फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Rain raises water level of Gandak river, creates panic in coastal villages

Kushinagar News: बारिश से गंडक का जलस्तर बढ़ा, तटवर्ती गांवों में दहशत

Mon, 06 Oct 2025 01:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Mon, 06 Oct 2025 01:25 AM IST
विज्ञापन
Rain raises water level of Gandak river, creates panic in coastal villages
नरवाजोत में बांध से सटकर बहती गंडक नदी। संवाद   
तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज रविवार से एक बार फिर बढ़ना शुरू हो गया है। शनिवार को जहां नदी का डिस्चार्ज 50 से 60 हजार क्यूसेक के बीच था जो रविवार को बढ़कर 1.31 लाख क्यूसेक से अधिक हो गया।
विज्ञापन

इससे नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। आशंका है कि सोमवार को सुबह जब यह पानी सेवरही क्षेत्र में पहुुंचेगा तो बांध पर पुनः पानी का दबाव बढ़ सकता है, हालांकि किसी संभावित खतरे को देखते हुए बाढ़ खंड के अभियंताओं ने तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है।
विज्ञापन

क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के चलते रविवार से एक बार फिर गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। शनिवार को नदी का डिस्चार्ज जो 50 से 60 हजार क्यूसेक के बीच में था।
विज्ञापन
विज्ञापन

वह रविवार को सुबह छह बजे बढ़ कर 1.09 लाख क्यूसेक तो दस बजे बढ़ कर 1.31 लाख क्यूसेक से अधिक हो गया। इससे तटबंधों पर पानी का दबाव बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। इसके पहले अगस्त माह में नदी ने पिपराघाट स्थित नरवाजोत एक्सटेंशन के पास के किमी 0.500 से किमी 1.000 के बीच के पांच सौ मीटर के हिस्से को कटान के जद में ले लिया था।
इससे यहां बांध को काफी क्षति पहुंची थी और बांध को बचाने के लिए अभियंताओं को लंबे समय तक मशक्कत करनी पड़ी थी। यही नही कटान के चलते 30-40 किसानों की फसल व उपजाऊ भूमि भी नदी की धारा में विलीन हो गयी थी, लेकिन पहली सितंबर के बाद नदी की धारा बांध छोड़ कर बीच में चली गई थी, इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन भारी बारिश के बाद एक बार फिर नदी का डिस्चार्ज बढ़ने लगा है, लोगों को आशंका है कि यह पानी जब सोमवार को सेवरही क्षेत्र में पहुुंचेगा तो तटबंधों पर पानी का दबाव बढ़ सकता है।
इससे नरवाजोत स्थित किमी 1.000 और किमी 1.700 पर बने पुराने ठोकर के साथ भंगी टोला, दहारी टोला, तवकल टोला,जवही दयाल, मुसहर बस्ती और विरवट कोन्हवलिया में बांध पर बांध पर पानी का दबाव बढ़ सकता है।

क्षेत्र के मथुरा सिंह, पारस निषाद,राजेंद्र सिंह,भरत साह,गौतम सिंह, बृजकिशोर साहनी आदि ग्रामीणों का कहना है कि मानसून अब अंतिम दौर में है। ऐसे में डिस्चार्ज के बढ़ने से बांध की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इन लोगों ने विभागीय सतर्कता बनाए रखे जाने की मांग की है। इस संबंध में बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है। एहतियात के तौर पर तटबंधों की निगरानी की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed