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Kushinagar News: खाद वितरण में धांधली, सचिवों और दुकानदारों पर लटकी कार्रवाई की तलवार
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संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। खाद वितरण में हो रही लापरवाही पर जिला प्रशासन की तरफ से कार्रवाई शुरू हो गई है। एक माह में पांच बोरी से अधिक यूरिया लेने वाले किसान और बिक्री करने वाली समिति व दुकानदारों की जांच विभागीय स्तर से की जा रही है।
इसके अलावा यूरिया लेते समय किसानों की तरफ से प्रस्तुत की जा रही खतौनी की जांच राजस्व विभाग से कराई जा रही है। प्राथमिक जांच में कई अनियमितता भी मिली है। जांच शुरू होते ही कई दुकानदार और सचिवों के कान खड़े हो गए हैं। खाद्य वितरण में धांधली करने वाले सचिव और दुकानदारों पर कार्रवाई की तैयारी लटकी है।
धान की रोपाई के करीब एक माह बाद फसल में यूरिया खाद डाली जाती है। इस दौरान खाद लेने के लिए सहकारी समितियों पर किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। समितियों पर यूरिया समाप्त होने से पहले खाद पाने के लिए मारामारी मच रही है। सुबह से दोपहर तक जिन किसानों को खाद मिल पाया वह भी फसल के हिसाब से कम बता रहे थे। पर्याप्त खाद नहीं मिलने से किसान परेशान थे। जिले के हर समितियों पर खाद का संकट देखने को मिलने लगा।
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दो बार कुशीनगर में कृषि मंत्री को आकर खाद वितरण में आ रही धांधली की जांच करनी पड़ी। इसके बावजूद मामला पटरी पर नहीं आ रहा है। समितियों पर किसानों की भीड़ को देखते हुए समितियों की तरफ से उपलब्धता के अनुसार एक-एक बोरी ही यूरिया खाद मिल रहा था। जिले में यूरिया की कालाबाजारी, ओवर रेटिंग और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए तहसील स्तरीय जांच टीम गठित कर जांच कराई जा रही है।
सूत्रों की मानें तो राजस्व विभाग की जांच में अनियमितता भी सामने आई है। कई किसान ऐसे हैं जिनके पास महज तीन से चार बीघा खेत है, लेकिन जुलाई में 37 बोरी अलग-अलग दुकानों से यूरिया की खरीद की है।
डीएम के निर्देश पर शुरू हुई जांच के बाद समिति के सचिव और निजी दुकानदार सतर्क हो गए हैं। यूरिया वितरण में धांधली और अनियमितता बरतने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है।
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पडरौना। खाद वितरण में हो रही लापरवाही पर जिला प्रशासन की तरफ से कार्रवाई शुरू हो गई है। एक माह में पांच बोरी से अधिक यूरिया लेने वाले किसान और बिक्री करने वाली समिति व दुकानदारों की जांच विभागीय स्तर से की जा रही है।
इसके अलावा यूरिया लेते समय किसानों की तरफ से प्रस्तुत की जा रही खतौनी की जांच राजस्व विभाग से कराई जा रही है। प्राथमिक जांच में कई अनियमितता भी मिली है। जांच शुरू होते ही कई दुकानदार और सचिवों के कान खड़े हो गए हैं। खाद्य वितरण में धांधली करने वाले सचिव और दुकानदारों पर कार्रवाई की तैयारी लटकी है।
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धान की रोपाई के करीब एक माह बाद फसल में यूरिया खाद डाली जाती है। इस दौरान खाद लेने के लिए सहकारी समितियों पर किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। समितियों पर यूरिया समाप्त होने से पहले खाद पाने के लिए मारामारी मच रही है। सुबह से दोपहर तक जिन किसानों को खाद मिल पाया वह भी फसल के हिसाब से कम बता रहे थे। पर्याप्त खाद नहीं मिलने से किसान परेशान थे। जिले के हर समितियों पर खाद का संकट देखने को मिलने लगा।
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दो बार कुशीनगर में कृषि मंत्री को आकर खाद वितरण में आ रही धांधली की जांच करनी पड़ी। इसके बावजूद मामला पटरी पर नहीं आ रहा है। समितियों पर किसानों की भीड़ को देखते हुए समितियों की तरफ से उपलब्धता के अनुसार एक-एक बोरी ही यूरिया खाद मिल रहा था। जिले में यूरिया की कालाबाजारी, ओवर रेटिंग और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए तहसील स्तरीय जांच टीम गठित कर जांच कराई जा रही है।
सूत्रों की मानें तो राजस्व विभाग की जांच में अनियमितता भी सामने आई है। कई किसान ऐसे हैं जिनके पास महज तीन से चार बीघा खेत है, लेकिन जुलाई में 37 बोरी अलग-अलग दुकानों से यूरिया की खरीद की है।
डीएम के निर्देश पर शुरू हुई जांच के बाद समिति के सचिव और निजी दुकानदार सतर्क हो गए हैं। यूरिया वितरण में धांधली और अनियमितता बरतने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है।