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सात एएनएम सेंटर व दो प्रसव केंद्र बदहाल
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Thu, 21 Dec 2017 11:57 PM IST
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बदहाल एएनएम सेंटर।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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जटहां बाजार। कुश्ाीनगर के विशुनपुरा क्षेत्र के कई एएनएम सेंटर बदहाली के शिकार हैं। इस ब्लॉक के 22 केंद्रों में सात से ज्यादा जर्जर हो गए हैं। इसके अलावा इनमें से दो प्रसव केंद्र भी बदहाल हैं, लेकिन इन्हें दुरुस्त नहीं कराया जा रहा है।
सीएचसी विशुनपुरा के अंतर्गत कुल 22 एएनएम सेंटर बने हैं, लेकिन विभागीय उपेक्षा और एएनएम के इन केंद्रों पर न रहने की वजह से बदहाल हो गए हैं। इन केंद्रों पर नवजात, शिशुओं और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण सहित अन्य जांच का प्राविधान है। एएनएम अपने केंद्रों पर नहीं जातीं।
क्षेत्र के माघी मठिया, रोंआरी, पिपरा बाजार, बलकुड़िया, मोजहिदा, सिसवा गोइती, चिरगोड़ा, मनिकौरा आदि गावों में बने एएनएम सेंटर जर्जर और बदहाल हो गए हैं। अव्यवस्था के कारण इन केंद्रों पर कोई बैठ नहीं सकता है। वहीं पिपरा बाजार, सिसवा गोईती और जटहां बाजार में प्रसव केंद्र बनाए गए हैं। उनके भवन जर्जर हो गए हैं तथा उचित रख रखाव के अभाव में वहां गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराना सुरक्षित नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक एएनएम केंद्रों के रखरखाव के लिए प्रति वर्ष दस हजार रुपये प्रधान और एएनएम के संयुक्त खाते में भेजा जाता है, लेकिन उसका भी सदुपयोग नहीं होता।
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इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉक्टर हरिपाल विश्वकर्मा का कहना है कि जो भी जर्जर भवन हैं, उनकी मरम्मत के लिए सीएमओ को पत्र भेज दिया गया है।
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सीएचसी विशुनपुरा के अंतर्गत कुल 22 एएनएम सेंटर बने हैं, लेकिन विभागीय उपेक्षा और एएनएम के इन केंद्रों पर न रहने की वजह से बदहाल हो गए हैं। इन केंद्रों पर नवजात, शिशुओं और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण सहित अन्य जांच का प्राविधान है। एएनएम अपने केंद्रों पर नहीं जातीं।
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क्षेत्र के माघी मठिया, रोंआरी, पिपरा बाजार, बलकुड़िया, मोजहिदा, सिसवा गोइती, चिरगोड़ा, मनिकौरा आदि गावों में बने एएनएम सेंटर जर्जर और बदहाल हो गए हैं। अव्यवस्था के कारण इन केंद्रों पर कोई बैठ नहीं सकता है। वहीं पिपरा बाजार, सिसवा गोईती और जटहां बाजार में प्रसव केंद्र बनाए गए हैं। उनके भवन जर्जर हो गए हैं तथा उचित रख रखाव के अभाव में वहां गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराना सुरक्षित नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक एएनएम केंद्रों के रखरखाव के लिए प्रति वर्ष दस हजार रुपये प्रधान और एएनएम के संयुक्त खाते में भेजा जाता है, लेकिन उसका भी सदुपयोग नहीं होता।
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इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉक्टर हरिपाल विश्वकर्मा का कहना है कि जो भी जर्जर भवन हैं, उनकी मरम्मत के लिए सीएमओ को पत्र भेज दिया गया है।