार की तरफ से समय - समय पर जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के खाते में रकम भेजी जाती है। केंद्र सरकार की ओर से भी गांवों में मस्तिष्क ज्वर, डेगू, इंसेफेलाइटिस, मलेरिया जैसे गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत दवा का छिड़काव कराने का निर्देश दिया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग व ग्राम पंचायतों की तरफ से दवा का छिड़काव नहीं कराया, जबकि इस मद का भुगतान करा लिया गया है। इस मामले की सच्चाई तब सामने आई, जब सुकरौली के तत्कालीन सीएचसी प्रभारी डॉ. स्वप्निल श्रीवास्तव ने जांच पड़ताल शुरू की। उन्होंने बीडीओ समेत सीएमओ और अन्य अफसरों को अवगत कराकर जिम्मेदारों को नोटिस भेजा था, लेकिन स्थानांतरण होने के बाद जांच प्रक्रिया फाइलों में रह गई। इस संबंध में स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. हेमंत वर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया से इस मामले की जानकारी मिली थी। मैं विशुनपुरा में था। इस प्रकरण में भुगतान हुआ है, लेकिन कितना हुआ है, इसकी सही जानकारी रिकॉर्ड देखकर ही बता पाएंगे।
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