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पनियहवा में 100 एकड़ भूमि की तलाश शुरू
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पनियहवा में 100 एकड़ भूमि की तलाश शुरू
पडरौना। जिले के बिहार सीमा पर चिकित्सा, शिक्षा और कृषि मंडी की विशेष व्यवस्था होगी। करीब सौ एकड़ भूमि में मॉल, मंडी बनाने के अलावा अस्पताल बनाया जाएगा। शासन से पत्राचार के बाद अधिकारियों ने जमीन की तलाश तेज कर दी है। पनियहवा के बिहार सीमा से लगी रेलवे लाइन, राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे 100 एकड़ जमीन की तलाश शुरू हो गई है। जमीन की प्रक्रिया पूरी होते ही मॉल, चिकित्सा, शिक्षा के लिए संस्थान व मंडी समिति बनाकर लोगों को लाभ देने की योजना पर काम शुरू हो जाएगा।
प्रदेश की सीमा नेपाल और बिहार से सटे है। सीमाई क्षेत्रों के लोग खरीदारी सहित अन्य जरूरतों के लिए यूपी में आते हैं। बिहार के लोग कुशीनगर से लेकर गोरखपुर तक यात्रा करते हैं। बिहार सीमा से होकर लोग नेपाल भी आवागमन करते हैं। नेपाल और बिहार सीमा पर बसे लोगों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें, उसके लिए मई माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल और बिहार के सीमावर्ती जिलों में मॉल व अस्पताल बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। सीमा पर मॉल, अस्पताल, स्कूल और शिक्षा के लिए संस्थान खोले जाने से क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ सीमा के आसपास रहने वाले लोगों को फायदा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, शामली, गाजियाबाद, सहारनपुर, पीलीभीत, मुरादाबाद, बिजनौर, झांसी, सोनभद्र, महोबा, रामपुर, इटावा, अलीगढ़, बांदा, ललितपुर, आगरा, जालौन, मथुरा, बहराइच, बलरामपुर, लखीमपुर खीरी, गौतमबुद्धनगर, बागपत, मिर्जापुर, प्रयागराज, मुजफ्फरनगर, बरेली, बलिया, चंदौली, गाजीपुर सहित अन्य जिलों में करीब सौ एकड़ भूमि की तलाश करने जिम्मेदारी जिलाधिकारियों को सौंपी है।
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प्रदेश सरकार की ओर से बिहार सीमा से सटे विधानसभा क्षेत्रों में इस तरह की योजना है। इसके लिए जिले के तमकुही और खड्डा क्षेत्र को चुना गया है। खड्डा में मॉल और अस्पताल बनाने के लिए चार जगहों पर जमीन देखी गई है। शीघ्र ही प्रक्रिया पूरी करके जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
- विवेकानंद पांडेय, विधायक, खड्डा
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पडरौना। जिले के बिहार सीमा पर चिकित्सा, शिक्षा और कृषि मंडी की विशेष व्यवस्था होगी। करीब सौ एकड़ भूमि में मॉल, मंडी बनाने के अलावा अस्पताल बनाया जाएगा। शासन से पत्राचार के बाद अधिकारियों ने जमीन की तलाश तेज कर दी है। पनियहवा के बिहार सीमा से लगी रेलवे लाइन, राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे 100 एकड़ जमीन की तलाश शुरू हो गई है। जमीन की प्रक्रिया पूरी होते ही मॉल, चिकित्सा, शिक्षा के लिए संस्थान व मंडी समिति बनाकर लोगों को लाभ देने की योजना पर काम शुरू हो जाएगा।
प्रदेश की सीमा नेपाल और बिहार से सटे है। सीमाई क्षेत्रों के लोग खरीदारी सहित अन्य जरूरतों के लिए यूपी में आते हैं। बिहार के लोग कुशीनगर से लेकर गोरखपुर तक यात्रा करते हैं। बिहार सीमा से होकर लोग नेपाल भी आवागमन करते हैं। नेपाल और बिहार सीमा पर बसे लोगों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें, उसके लिए मई माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल और बिहार के सीमावर्ती जिलों में मॉल व अस्पताल बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। सीमा पर मॉल, अस्पताल, स्कूल और शिक्षा के लिए संस्थान खोले जाने से क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ सीमा के आसपास रहने वाले लोगों को फायदा मिलेगा।
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मुख्यमंत्री ने कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, शामली, गाजियाबाद, सहारनपुर, पीलीभीत, मुरादाबाद, बिजनौर, झांसी, सोनभद्र, महोबा, रामपुर, इटावा, अलीगढ़, बांदा, ललितपुर, आगरा, जालौन, मथुरा, बहराइच, बलरामपुर, लखीमपुर खीरी, गौतमबुद्धनगर, बागपत, मिर्जापुर, प्रयागराज, मुजफ्फरनगर, बरेली, बलिया, चंदौली, गाजीपुर सहित अन्य जिलों में करीब सौ एकड़ भूमि की तलाश करने जिम्मेदारी जिलाधिकारियों को सौंपी है।
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प्रदेश सरकार की ओर से बिहार सीमा से सटे विधानसभा क्षेत्रों में इस तरह की योजना है। इसके लिए जिले के तमकुही और खड्डा क्षेत्र को चुना गया है। खड्डा में मॉल और अस्पताल बनाने के लिए चार जगहों पर जमीन देखी गई है। शीघ्र ही प्रक्रिया पूरी करके जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
- विवेकानंद पांडेय, विधायक, खड्डा