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Kushinagar News: गांगरानी में पहुंचे रेंजर, लोगों को दी तसल्ली
Sun, 14 Jul 2024 03:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 14 Jul 2024 03:25 AM IST
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पडरौना। शहर के करीब गांगरानी में छह फीट के कोबरा सहित लगभग सामान आकार के उनके बच्चे मिलने के बाद विशेषज्ञ भी मंथन कर रहे हैं। गांगरानी में शनिवार को वन विभाग के रेंजर सत्येंद्र कुमार भी पहुंचे। उन्होंने लोगों को तसल्ली दी। विशेषज्ञों के अनुसार जहां 150 से अधिक सांपों के बच्चे मिले हैं, वहां दो या तीन नागिन रही होगी, क्योंकि एक नागिन के अंडे से अधिकतम 50 से 60 बच्चे हो सकते हैं।
जुलाई से सितंबर तक सांपों के ब्रिडिंग और अंडे देने का सीजन होता है। गांगरानी के फूलबदन के घर में एक ही स्थान पर 150 से अधिक सांप के बच्चे मिले हैं। गांगरानी में शनिवार को वन विभाग के रेंजर सत्येंद्र कुमार भी पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने सर्प विशेषज्ञ सुशील मिश्रा व अन्य लोगों से बातें की। सुशील कुमार ने कहा कि बिल में दो या तीन मादा रह रही होगी, हालांकि जे वे अपने नर कोबरा और अपने बच्चों को नहीं पाएगी तो यह स्थान छोड़कर चली जाएगी। हालांकि, लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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घर में बंद करा दिया सुराख
वैसे तो वन विभाग ने गांगरानी से दूरी बना ली थी, लेकिन चौथे दिन शनिवार को वन विभाग की टीम भी पहुंची। वन विभाग की टीम व विशेषज्ञों ने घर के सुराख को बंद करा दिया। वन क्षेत्राधिकारी, सतेंद्र कुमार सिंह, वन दरोगा रामध्यान पांडेय, स्नेक एक्सपर्ट सुशील मिश्रा साथी सतीश मिश्रा, टुन्नू प्रजापति ने फूलबदन निषाद को समझाया।
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जुलाई से सितंबर तक सांपों के ब्रिडिंग और अंडे देने का सीजन होता है। गांगरानी के फूलबदन के घर में एक ही स्थान पर 150 से अधिक सांप के बच्चे मिले हैं। गांगरानी में शनिवार को वन विभाग के रेंजर सत्येंद्र कुमार भी पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने सर्प विशेषज्ञ सुशील मिश्रा व अन्य लोगों से बातें की। सुशील कुमार ने कहा कि बिल में दो या तीन मादा रह रही होगी, हालांकि जे वे अपने नर कोबरा और अपने बच्चों को नहीं पाएगी तो यह स्थान छोड़कर चली जाएगी। हालांकि, लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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घर में बंद करा दिया सुराख
वैसे तो वन विभाग ने गांगरानी से दूरी बना ली थी, लेकिन चौथे दिन शनिवार को वन विभाग की टीम भी पहुंची। वन विभाग की टीम व विशेषज्ञों ने घर के सुराख को बंद करा दिया। वन क्षेत्राधिकारी, सतेंद्र कुमार सिंह, वन दरोगा रामध्यान पांडेय, स्नेक एक्सपर्ट सुशील मिश्रा साथी सतीश मिश्रा, टुन्नू प्रजापति ने फूलबदन निषाद को समझाया।
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