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Kushinagar News: बारिश के पानी से धंसी सड़क, मिट्टी से भरी बोरी रखकर की मरम्मत
Sun, 08 Oct 2023 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 08 Oct 2023 12:48 AM IST
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- पिपराघाट पुल से नरवाजोत जाने वाली तीन किलोमीटर लंबी सड़क बदहाल
तमकुहीरोड। पिपराघाट स्थित पुल से नरवाजोत जाने वाली करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। बृहस्पतिवार की रात में हुई तेज बारिश से सड़क का एक हिस्सा धंस गया। सूचना पर बाढ़ खंड विभाग ने मिट्टी से भरी बोरी रखकर जैसे-तैसे उसकी मरम्मत कराई। लेकिन लोगों ने सड़क के मरम्मत कराने की मांग की है। पिपराघाट जीरो पुल से नरवाजोत जाने वाली करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क साल 2015 में गंडक नदी के भीषण कटान की भेंट चढ़ गई थी। उसके बाद लोकनिर्माण और सिंचाई विभाग ने संयुक्त रूप से करीब 42 करोड़ की लागत से साल 2016 में नई सड़क का निर्माण कराया था। इसमें सड़क निर्माण के साथ बाढ़ सुरक्षा कार्य भी शामिल थे। लेकिन हर साल आने वाली बाढ़ और भारी वाहनों की आवाजाही के चलते यह सड़क टूटती जा रही है।
समय-समय पर मरम्मत नहीं होने से इसका अधिकांश हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है। जहां रेनकट व गड्ढ़े हैं, वहां बाढ़ खंड विभाग मरम्मत करा देता है। बृहस्पतिवार की रात आई तेज बारिश में इसका एक हिस्सा धंस गया। गांव के लोगों का कहना है कि जब तक इस सड़क काे सही से मरम्मत नहीं कराया जाएगा, तब तक इस तरह के गड्ढों से निजात मिलना मुश्किल है।
जिला पंचायत सदस्य शर्मा यादव, राजेंद्र सिंह, फैयाज अहमद, मनोज गुप्ता आदि ने लोकनिर्माण विभाग से सड़क की मरम्मत कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन मृत्युंजय कुमार झा ने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत के लिए जेई को सर्वे कराने के लिए बोला गया है। सर्वे पूरा होने पर प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
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तमकुहीरोड। पिपराघाट स्थित पुल से नरवाजोत जाने वाली करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। बृहस्पतिवार की रात में हुई तेज बारिश से सड़क का एक हिस्सा धंस गया। सूचना पर बाढ़ खंड विभाग ने मिट्टी से भरी बोरी रखकर जैसे-तैसे उसकी मरम्मत कराई। लेकिन लोगों ने सड़क के मरम्मत कराने की मांग की है। पिपराघाट जीरो पुल से नरवाजोत जाने वाली करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क साल 2015 में गंडक नदी के भीषण कटान की भेंट चढ़ गई थी। उसके बाद लोकनिर्माण और सिंचाई विभाग ने संयुक्त रूप से करीब 42 करोड़ की लागत से साल 2016 में नई सड़क का निर्माण कराया था। इसमें सड़क निर्माण के साथ बाढ़ सुरक्षा कार्य भी शामिल थे। लेकिन हर साल आने वाली बाढ़ और भारी वाहनों की आवाजाही के चलते यह सड़क टूटती जा रही है।
समय-समय पर मरम्मत नहीं होने से इसका अधिकांश हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है। जहां रेनकट व गड्ढ़े हैं, वहां बाढ़ खंड विभाग मरम्मत करा देता है। बृहस्पतिवार की रात आई तेज बारिश में इसका एक हिस्सा धंस गया। गांव के लोगों का कहना है कि जब तक इस सड़क काे सही से मरम्मत नहीं कराया जाएगा, तब तक इस तरह के गड्ढों से निजात मिलना मुश्किल है।
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जिला पंचायत सदस्य शर्मा यादव, राजेंद्र सिंह, फैयाज अहमद, मनोज गुप्ता आदि ने लोकनिर्माण विभाग से सड़क की मरम्मत कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन मृत्युंजय कुमार झा ने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत के लिए जेई को सर्वे कराने के लिए बोला गया है। सर्वे पूरा होने पर प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
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