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Kushinagar News: कुत्ता काटे तो जरूर लगवाएं रैबीज, नहीं तो तड़पकर होगी मौत

Sun, 09 Jul 2023 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 09 Jul 2023 12:11 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
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पडरौना। अगर कुत्ता काटे तो नजरअंदाज न करें। रैबीज का टीका जरूर लगवाएं। इसमें लापरवाही खुद को मौत के मुंह में धकेलना होगा। शरीर में जब रैबीज फैलेगा तो मौत ऐसी होगी कि देखने वाले भी कांप जाएंगे। हालांकि, अभी तक जिले में कुत्ते काटने से मौत का मामला सामने नहीं आया है, लेकिन इंसानों पर कुत्तों के हमलावर होने की घटनाएं जरूर बढ़ी है।
आम तौर पर लोग कुत्ता का नाखून लगने या काटने पर लोग एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं लगवाते हैं। यह लापरवाही आने वाले दिनों में उस इंसान के लिए घातक हो सकता है। जिला अस्पताल और सीएचसी पर 100 से अधिक लोगों को एंटी रैबीज डोज लग रही है। इंसानों पर कुत्ताें के हमलावर होने की वजह चाहे जो भी हो, लेकिन बचाव के लिए जागरुकता और सतर्कता जरूरी है। जिले में हर महीने 1200 से 1500 एंटी रैबीज की खपत है।
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कुत्ते के काटने पर कैसे करें बचाव
कुत्ता काटे तो घाव को साबुन से पांच से सात बार धोएं। 24 घंटे के अंदर टिटनेस का इंजेक्शन और एंटी रैबीज डोज जरूर लगवाएं। कुत्ता काटने पर पहले दिन, तीसरे दिन, पांचवें दिन और बूस्टर डोज 21वें दिन लगती है। छह माह तक इसका असर रहता है। इसके बाद कुत्ता काटे तो पुन: एंटी रैबीज लगवाना पड़ेगा। घाव पर पट्टी या किसी कपड़े से बांधे नहीं। जिस साबुन से घाव को धोएं, उस साबुन का इस्तेमाल न करें।
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बंदर, बिल्ली, कुत्ता, सियार, घोड़ा, इंसान के काटने पर भी एंटी रैबीज लगता है। इसमें से कोई भी काटे तो लापरवाही न करें। सरकारी अस्पतालों पर एंटी रैबीज निशुल्क उपलब्ध रहता है, जबकि प्राइवेट में 400 से 500 रुपये खर्च करना पड़ता है।


जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. उपेंद्र चौधरी ने बताया कि कुत्ता काटने पर एंटी रैबीज जरूर लगवाएं। अगर इंसान दांत से काटता है तो दूसरे इंसान को भी एंटी रैबीज लगवा लेना चाहिए। तत्काल तो नहीं, धीरे-धीरे इंसान के शरीर में रैबीज फैलता है। उसके बाद इसका दुष्प्रभाव दिखता है। उस स्थिति में इंसान को बचाना मुश्किल होता है। उसकी आवाज और हरकत कुत्तों से मिलती जुलती है। शरीर में तेज दर्द के साथ मौत होती है।
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