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Kushinagar News: डीएनए जांच के लिए योगेश के पिता का लिया नमूना, रहस्य से उठेगा पर्दा

Mon, 06 Jul 2026 01:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Mon, 06 Jul 2026 01:35 AM IST
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Sample collected from Yogesh's father for DNA testing; mystery to be unravelled.
सुकरौली। धनहा निवासी सफाईकर्मी योगेश की मौत उलझी गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने उसके पिता के रक्त का नमूना लेकर डीएनए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद कंकाल वास्तव में योगेश का है या किसी अन्य व्यक्ति का। जांच रिपोर्ट का इंतजार अब परिजनों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को है। हाटा कोतवाली के धनहा निवासी और गोरखपुर नगर निगम के सफाईकर्मी योगेश की मौत का मामला हर दिन नए सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस के अनुसार, पड़री स्थित ईंट भट्ठे के समीप झाड़ियों में मिले कंकाल की पहचान 17 जून से लापता योगेश के रूप में की गई। घर वालों ने उसके कपड़ों और घटनास्थल से कुछ दूरी पर बंचरा चौराहे के पास मिली साइकिल के आधार पर पहचान की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले को उलझा दिया है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बरामद शव कम से कम 20 दिन पुराना था, जबकि योगेश महज एक सप्ताह पहले लापता हुआ था। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर झाड़ियों में मिला कंकाल वास्तव में किसका था? यदि शव 20 दिन पुराना था तो योगेश की पहचान केवल कपड़ों और साइकिल के आधार पर कैसे मान ली गई? इन सवालों ने पूरे घटनाक्रम को रहस्य में बदल दिया है।
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इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है। लोगों का कहना है कि लापता होने के बाद शुरुआती दिनों में यदि गंभीरता से तलाश की जाती तो कई अहम सुराग समय रहते मिल सकते थे। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव के 20 दिन पुराना होने की बात सामने आने के बाद भी जांच की दिशा बदलने में समय लगने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की हर परत खुलने में देरी हो रही है, जिससे रहस्य और गहराता जा रहा है।
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योगेश के पांच मासूम बच्चों और परिवार की निगाहें अब डीएनए रिपोर्ट पर टिकी हैं। यही रिपोर्ट तय करेगी कि जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह वास्तव में योगेश का था या फिर इस पूरे मामले के पीछे कोई और अनसुलझी कहानी छिपी हुई है।
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