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Kushinagar News: नदी की बैकरोलिंग से कटान का खतरा बढ़ा

Sun, 18 Aug 2024 03:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 18 Aug 2024 03:19 AM IST
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Risk of erosion increases due to backrolling of the river
तमकुहीरोड। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर नदी का डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक से नीचे आ गया है। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण बड़ी गंडक नदी लगातार बैकरोलिंग कर रही है। इससे विरवट कोन्हवलिया समेत कई जगहों पर कटान का खतरा बढ़ गया है। एपी बांध के कट एंड वन से कट एंड टू के बीच ऐसे कई ठोकर हैं, जिससे नदी टकरा रही है। लोगों का कहना है कि अगर सावधानी नहीं बरती गई तो ठोकर के साथ बांध की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
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नदी के जलस्तर में कमी होने के बाद नरवाजोत से लगायत अहिरौलीदान के बीच पिपराघाट, जवही दयाल, मुसहर टोला, विरवट कोन्हवलिया, बांकखास, नोनियापट्टी, बाघाचौर, कचहरी टोला गांव के सामने नदी बैकरोलिंग कर रही है। सबसे अधिक खतरा जवही दयाल किमी 4.500 से विरवट कोन्हवलिया किमी 7.000 (कट एंड वन से कट एंड टू के बीच) बना है, जहां कई छोटे ठोकर कटान की जद में आ गए हैं। यही नहीं, इस क्षेत्र में नदी खेत में बोई गई धान व गन्ने की फसल को लगातार काटकर अपनी आगोश में ले रही है।
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शुक्रवार को नदी ने एक ठोकर के नोज को क्षतिग्रस्त कर दिया था। बाढ़ खंड की ओर से उसकी मरम्मत करा दी गई। अभी भी कई ठोकरों पर दबाव है। गांव के प्रदीप सिंह, संतोष शर्मा, गौतम सिंह, रोहित यादव, बीरबल शर्मा, मनीष सिंह, मुन्ना यादव, हरकेश कुशवाहा, राजू गुप्ता, भगत यादव आदि का कहना है कि इस साल नदी का प्रकोप इस क्षेत्र में कुछ ज्यादा ही है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। अभी भी कई जगहों पर खतरा बना हुआ है।
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ऐसे में अगर समय रहते सावधानी बरतते हुए सभी संवेदनशील स्थानों को सुरक्षित नहीं किया गया तो ठोकर के साथ बांध की सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। हालांकि, इस खतरे को भांपते हुए बाढ़ खंड के जेई चंद्रप्रकाश, रमेशधर दुबे, सुनील यादव, विनोद शर्मा, रामचंद्र प्रसाद आदि लगातार तटबंधों की निगरानी में लगे हुए हैं। इस संबंध में एसडीओ रमेश यादव ने बताया कि विभाग किसी प्रकार के खतरे से निपटने को तैयार है और तटबंधों पर सभी संवेदनशील जगहों की निगरानी की जा रही है।
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