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Kushinagar News: आधार के लिए कतार...संशोधन भी दुश्वार
Sat, 18 Jan 2025 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 18 Jan 2025 12:41 AM IST
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पडरौना। जिले में आधार कार्ड बनवाना और संशोधित करना किसी मुसीबत से कम नहीं है। कड़ाके की ठंड में खाना-पीना छोड़कर लोग सुबह से ही लाइन में लग रहे हैं। दस से 15 दिन चक्कर काटने के बाद भी लोगों का आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है।
संशोधन के लिए भी उन्हें दौड़ लगानी पड़ रही है। यह हालत जिले भर के डाकघर से लेकर बैंकों तक की है। दिनभर लाइन में लगने के बाद लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
वहीं, सबसे ज्यादा समस्या महिलाओं को हो रही है जो जो छोटे बच्चों को गोद में लेकर आती हैं। कतारों में धक्के खाने के बाद काम न होने पर उन्हें लौटना पड़ रहा है। आरोप है कि आधार कार्ड बनवाने वाले कर्मचारी पहले अपने चहेतों का काम करते हैं।
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यही नहीं आधार कार्ड में संशोधन के नाम पर 100 रुपये की जगह लोगों से 200 से 300 रुपये भी लिए जा रहे हैं। उधर, लोगों को परेशानी को देखकर भी जिम्मेदार अंजान बने हैं। लोग कई किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्रों से आधार बनवाने और संशोधन कराने पहुंच रहे हैं, लेकिन रोजाना मायूस होकर लौटना पड़ता है।
शुक्रवार को भी पडरौना के मुख्य डाकघर पर यही स्थिति मिली। सुबह से ही लोग आधार बनवाने को लाइन में लगे नजर आए। मुख्य डाकघर के बाहर लाइन में खड़े कठकुईयां के प्रेम सागर, बांसगांव के जलालुदीन ने बताया कि वे आधार कार्ड बनवाने के लिए चार दिन से दौड़ रहे हैं। लाइन में लगने के बाद उनका नंबर नहीं आ रहा है। शुक्रवार सुबह 5:30 बजे ही आकर लाइन में लग गया हूं। सुबह के 10:45 बज चुके हैं, लेकिन अभी तक आधार बनवाने वाले कोई नहीं आया हैं। वहीं लीलाधर छपरा के परमा यादव व आधार छपरा व बांसगांव के फारूख अंसारी ने कहा कि बीते पांच दिन से आधार बनवाने के लिए दौड़ रहा हूं। आज सुबह छह बजे ही डाकघर पहुंचा था। लेकिन अभी तक आधार बनाने वाले कर्मचारी नहीं आए।
इन कार्यों के लिए जरूरी आधार कार्ड : शासन ने राशन कार्ड और डीबीटी, अपार आईडी समेत विभिन्न कार्यों में आधार कार्ड अनिवार्य किया है। वर्तमान में राशन कार्ड के यूनिटों की ई-केवाईसी हो रही है। इसके अलावा छात्रों की यूनिफॉर्म डीबीटी के माध्यम से खाते में पहुंचती है। इसके लिए भी आधार अनिवार्य है। ्
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संशोधन के लिए भी उन्हें दौड़ लगानी पड़ रही है। यह हालत जिले भर के डाकघर से लेकर बैंकों तक की है। दिनभर लाइन में लगने के बाद लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
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वहीं, सबसे ज्यादा समस्या महिलाओं को हो रही है जो जो छोटे बच्चों को गोद में लेकर आती हैं। कतारों में धक्के खाने के बाद काम न होने पर उन्हें लौटना पड़ रहा है। आरोप है कि आधार कार्ड बनवाने वाले कर्मचारी पहले अपने चहेतों का काम करते हैं।
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यही नहीं आधार कार्ड में संशोधन के नाम पर 100 रुपये की जगह लोगों से 200 से 300 रुपये भी लिए जा रहे हैं। उधर, लोगों को परेशानी को देखकर भी जिम्मेदार अंजान बने हैं। लोग कई किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्रों से आधार बनवाने और संशोधन कराने पहुंच रहे हैं, लेकिन रोजाना मायूस होकर लौटना पड़ता है।
शुक्रवार को भी पडरौना के मुख्य डाकघर पर यही स्थिति मिली। सुबह से ही लोग आधार बनवाने को लाइन में लगे नजर आए। मुख्य डाकघर के बाहर लाइन में खड़े कठकुईयां के प्रेम सागर, बांसगांव के जलालुदीन ने बताया कि वे आधार कार्ड बनवाने के लिए चार दिन से दौड़ रहे हैं। लाइन में लगने के बाद उनका नंबर नहीं आ रहा है। शुक्रवार सुबह 5:30 बजे ही आकर लाइन में लग गया हूं। सुबह के 10:45 बज चुके हैं, लेकिन अभी तक आधार बनवाने वाले कोई नहीं आया हैं। वहीं लीलाधर छपरा के परमा यादव व आधार छपरा व बांसगांव के फारूख अंसारी ने कहा कि बीते पांच दिन से आधार बनवाने के लिए दौड़ रहा हूं। आज सुबह छह बजे ही डाकघर पहुंचा था। लेकिन अभी तक आधार बनाने वाले कर्मचारी नहीं आए।
इन कार्यों के लिए जरूरी आधार कार्ड : शासन ने राशन कार्ड और डीबीटी, अपार आईडी समेत विभिन्न कार्यों में आधार कार्ड अनिवार्य किया है। वर्तमान में राशन कार्ड के यूनिटों की ई-केवाईसी हो रही है। इसके अलावा छात्रों की यूनिफॉर्म डीबीटी के माध्यम से खाते में पहुंचती है। इसके लिए भी आधार अनिवार्य है। ्