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ठोकर का काम पूरा होने पर बाढ़ से होगा बचाव
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ठोकर का काम पूरा होने पर बाढ़ से होगा बचाव
एपी बांध पर आठ करोड़ 53 लाख तीन हजार की लागत से चल रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। क्षेत्र के बिनटोली गांव के सामने एपी बांध पर चल रहा ठोकर पुनर्स्थापना का काम अब पूरा होने के करीब है। इसका निर्माण आठ करोड़ 53 लाख तीन हजार रुपये की लागत से चल रहा है। इसके पूर्ण हो जाने से गंडक नदी की बाढ़ से बचाव में मदद मिलेगी।
एपी बांध पर किलोमीटर 1.480 पर बना ठोकर जुलाई 2020 में नदी की कटान की जद में आ गया था। इससे बिनटोली, घघवा जगदीश, भगवानपुर, डुमरिया टोला, जंगलीपट्टी सहित कई गांवों में अफरा तफरी मच गई थी। हालांकि उस समय इन गांवों को बचा लिया गया था। बाद में बाढ़ खंड के प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार ने इस जर्जर ठोकर की पुनर्स्थापना के लिए नाबार्ड से आठ करोड़ 53 लाख तीन हजार रुपये की स्वीकृति दी। यही नहीं इस ठोकर (स्पर) के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ने तीन फरवरी 2021 को ही इसका शिलान्यास कर दिया था। ठोकर की पुनर्स्थापना का कार्य सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन किन्हीं कारणों से 2021 में यह कार्य नहीं कराया जा सका।
इस साल मार्च 2022 से ठोकर पुनर्स्थापना का कार्य शुरू हुआ, जो अब पूरा होने के कगार पर पहुंच गया है। इसके ठोकर के नोज, स्लोप और दोनों तरफ बोल्डर की लांचिंग का कार्य पूरा करा लिया गया है और अब उस पर खड़ंजा बिछाया जा रहा है।
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ग्रामीण मथुरा सिंह, शंकर साहनी, प्रभुनाथ यादव, जालंधर साह, शैलेंद्र चौहान, संजय सिंह, बृजकिशोर साहनी ने बताया कि ठोकर की मजबूती पर ही चैनपट्टी, घघवा जगदीश, जवही दयाल, जंगलीपट्टी सहित कई गांवों की सुरक्षा निर्भर करती है। पिछले साल 15 जून के बाद ही गंडक में चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ दिया गया था, लेकिन इस साल गनीमत है कि अभी तक वाल्मीकि नगर बैराज से गंडक में भारी मात्रा में पानी नहीं छोड़ा गया है और न ही भारी बारिश ही हुई है। बहरहाल, ठोकर की पुनर्स्थापना से क्षेत्र के गांवों को बाढ़ से बचाव में मदद मिलेगी।
बाढ़ खंड तृतीय के सहायक अभियंता एसके प्रियदर्शी का कहना है कि ठोकर पुनर्स्थापना का कार्य अब एक सप्ताह के भीतर ही पूरा कर लिया जाएगा।
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एपी बांध पर आठ करोड़ 53 लाख तीन हजार की लागत से चल रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। क्षेत्र के बिनटोली गांव के सामने एपी बांध पर चल रहा ठोकर पुनर्स्थापना का काम अब पूरा होने के करीब है। इसका निर्माण आठ करोड़ 53 लाख तीन हजार रुपये की लागत से चल रहा है। इसके पूर्ण हो जाने से गंडक नदी की बाढ़ से बचाव में मदद मिलेगी।
एपी बांध पर किलोमीटर 1.480 पर बना ठोकर जुलाई 2020 में नदी की कटान की जद में आ गया था। इससे बिनटोली, घघवा जगदीश, भगवानपुर, डुमरिया टोला, जंगलीपट्टी सहित कई गांवों में अफरा तफरी मच गई थी। हालांकि उस समय इन गांवों को बचा लिया गया था। बाद में बाढ़ खंड के प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार ने इस जर्जर ठोकर की पुनर्स्थापना के लिए नाबार्ड से आठ करोड़ 53 लाख तीन हजार रुपये की स्वीकृति दी। यही नहीं इस ठोकर (स्पर) के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ने तीन फरवरी 2021 को ही इसका शिलान्यास कर दिया था। ठोकर की पुनर्स्थापना का कार्य सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन किन्हीं कारणों से 2021 में यह कार्य नहीं कराया जा सका।
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इस साल मार्च 2022 से ठोकर पुनर्स्थापना का कार्य शुरू हुआ, जो अब पूरा होने के कगार पर पहुंच गया है। इसके ठोकर के नोज, स्लोप और दोनों तरफ बोल्डर की लांचिंग का कार्य पूरा करा लिया गया है और अब उस पर खड़ंजा बिछाया जा रहा है।
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ग्रामीण मथुरा सिंह, शंकर साहनी, प्रभुनाथ यादव, जालंधर साह, शैलेंद्र चौहान, संजय सिंह, बृजकिशोर साहनी ने बताया कि ठोकर की मजबूती पर ही चैनपट्टी, घघवा जगदीश, जवही दयाल, जंगलीपट्टी सहित कई गांवों की सुरक्षा निर्भर करती है। पिछले साल 15 जून के बाद ही गंडक में चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ दिया गया था, लेकिन इस साल गनीमत है कि अभी तक वाल्मीकि नगर बैराज से गंडक में भारी मात्रा में पानी नहीं छोड़ा गया है और न ही भारी बारिश ही हुई है। बहरहाल, ठोकर की पुनर्स्थापना से क्षेत्र के गांवों को बाढ़ से बचाव में मदद मिलेगी।
बाढ़ खंड तृतीय के सहायक अभियंता एसके प्रियदर्शी का कहना है कि ठोकर पुनर्स्थापना का कार्य अब एक सप्ताह के भीतर ही पूरा कर लिया जाएगा।