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मुक्केबाजी के लिए हाटा को उर्वरा बना रहे हैं राजेश
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मुक्केबाजी के लिए हाटा को उर्वरा बना रहे हैं राजेश
सीमित संसाधन में क्षेत्र से निकल रहे अच्छे खिलाड़ी
मुक्केबाजी के दम पर प्रिया को मिली अर्द्धसैनिक बल में नौकरी
संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा (कुशीनगर)। नगरपालिका हाटा क्षेत्र के राजेश गुप्ता ने अपना जीवन खेलों को समर्पित कर दिया है। उनके जुनून के आगे संसाधनों का अभाव भी आड़े नहीं आ रहा है। अभी तक उन्होंने मुक्केबाजी के क्षेत्र में कई अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के खिलाड़ी दिए है। मुक्केबाजी में शौक रखने वाले क्षेत्र के युवकों और युवतियों को वह निशुल्क प्रशिक्षण देकर क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।
हाटा नगरपालिका के देवरिया देहात निवासी 42 वर्षीय राजेश गुप्ता ने हाटा के एक छोटे से मैदान में करीब आठ वर्ष पहले क्षेत्र के लड़के-लड़कियों को मुक्केबाजी का निशुल्क प्रशिक्षण देना शुरू किया था। पहले तो खिलाड़ियों ने उस ओर कोई खास ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब उनके सिखाए खिलाड़ियों ने एक-एक कर मेडल अपने नाम करना शुरू किया तो संख्या भी बढ़ने लगी। राजेश के जुनून और खिलाड़ियों की मेहनत रंग ला रही है। इसके दम पर इस क्षेत्र के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाम मिल रहा है। अब तक की सफलता की बात करें, तो दो अंतर्राष्ट्रीय, 30 से अधिक राष्ट्रीय और राज्य स्तर के खिलाड़ी पहचान बना चुके हैं। राजेश बताते हैं कि अभी तक 800 से अधिक खिलाड़ियों को निशुल्क प्रशिक्षण दे चुके हैं।
खेल को समर्पित जीवन
मुक्केबाज कोच राजेश सामान्य परिवार से हैं, लेकिन खेल के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है। पहले प्रतिभावान बालक-बालिकाओं की तलाश करते हैं, और उन्हें मुक्केबाजी का प्रशिक्षण देते हैं। जिला से अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शामिल कराते हैं। राजेश मुक्केबाज गुरु तो हैं ही अच्छे खिलाड़ी भी रहे चुके हैं। महज 15 वर्ष की आयु से वह मध्य प्रदेश के बिलासपुर के स्टेडियम में तीन वर्षों तक बॉक्सिंग का प्रशिक्षण लेने के बाद खेल की शुरुआत किए। उसके बाद मध्य प्रदेश की टीम से वर्ष 1998-99 में मुक्केबाजी में गोल्ड मेडल जीता, फिर 2007 में कोलकाता में ब्राउंज मेडल, 2010 में असम में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं।
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प्रिया और आंचल बनाया अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज
राजेश के प्रयास से प्रिया कुशवाहा और आंचल सिंह को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। प्रिया कुशवाहा तृतीय यूथ महिला मुक्केबाजी प्रतियोगिता रुद्रपुर (उत्तराखंड) 2019 में रजत पदक जीत चुकी हैं। इंडिया कैंप में चयनित होकर 26 से 28 सितंबर चेक गणराज्य यूथ अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता के 57 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता। एक अक्तूबर 2019 को प्रिया मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल की ओर से प्रशस्ति पत्र और 50 हजार रुपये के चेक से सम्मानित हो चुकी हैं। यह दोनों खेल कोटे से अर्द्धसैनिक बल में चयनित हुई हैं। वहीं आंचल सिंह चतुर्थ यूथ महिला मुक्केबाजी राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2020-21 में सोनीपत (हरियाणा) में 52 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। यूथ एशियन दुबई चैंपियनशिप के लिए इंडिया कैंप में चयनित हुई ंहै। राजेश ने अपने बेटे राहुल गुप्ता, आइस प्रजापति, अर्पिता कुशवाहा, अपराजिता मणि, आयुषी चौहान, सोनी शर्मा, अजीत सिंह, आकाश चौहान, आदित्य चौहान, पंकज गुप्ता, वर्षा सिंह, तन्नु गौड़, पंकज बरनवाल, आकाश यादव, सोहेल खान, अर्जुन चौहान, एस. तिवारी समेत 30 से अधिक लड़के-लड़कियों को मुक्केबाज बनाए हैं।
