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Kushinagar News: आंगनबाड़ी भवन निर्माण में बाधा उत्पन्न करने वाले ग्राम प्रधानों का वित्तीय पावर सीज करें
Sat, 27 Sep 2025 10:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 27 Sep 2025 10:16 PM IST
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पडरौना। कलक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को सीडीओ की अध्यक्षता में विकास कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक हुई। इसमें सामूहिक विवाह योजना, आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, क्रॉप सर्वे आदि की समीक्षा की गई। बैठक में सीडीओ ने आंगनबाड़ी भवन निर्माण में अवरोध उत्पन्न करने वाले ग्राम प्रधानों पर कार्रवाई कर उनका वित्तीय पावर सीज करने और इसमें लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए निर्देश दिए।
सीडीओ ने सबसे पहले सामूहिक विवाह के लिए स्थल चयन, लाभार्थियों की संख्या आदि की समीक्षा की। उन्होंने बीडीओ को निर्देश दिया कि ब्लॉक से 50 से कम लाभार्थियों की संख्या होने पर पात्र लाभार्थियों से आवेदन लेकर दो से तीन दिन के अंदर लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया पूरा करा लें। आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण की समीक्षा दौरान डीपीओ एके दूबे ने बताया कि वर्ष 2022-23 एवं 2024 -25 में 85 केंद्र का निर्माण होना था। इसमें से अब तक केवल दो केंद्र का निर्माण कार्य पूरा हो सका है, जबकि 16 केंद्रों का निर्माण अभी तक शुरू ही नही हुआ है। इस पर सीडीओ गुंजन द्विवेदी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि ग्राम प्रधान स्तर से निर्माण कार्य में अवरोध है तो संबंधित ग्राम प्रधान का वित्तीय अधिकार सीज करें। यदि विभागीय या अन्य के स्तर से निर्माण कार्य में अवरोध उत्पन्न हो रहा तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। सीडीओ ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के लिए शासन की गाइड लाइन अनुसार निर्विवाद स्थल का चयन होना था, तो बाद में निर्माण स्थल का बदलाव क्यों हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिनके स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए भूमि का प्रस्ताव भेजा गया है उस पर कार्रवाई किए बिना अब स्थल चेंज नहीं होगा। क्रॉप सर्वे की समीक्षा के दौरान जिले की स्थिति अत्यंत खराब मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। सीडीओ ने कहा कि 493 रोजगार सेवकों के सापेक्ष 446 के द्वारा ही कार्य किया जा रहा है, ऐसे में जिनके द्वारा कार्य नहीं किए जा रहे हैं उनकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान पीडी पीयूष, डीडीओ अरुण कुमार पांडेय, डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी आदि मौजूद रहे।
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सीडीओ ने सबसे पहले सामूहिक विवाह के लिए स्थल चयन, लाभार्थियों की संख्या आदि की समीक्षा की। उन्होंने बीडीओ को निर्देश दिया कि ब्लॉक से 50 से कम लाभार्थियों की संख्या होने पर पात्र लाभार्थियों से आवेदन लेकर दो से तीन दिन के अंदर लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया पूरा करा लें। आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण की समीक्षा दौरान डीपीओ एके दूबे ने बताया कि वर्ष 2022-23 एवं 2024 -25 में 85 केंद्र का निर्माण होना था। इसमें से अब तक केवल दो केंद्र का निर्माण कार्य पूरा हो सका है, जबकि 16 केंद्रों का निर्माण अभी तक शुरू ही नही हुआ है। इस पर सीडीओ गुंजन द्विवेदी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि ग्राम प्रधान स्तर से निर्माण कार्य में अवरोध है तो संबंधित ग्राम प्रधान का वित्तीय अधिकार सीज करें। यदि विभागीय या अन्य के स्तर से निर्माण कार्य में अवरोध उत्पन्न हो रहा तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। सीडीओ ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के लिए शासन की गाइड लाइन अनुसार निर्विवाद स्थल का चयन होना था, तो बाद में निर्माण स्थल का बदलाव क्यों हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिनके स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए भूमि का प्रस्ताव भेजा गया है उस पर कार्रवाई किए बिना अब स्थल चेंज नहीं होगा। क्रॉप सर्वे की समीक्षा के दौरान जिले की स्थिति अत्यंत खराब मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। सीडीओ ने कहा कि 493 रोजगार सेवकों के सापेक्ष 446 के द्वारा ही कार्य किया जा रहा है, ऐसे में जिनके द्वारा कार्य नहीं किए जा रहे हैं उनकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
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इस दौरान पीडी पीयूष, डीडीओ अरुण कुमार पांडेय, डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी आदि मौजूद रहे।