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सीमित संसाधन में क्षेत्र से निकल रहे अच्छे खिलाड़ी
मुक्केबाजी के दम पर प्रिया को मिली अर्द्धसैनिक बल में नौकरी
संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा (कुशीनगर)। नगरपालिका हाटा क्षेत्र के राजेश गुप्ता ने अपना जीवन खेलों को समर्पित कर दिया है। उनके जुनून के आगे संसाधनों का अभाव भी आड़े नहीं आ रहा है। अभी तक उन्होंने मुक्केबाजी के क्षेत्र में कई अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के खिलाड़ी दिए है। मुक्केबाजी में शौक रखने वाले क्षेत्र के युवकों और युवतियों को वह निशुल्क प्रशिक्षण देकर क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।
हाटा नगरपालिका के देवरिया देहात निवासी 42 वर्षीय राजेश गुप्ता ने हाटा के एक छोटे से मैदान में करीब आठ वर्ष पहले क्षेत्र के लड़के-लड़कियों को मुक्केबाजी का निशुल्क प्रशिक्षण देना शुरू किया था। पहले तो खिलाड़ियों ने उस ओर कोई खास ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब उनके सिखाए खिलाड़ियों ने एक-एक कर मेडल अपने नाम करना शुरू किया तो संख्या भी बढ़ने लगी। राजेश के जुनून और खिलाड़ियों की मेहनत रंग ला रही है। इसके दम पर इस क्षेत्र के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाम मिल रहा है। अब तक की सफलता की बात करें, तो दो अंतर्राष्ट्रीय, 30 से अधिक राष्ट्रीय और राज्य स्तर के खिलाड़ी पहचान बना चुके हैं। राजेश बताते हैं कि अभी तक 800 से अधिक खिलाड़ियों को निशुल्क प्रशिक्षण दे चुके हैं।
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खेल को समर्पित जीवन
मुक्केबाज कोच राजेश सामान्य परिवार से हैं, लेकिन खेल के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है। पहले प्रतिभावान बालक-बालिकाओं की तलाश करते हैं, और उन्हें मुक्केबाजी का प्रशिक्षण देते हैं। जिला से अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शामिल कराते हैं। राजेश मुक्केबाज गुरु तो हैं ही अच्छे खिलाड़ी भी रहे चुके हैं। महज 15 वर्ष की आयु से वह मध्य प्रदेश के बिलासपुर के स्टेडियम में तीन वर्षों तक बॉक्सिंग का प्रशिक्षण लेने के बाद खेल की शुरुआत किए। उसके बाद मध्य प्रदेश की टीम से वर्ष 1998-99 में मुक्केबाजी में गोल्ड मेडल जीता, फिर 2007 में कोलकाता में ब्राउंज मेडल, 2010 में असम में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं।
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प्रिया और आंचल बनाया अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज
राजेश के प्रयास से प्रिया कुशवाहा और आंचल सिंह को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। प्रिया कुशवाहा तृतीय यूथ महिला मुक्केबाजी प्रतियोगिता रुद्रपुर (उत्तराखंड) 2019 में रजत पदक जीत चुकी हैं। इंडिया कैंप में चयनित होकर 26 से 28 सितंबर चेक गणराज्य यूथ अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता के 57 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता। एक अक्तूबर 2019 को प्रिया मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल की ओर से प्रशस्ति पत्र और 50 हजार रुपये के चेक से सम्मानित हो चुकी हैं। यह दोनों खेल कोटे से अर्द्धसैनिक बल में चयनित हुई हैं। वहीं आंचल सिंह चतुर्थ यूथ महिला मुक्केबाजी राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2020-21 में सोनीपत (हरियाणा) में 52 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। यूथ एशियन दुबई चैंपियनशिप के लिए इंडिया कैंप में चयनित हुई ंहै। राजेश ने अपने बेटे राहुल गुप्ता, आइस प्रजापति, अर्पिता कुशवाहा, अपराजिता मणि, आयुषी चौहान, सोनी शर्मा, अजीत सिंह, आकाश चौहान, आदित्य चौहान, पंकज गुप्ता, वर्षा सिंह, तन्नु गौड़, पंकज बरनवाल, आकाश यादव, सोहेल खान, अर्जुन चौहान, एस. तिवारी समेत 30 से अधिक लड़के-लड़कियों को मुक्केबाज बनाए हैं।